बलूचिस्तान के हब जिले में स्थित हब कोह इलाके में एक औद्योगिक परियोजना स्थल को निशाना बनाकर भारी तोड़फोड़ की गई है। इस कार्रवाई की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने स्वीकार की है। संगठन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 15 जुलाई की देर रात उनके लड़ाकों ने इस विशेष अभियान को अंजाम दिया और मौके पर मौजूद निर्माण उपकरणों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
15 जुलाई की रात हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी
संगठन के प्रवक्ता आजाद बलोच द्वारा 28 जुलाई को जारी किए गए लिखित बयान में इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की गई। बयान के अनुसार, यह कार्रवाई 15 जुलाई की रात लगभग 11 बजे अंजाम दी गई थी। रणनीति के तहत लड़ाके पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार हब कोह स्थित परियोजना स्थल पर पहुंचे। वहां तैनात भारी उपकरणों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी गई। इस अग्निकांड में एक एक्सकेवेटर समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मशीनें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। कार्रवाई को पूरा करने के बाद सभी लड़ाके सुरक्षित तरीके से वहां से निकलने में कामयाब रहे।
आम नागरिकों की सुरक्षा और युद्ध के सिद्धांतों का दावा
अपने वक्तव्य में संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि इस सैन्य अभियान के दौरान युद्ध के निर्धारित नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया। बयान में कहा गया कि लड़ाकों ने किसी भी आम नागरिक या स्थानीय निवासी को नुकसान नहीं पहुंचाया। संगठन का तर्क है कि उनका विरोध केवल उन विकास और खनन परियोजनाओं से है जिन्हें वे राज्य द्वारा बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का जरिया मानते हैं। इसी नीति के तहत केवल मशीनों और बुनियादी ढांचे को ही निशाना बनाया गया।
हब कोह का रणनीतिक महत्व और भौगोलिक स्थिति
हब कोह क्षेत्र बलूचिस्तान के हब जिले में स्थित एक पहाड़ी और प्रमुख औद्योगिक पट्टी है। भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से यह इलाका बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह कराची शहर को बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क प्रणाली के पास स्थित है। इस क्षेत्र में खनन कार्यों के अलावा कई बड़े कारखाने, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और औद्योगिक गतिविधियां लगातार संचालित होती रहती हैं। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की उथल-पुथल से प्रांतीय और अंतर-प्रांतीय व्यापार पर सीधा असर पड़ता है।
संसाधनों के दोहन का आरोप और भावी चेतावनी
बलोच लिबरेशन आर्मी लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि पाकिस्तानी प्रशासन और सुरक्षा बल मिलकर बलूचिस्तान के खनिज व प्राकृतिक संसाधनों का अनुचित तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र की संपत्ति का बाहर हस्तांतरण किया जा रहा है। अपने नवीनतम संदेश में संगठन ने आम जनता, ठेकेदारों और निजी कंपनियों को एक बार फिर चेतावनी दी है कि वे ऐसी सरकारी या राज्य-संरक्षित परियोजनाओं से दूरी बनाकर रखें। संगठन ने स्पष्ट किया है कि संसाधनों के दोहन से जुड़ी संरचनाओं के खिलाफ उसकी यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।
सरकारी प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले पर पाकिस्तान सरकार या स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से कोई तात्कालिक आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के दो सप्ताह बाद आए इस दावे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी रहने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर नुकसान या घटना के विवरण की पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है।



















