पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचा था, जहां यह घटना हुई। भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में शामिल रहे इस शीर्ष कैडर की मौत को पड़ोसी देश में आतंकवादियों के बढ़ते सफाए से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस्लामाबाद की मस्जिद में संदिग्ध परिस्थिति में मौत
प्राप्त विवरण के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर कारी सईद इस्लामाबाद की एक स्थानीय मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था। उसी दौरान अचानक उसकी संदिग्ध मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय एजेंसियों और लश्कर नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। कारी सईद लंबे समय से संगठन के लिए रणनीतिक और अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
पाकिस्तान में आतंकियों के लगातार खात्मे का सिलसिला
कारी सईद की मौत कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान में भारत के वांछित आतंकियों के खात्मे की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर रिजवान हनीफ ने कैमरे पर स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में 30 से अधिक प्रमुख आतंकवादी मारे जा चुके हैं। इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा में हाफिज सईद के करीबी और प्रमुख लश्कर कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून दिया था।
लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व को करारा झटका
बीते कुछ महीनों में लश्कर के कई अन्य मुख्य कमांडर भी मारे गए हैं। हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाने वाला गाजी मुमताज जून में ढेर हुआ था, जबकि मार्च में ईद के दिन संगठन के मुख्यालय में वरिष्ठ कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तान में एक के बाद एक शीर्ष आतंकियों के मारे जाने से आतंकी नेटवर्क का ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है।
भारत में सुरक्षा सतर्कता और आतंकी नेटवर्क पर प्रभाव
लश्कर-ए-तैयबा लगातार भारत में बड़े हमलों की फिराक में रहता है। पूर्व में दिल्ली के लाल किले और चांदनी चौक जैसे प्रमुख इलाकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। सीमा पार मौजूद इन कमांडरों के एक-एक कर समाप्त होने से भारत के खिलाफ रची जाने वाली साजिशों को गहरा आघात पहुंचा है और सुरक्षा तंत्र अधिक सतर्क स्थिति में बना हुआ है।



















