शिलांग में पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारी पर मारपीट का आरोप, पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की मांगघर पर ऐसे बनाएं रेस्टोरेंट जैसी मसालेदार सोया बड़ी की सब्जीमानसून में हरी पत्तेदार सब्जियां खाना सुरक्षित है या नहीं, जानिए बरतने वाली जरूरी सावधानियांमहाजन इमेजिंग एंड लैब्स और न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स ने मिलाया हाथ, उत्तर भारत में पैथोलॉजी और वेलनेस कारोबार को मिलेगी रफ्तारनेपाल आपदा पर चौंकाने वाला खुलासा, शुरुआती थ्योरी गलत साबित होने से वैज्ञानिक भी हैरानराशिफल 1 सितंबर 2026: इन दो राशियों को पैसों के मामले में बरतनी होगी विशेष सावधानी, जानें निवेश से जुड़ी जरूरी बातेंनिकाय चुनाव में अनोखे रंग, बाउंसर के साथ पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी तो टोंक में टिकट बदलने से बगावतबिश्केक के शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में आमने-सामने होंगे नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, क्या होगी कोई द्विपक्षीय बातचीतअमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों पर टिकी नजर, इस हफ्ते आने वाले आर्थिक आंकड़ों तय करेंगे फेडरल रिजर्व का अगला कदमदस लाख के पैकेज पर साठ हजार रुपये ही क्यों मिलते हैं, जानिए ऑफर लेटर की छुपी हुई शर्तें
सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को किया सिरे से खारिजपाकिस्तान
31 अग॰ 2026, 5:19 pm (39 मिनट पहले)· 2

सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को किया सिरे से खारिज

भारत ने सिंधु जल संधि पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस निकाय की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसके आदेशों का देश पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सिंधु जल संधि को लेकर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन की ओर से आए हालिया फैसले पर भारत ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत न सिर्फ इस निर्णय को खारिज करता है, बल्कि उस निकाय के गठन को ही पूरी तरह अवैध मानता है। नई दिल्ली का मानना है कि यह संस्था संधि के प्रावधानों का उल्लंघन करके बनाई गई थी, इसलिए इसके किसी भी निर्देश का भारतीय पक्ष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अवैध रूप से गठित निकाय का दावा खारिज

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में रेखांकित किया कि इस गैर-कानूनी तरीके से तैयार किए गए निकाय ने सिंधु जल संधि और अंतरिम उपायों से जुड़े मामलों पर अपना फैसला सुनाया है। सरकार का रवैया इस मामले में पूरी तरह से बेबाक और स्पष्ट रहा है। इस संस्था के पास भारत के संप्रभु अधिकारों और फैसलों के खिलाफ किसी भी तरह का आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है। भारत ने यह भी साफ किया है कि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के बीच इस संधि के स्वरूप में बदलाव जरूरी है और देश अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ये भी पढ़ें

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक तनाव

दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने इस समझौते को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं और कोर्ट के फैसले को अपने पक्ष में बताते हुए इसे प्रभावी बनाए रखने की मांग की है। पाकिस्तानी नेताओं और पूर्व अधिकारियों ने इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी की है, जिसमें परमाणु युद्ध तक की धमकियां शामिल रही हैं। इसके बावजूद भारत ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं बरती है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्थिति को मजबूत तर्कों के साथ रखा है।

संधि के भविष्य पर भारत का दो टूक संदेश

भारत ने पहले ही यह बात स्पष्ट कर दी है कि सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं चल सकती है। देश लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं किया जाता, तब तक इस तरह के समझौतों पर पुनर्विचार करना आवश्यक है। चिनाब नदी और अन्य परियोजनाओं पर चल रहे कार्यों से भारत की स्थिति और मजबूत हुई है, जबकि पाकिस्तानी हलकों में इस पर गहरी चिंता देखी जा रही है।

सवाल-जवाब

सिंधु जल संधि पर भारत का ताजा रुख क्या है?
भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है और उस निकाय की वैधता को भी अस्वीकार कर दिया है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?
मंत्रालय ने कहा कि अवैध रूप से गठित इस निकाय के पास भारत के संप्रभु फैसलों पर आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत इस निकाय के फैसलों को क्यों नहीं मानता?
भारत के मुताबिक यह निकाय संधि की शर्तों और नियमों का उल्लंघन करके गठित किया गया था, इसलिए इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस विवाद के पीछे मुख्य वजह क्या है?
सीमा पार आतंकवाद और संधि के पुराने स्वरूप में बदलाव की आवश्यकता इस विवाद की मुख्य वजह है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR