बरसात का मौसम शुरू होते ही बाजारों में हरी-हरी पत्तेदार सब्जियां बहुतायत में दिखने लगती हैं। पालक, मेथी, बथुआ, सरसों का साग और चौलाई जैसी सब्जियां देखने में काफी ताजी और सेहतमंद लगती हैं, लेकिन क्या मानसून के दौरान इनका सेवन करना पूरी तरह से सुरक्षित है? यह सवाल इसलिए भी बेहद अहम हो जाता है क्योंकि बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण इन सब्जियों पर मिट्टी, कीचड़ और हानिकारक सूक्ष्मजीव आसानी से चिपके रह जाते हैं। कई बार खेत से लेकर बाजार तक पहुंचने के सफर में इन पत्तियों के बीच काफी गंदगी जमा हो जाती है।
मानसून में क्यों बढ़ जाती है पत्तेदार सब्जियों को लेकर चिंता
हवा में नमी अधिक होने के कारण ये सब्जियां बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। पत्तेदार सब्जियों में पानी की मात्रा पहले से ही ज्यादा होती है, जिसकी वजह से ये तेजी से मुरझाने लगती हैं। यदि इन्हें लंबे समय तक नमी वाली अवस्था में छोड़ दिया जाए, तो इनकी ताजगी खत्म हो जाती है और इनमें सड़न की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके अलावा, खेतों में जमा होने वाला बारिश का पानी मिट्टी और कई तरह की अशुद्धियों के संपर्क में आता है। यही मुख्य वजह है कि पालक या मेथी जैसी सब्जियों की पत्तियों और तहों के बीच मिट्टी के बारीक कण छिपे रह जाते हैं, जिन्हें बिना गहरी सफाई के देख पाना मुश्किल होता है।
क्या बारिश के दिनों में पालक और मेथी खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए
इस तरह की धारणा बनाना बिल्कुल सही नहीं होगा कि मानसून के मौसम में सभी पत्तेदार सब्जियों का सेवन नुकसानदायक होता है। असल बात केवल इनकी गुणवत्ता और साफ-सफाई की प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। यदि बाजार से लाई गई सब्जी पूरी तरह ताजी है, उसमें किसी प्रकार की सड़न या बदबू नहीं आ रही है और उसे बेहद सावधानी के साथ साफ करके पकाया गया है, तो उसे बेझिझक खाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, बाजार से पालक खरीदकर लाने के बाद उसे सीधे तौर पर काटकर पकाने के लिए कड़ाही में डालने की गलती न करें। सबसे पहले इसकी पीली या सड़ी हुई पत्तियों को अलग कर दें, और साथ ही मोटे डंठल व दिखाई देने वाली मिट्टी को हटा लें। इसके बाद पत्तियों को सामान्य पानी में नहीं, बल्कि कई बार स्वच्छ पानी में अच्छी तरह धोना ज्यादा बेहतर तरीका माना जाता है.
सब्जियों को धोने और सुरक्षित रखने का सही तरीका
पत्तेदार सब्जियों को केवल एक बार पानी में डुबोकर बाहर निकाल लेना पूरी तरह पर्याप्त नहीं होता है। इन्हें हमेशा साफ बहते हुए पानी के नीचे अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि पत्तियों पर जमी हुई मिट्टी और गंदगी पूरी तरह से बाहर निकल सके। सफाई के बाद सब्जी को किसी साफ सूती कपड़े या छलनी के ऊपर रखकर उसका अतिरिक्त पानी पूरी तरह सूखा लेना चाहिए। धोने के बाद सब्जियों को लंबे समय तक गीला छोड़ देने से बचना बेहद जरूरी है। विशेष तौर पर यदि आप उन्हें तुरंत पकाने वाले नहीं हैं, तो उनकी अतिरिक्त नमी को पूरी तरह से हटाने के बाद ही उन्हें फ्रिज के अंदर स्टोर करें।
खरीदते और पकाते समय किन बातों का रखें खास ध्यान
बरसात के मौसम में किसी भी पत्तेदार सब्जी को खरीदते समय केवल उसके आकर्षक हरे रंग को देखकर ही फैसला न करें। यदि पत्तियां बहुत ज्यादा मुरझाई हुई, चिपचिपी या उनमें से किसी प्रकार की अजीब बदबू आ रही हो, तो ऐसी सब्जी को खरीदने से बचना ही समझदारी है। इसके अलावा पत्तियों पर काले धब्बे या सड़े हुए हिस्सों की भी अच्छी तरह जांच कर लें। घर पर लाने के बाद सब्जी को जल्द से जल्द साफ करके इस्तेमाल कर लेना बेहतर विकल्प होता है। यदि आप एक साथ कई दिनों के लिए सब्जियां खरीद रहे हैं, तो उन्हें बिना सोचे-समझे एक साथ धोकर गीला करके रखने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार ही साफ करें। खाना बनाते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सब्जियां अच्छी तरह पक चुकी हों। मानसून के दौरान अधपकी पत्तेदार सब्जियों के मुकाबले पूरी तरह से पकी हुई सब्जियां सेहत के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सबसे ज्यादा सावधानी
छोटे बच्चों, बुजुर्गों और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमजोर होती है, उन्हें मानसून के इस मौसम में कच्ची या ठीक तरह से साफ न की गई सब्जियों के सेवन से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा यदि आपके घर में पहले से ही किसी सदस्य को पेट से जुड़ी कोई समस्या या पाचन संबंधी दिक्कत रहती है, तो भोजन की स्वच्छता को लेकर और अधिक सतर्कता बरतना बेहद जरूरी हो जाता है।


















