पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और हिरासत में उनकी स्थिति को लेकर आई एक रिपोर्ट के बाद देश में राजनीतिक हलचल और बेचैनी बढ़ गई है। वरिष्ठ पत्रकार वजाहत सईद खान द्वारा किए गए एक दावे के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने सरकार के सामने चिंता जताते हुए पार्टी संस्थापक से तुरंत मुलाकात की मांग रखी है।
पत्रकार की रिपोर्ट से उपजा विवाद और जन आक्रोश
वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने सरकारी और सैन्य तंत्र में मौजूद सूत्रों के हवाले से यह दावा किया कि इमरान खान की कस्टडी में मौत हो चुकी है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही पार्टी समर्थकों और आम जनता के बीच गहरी घबराहट फैल गई। इमरान खान से लंबे समय से मुलाकात की अनुमति न मिलने के कारण पहले से ही चिंताएं बनी हुई थीं, और इस नए दावे ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
पीटीआई ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। पार्टी ने कहा कि इमरान खान की सेहत और सुरक्षा से जुड़ी चिंताजनक खबरों ने पूरे देश में गहरा असंतोष और बेचैनी पैदा कर दी है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्थिति को सामान्य करने और अफवाहों पर विराम लगाने के लिए सरकार को तुरंत प्रतिनिधियों को इमरान खान से मिलने की इजाजत देनी चाहिए।
190 मिलियन पाउंड मामला और अन्य मुकदमे
इमरान खान अगस्त 2023 से लगातार जेल में बंद हैं और वर्तमान में अदियाला जेल में अपनी सजा काट रहे हैं। उन पर 190 मिलियन पाउंड का भ्रष्टाचार मामला दर्ज है जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा 9 मई 2023 को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में उन पर एंटी-टेररिज़्म एक्ट के तहत भी कई मुकदमे चल रहे हैं। पार्टी का कहना है कि उचित चिकित्सा देखभाल और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।



















