कराची के ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील ल्यारी इलाके में गुरुवार की शाम भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के 40 वर्षीय भाई जुबैर बलोच गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस हमले के दौरान वहां से गुजर रहे दो बेकसूर राहगीर भी गोलियों की चपेट में आकर जख्मी हो गए। वारदात के तुरंत बाद घायल जुबैर बलोच को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए सर्जरी करने में जुटी है।
सिंगु लेन में दुस्साहसिक वारदात की पूरी कहानी
यह सनसनीखेज हमला उस समय हुआ जब जुबैर बलोच अपने घर के बाहर सिंगु लेन क्षेत्र में खड़े थे। उसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बंदूकधारी वहां पहुंचे और बिना कोई मौका दिए उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों की गोलियां जुबैर के सीने और पेट में लगीं, जिसके कारण वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर पास स्थित एक दुकान के मालिक ने साहस दिखाते हुए हमलावरों पर जवाबी फायरिंग की। दुकानदार की ओर से हुई फायरिंग के बाद दोनों हमलावर घबरा गए और अपने चेहरे ढककर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
अस्पताल में सर्जरी और पुलिस की जांच का दायरा
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से जुबैर बलोच को इलाज के लिए सिविल अस्पताल कराची पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि मरीज के सीने और पेट में गहरे जख्म आए हैं, जिसके कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनकी आपातकालीन सर्जरी की गई है। इस बीच, कानून व्यवस्था संभालने पहुंचे अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। साउथ DIG सैयद असद रजा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम इस जानलेवा हमले की जांच कई अलग अलग दृष्टिकोणों से कर रही है, जिसमें आपराधिक गिरोहों की आपसी रंजिश, पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी और अन्य संभावित कारण शामिल हैं।
राजनीतिक सक्रियता और गैंगवार की आशंका
स्थानीय स्तर पर इस हमले को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि जुबैर बलोच ने हाल ही में एक राजनीतिक दल की सदस्यता ली थी और पिछले कुछ महीनों से वे ल्यारी के विभिन्न हिस्सों में अपनी पार्टी के झंडे और बैनर लगाने का काम कर रहे थे। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी चल रही है कि पूर्व में कराची में चलाए गए पुलिस ऑपरेशन के दौरान जो अपराधी दुबई और ईरान भाग गए थे, वे हालिया अमेरिका तथा ईरान संघर्ष के बाद वापस लौटने लगे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इलाके में पुरानी गैंगवार दोबारा शुरू होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।



















