पाकिस्तान के भीतर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी अब सुरक्षा बलों तक पहुंच चुकी है, जहां पानी के एक-एक घूंट के लिए देश के सबसे प्रशिक्षित जवान आपस में ही भिड़ गए हैं। दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र से सामने आई इस घटना ने देश की आंतरिक व्यवस्था और सैन्य अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि सेना के खास दस्तों और नियमित रेजिमेंट के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस खौफनाक झड़प के दौरान जवानों ने एक-दूसरे पर क्रूरता से हमले किए, जिससे सैन्य छावनी के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कमांडो और फ्रंटियर फोर्स के बीच खूनी संघर्ष
इस पूरे विवाद के केंद्र में पाकिस्तान की सेना के सबसे घातक माने जाने वाले स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) के कमांडो और फ्रंटियर फोर्स (FF) रेजिमेंट के जवान थे। पानी जैसी बेहद सामान्य और बुनियादी जरूरत को लेकर दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि बात हाथापाई और हिंसा तक पहुंच गई। कमांडो और फ्रंटियर फोर्स के जवानों ने अनुशासन की सारी हदें पार करते हुए एक-दूसरे पर भीषण हमले किए। इस आपसी जंग में दोनों तरफ से कुल 22 सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें संभालने में स्थानीय सैन्य अधिकारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया अस्पताल
हिंसक झड़प के बाद घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए सेना को तुरंत आपातकालीन कदम उठाने पड़े। इस खूनी संघर्ष में बुरी तरह जख्मी हुए सुरक्षाकर्मियों में से 9 जवानों की हालत इतनी नाजुक हो गई थी कि उन्हें सामान्य वाहनों से ले जाना मुमकिन नहीं था। इसके बाद उन 9 जवानों को तुरंत सैन्य हेलीकॉप्टर की मदद से नजदीकी अस्पताल के लिए एयरलिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बाकी घायलों का भी अलग-अलग चिकित्सा शिविरों में उपचार किया जा रहा है, जबकि इस आंतरिक संघर्ष की उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।



















