प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के नए सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान से नवाजे जाने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जो टिप्पणी की, उस पर भारत सरकार ने कड़ा एतराज जताया है। सरकारी सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में कहा कि आसिफ को उन विषयों पर बोलने से परहेज करना चाहिए, जिनकी उन्हें कोई समझ ही नहीं है।
पूरा मामला क्या है
दरअसल सेशेल्स ने हाल ही में अपना सबसे बड़ा राष्ट्रपति सम्मान शुरू किया और इसका पहला हकदार पीएम मोदी को बनाया गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को यह सम्मान रास नहीं आया और उन्होंने इसे इंजीनियर्ड, यानी सोच-समझकर गढ़ी गई मान्यता करार देते हुए इसका मजाक उड़ाया। उनकी इसी टिप्पणी ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक नई तीखी बयानबाजी को जन्म दे दिया।
भारत का सीधा पलटवार
सरकारी सूत्रों ने आसिफ के बयान को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताया। सूत्रों के मुताबिक, ख्वाजा आसिफ के पास कोई जरूरी काम नहीं है और वे अपना समय ऐसे विषयों पर बेतुकी टिप्पणियां करने में जाया करते हैं, जिनकी उन्हें असल में कोई गहरी जानकारी नहीं है। सूत्रों ने यहीं नहीं रुककर सीधे व्यक्तिगत हमला भी बोला और आसिफ को मानसिक रूप से अस्थिर तक कह डाला।
पाकिस्तान की मौजूदा हालत पर तंज
भारत सरकार के सूत्रों ने यह भी जोड़ा कि जिस शख्स के हाथ में पाकिस्तान जैसे मुल्क का रक्षा मंत्रालय है, वह व्यक्ति खुद उस देश की आज की हकीकत बयां कर देता है। सूत्रों का कहना था कि आसिफ की यह टिप्पणी सिर्फ गैर-गंभीर भर नहीं है, बल्कि इससे पाकिस्तान की राजनीतिक और कूटनीतिक सोच की झलक भी मिलती है।
सूत्रों की तीखी टिप्पणी
सूत्रों ने कहा, "ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से अस्थिर हैं, यह बात जगजाहिर है। उन्हें उनकी वर्तमान जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जो आज के पाकिस्तान के बारे में बहुत कुछ कहती है। जाहिर है, उनके पास कोई काम नहीं है और वे उन मामलों पर मूर्खतापूर्ण टिप्पणियां करके समय बिताते हैं, जिनके बारे में उन्हें बहुत कम जानकारी है। ईर्ष्या हमेशा एक बुरी प्रेरणा होती है, विशेष रूप से नफरत भरे भाषण में डूबे किसी व्यक्ति से।"
यह पूरी तीखी प्रतिक्रिया तभी सामने आई जब आसिफ ने पीएम मोदी को मिले सेशेल्स सम्मान का मजाक उड़ाते हुए उसे इंजीनियर्ड मान्यता बताया था।













