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बचपन में सही पोषण से तेज होगा बच्चों का दिमाग, जानें कौन से सुपरफूड्स रखेंगे बीमारियों से दूरपेरेंटिंग
3 जुल॰ 2026, 9:37 pm (116 दिन पहले)· 2

बचपन में सही पोषण से तेज होगा बच्चों का दिमाग, जानें कौन से सुपरफूड्स रखेंगे बीमारियों से दूर

5 से 12 साल के बच्चों के शारीरिक और दिमागी विकास के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी, फल-सब्जियां और साबुत अनाज जैसे पोषक तत्व बेहद जरूरी हैं, जानें बच्चों की डाइट में क्या-क्या शामिल करना चाहिए।

5 से 12 साल की उम्र बच्चों की सेहत और दिमागी विकास के लिए सबसे अहम पड़ाव मानी जाती है। इसी दौर में शरीर तेजी से बढ़ता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, मांसपेशियां बनती हैं और दिमाग सीखने की रफ्तार पकड़ता है। इस उम्र में बच्चों को जो खाना दिया जाता है, वही आगे चलकर उनकी सेहत और मानसिक क्षमता की बुनियाद तय करता है। मुश्किल यह है कि आजकल बच्चों की थाली में जंक फूड की जगह बढ़ती जा रही है, इसलिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि इस उम्र के बच्चों को रोजाना डाइट में क्या शामिल करना चाहिए।

शरीर बनाने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी

बढ़ते बच्चों के शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत प्रोटीन की होती है। प्रोटीन नई कोशिकाएं बनाने और मांसपेशियों को मजबूत करने का काम करता है। दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया, चना और चिकन जैसी चीजें अगर रोज की डाइट में शामिल हों तो बच्चे का शारीरिक विकास बेहतर होता है। कई अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि जिन बच्चों को नियमित रूप से पर्याप्त प्रोटीन मिलता है, उनकी ग्रोथ और शारीरिक ताकत बाकी बच्चों के मुकाबले ज्यादा अच्छी रहती है।

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हड्डियां मजबूत बनाने में कैल्शियम और विटामिन डी की भूमिका

प्रोटीन के बाद कैल्शियम और विटामिन डी की बारी आती है, जो 5 से 12 साल के बच्चों की हड्डियों के विकास के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। इसी उम्र में हड्डियां सबसे तेजी से मजबूत होती हैं, इसलिए दूध, दही, पनीर और रागी जैसी चीजें डाइट का हिस्सा होनी चाहिए। रोजाना कुछ देर धूप में बिताया गया समय भी शरीर में विटामिन डी बनाने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं और आगे चलकर कमजोरी या दर्द जैसी दिक्कतों का खतरा कम हो जाता है।

फल और सब्जियां बढ़ाएंगी रोग प्रतिरोधक क्षमता

5 से 12 साल के बच्चों के दिमाग और इम्यून सिस्टम के लिए फल और सब्जियां बेहद जरूरी हैं। इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल और फाइबर शरीर को अंदर से ताकत देते हैं। जो बच्चे रोज अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खाते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहती है और वे कम बीमार पड़ते हैं। इसका असर उनके ध्यान लगाने और चीजें सीखने की क्षमता पर भी दिखता है।

ऊर्जा के लिए साबुत अनाज और दिमाग के लिए हेल्दी फैट

बच्चों को दिनभर एक्टिव रखने के लिए गेहूं, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन फूड्स जैसे साबुत अनाज बहुत उपयोगी होते हैं। ये धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं, जिससे बच्चे लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं और उनका ध्यान भी बना रहता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बच्चों को रिफाइंड आटे की जगह साबुत अनाज ही दिया जाए। इसके अलावा दिमाग के सही विकास के लिए हेल्दी फैट भी उतना ही जरूरी है। बादाम, अखरोट, मूंगफली और तरह-तरह के बीजों में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की याददाश्त और सीखने की क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं।

पानी जरूरी, मीठे और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बनाएं दूरी

खाने के साथ-साथ पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी चाहिए होता है, क्योंकि इससे पाचन, ऊर्जा का स्तर और दिमागी कामकाज बेहतर बना रहता है। वहीं मीठे और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए इन्हें डाइट में जितना हो सके उतना सीमित रखना चाहिए।

सवाल-जवाब

5 से 12 साल के बच्चों के लिए प्रोटीन के मुख्य स्रोत कौन से हैं?
दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया, चना और चिकन प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने के लिए क्या खिलाना चाहिए?
दूध, दही, पनीर और रागी के साथ रोजाना कुछ देर धूप में समय बिताने से हड्डियां मजबूत होती हैं।
बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में क्या मदद करता है?
रोज अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और वे कम बीमार पड़ते हैं।
क्या बच्चों को रिफाइंड आटा देना सही है?
एक्सपर्ट्स रिफाइंड आटे की जगह गेहूं, ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज देने की सलाह देते हैं।
दिमाग के विकास के लिए कौन से फूड्स फायदेमंद हैं?
बादाम, अखरोट, मूंगफली और बीज जैसे हेल्दी फैट वाले फूड्स बच्चों की याददाश्त और सीखने की क्षमता बढ़ाते हैं।
बच्चों को क्या पीने से बचाना चाहिए?
मीठे और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स को बच्चों की डाइट में जितना हो सके उतना सीमित रखना चाहिए।
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