तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों की बीमारी के इलाज के सिलसिले में अमेरिका जाने की मंजूरी फिलहाल नहीं मिल पाई है। डीजे टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान जब उनकी यह अर्जी अदालत के सामने आई, तो बेंच ने इस पर तीखे सवाल खड़े कर दिए।
क्या है पूरी अर्जी
अभिषेक बनर्जी ने अदालत में अर्जी देकर आंखों के इलाज के मकसद से अमेरिका जाने की इजाज़त मांगी थी। उनका तर्क था कि इस इलाज के लिए उन्हें विदेश जाना ज़रूरी है। लेकिन अदालत इस दलील से संतुष्ट नज़र नहीं आई और उसने फौरन कोई राहत देने से मना कर दिया।
बेंच ने सुनाई खरी-खरी
सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा, "आपको विदेश जाने की क्या जरूरत है?" बेंच ने यह भी पूछा कि सांसद ने एसएसकेएम जैसे किसी सरकारी या प्रतिष्ठित नेत्र अस्पताल में इलाज कराने की कोशिश क्यों नहीं की। अदालत की राय में देश के भीतर ही आंखों की बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं, इसलिए विदेश जाने की दलील मजबूत नहीं ठहरती।
अगली सुनवाई पर टिकीं निगाहें
सूत्रों की मानें तो विदेश यात्रा से जुड़ी इस अर्जी पर अगली सुनवाई अगस्त महीने में हो सकती है। तब तक अभिषेक बनर्जी को अमेरिका जाकर इलाज कराने की अनुमति नहीं मिलेगी। राजनीतिक हलकों में अदालत की इस टिप्पणी को उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि फिलहाल उनके पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।




















