पटना स्नातक सीट पर जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपनी चुनावी बाजी जीत ली है। इस मुकाबले के नतीजे सामने आने के बाद नीरज कुमार ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं और जनबल की ताकत ने आखिरकार धनबल और बाहुबल को पूरी तरह से धूल चटा दी है। जब पत्रकारों ने उनसे उस वायरल चर्चा के बारे में पूछा जिसमें विरोधी खेमे में पहले से मिठाइयां तैयार होने की बात कही जा रही थी, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वह मिठाइयां अब कहां हैं और उन्हें ले जाने की बात कही। यह बात उन्होंने बिल्कुल अनोखे और खास अंदाज में कही।
अनंत सिंह के खेमे में बन रही थीं मिठाइयां
इस पूरी चुनावी सरगर्मी के पीछे की कहानी यह है कि मतों की गिनती शुरू होने से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारियां जोरों पर थीं। वहां भारी संख्या में पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता इकट्ठा हो चुके थे। उस दौरान यह दावा किया जा रहा था कि जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह इस चुनाव में भारी मतों से विजय प्राप्त करेंगे। इसी अनुमान और जीत के पक्के विश्वास के कारण मतगणना शुरू होने से काफी पहले ही घर पर मिठाइयां तैयार कराई जाने लगी थीं। खुद अनंत सिंह भी इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आए थे कि उनके समर्थन वाले प्रत्याशी अनुज सिंह ही इस सीट पर बाजी मारेंगे।
पार्टी लाइन से बगावत पड़े भारी
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राजनीतिक समीकरण तब और बदल गए जब अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर खुला रुख अख्तियार कर लिया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उन्हें मनाने के तमाम प्रयास किए गए ताकि वे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में आ जाएं, लेकिन उन्होंने किसी की एक नहीं सुनी। इसके विपरीत उन्होंने जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का खुलकर समर्थन करने का फैसला किया और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार भी करने लगे। स्थिति तब और गर्मा गई जब अनंत सिंह एक बड़े समर्थकों के काफिले के साथ अनुज सिंह के नामांकन दाखिल करने वाले कार्यक्रम में जा पहुंचे। हालांकि पार्टी स्तर पर उन्हें समझाने की कोशिशें लगातार चलती रहीं, लेकिन जब एमएलसी चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई, तो जनता दल यूनाइटेड ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में अनंत सिंह को पूरे 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया।
निष्कासन के बाद तीखे थे तेवर
पार्टी की ओर से निष्कासन की कार्रवाई किए जाने के बाद अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नेतृत्व पर जोरदार पलटवार किया था। इस संबंध में अनंत सिंह ने कहा था कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने यहां तक दावा कर दिया था कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड सिमटकर महज कुछ ही सीटों पर रह जाएगी। उनका यह भी कहना था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब यह पार्टी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। जिन लोगों ने उन्हें पार्टी से बाहर किया है, उनकी राजनीतिक ताकत और हैसियत का असली अंदाजा भी आगामी चुनावों में लग जाएगा। अनंत सिंह का यह भी कहना था कि उन्हें पार्टी में लाने वाले खुद नीतीश कुमार थे, लेकिन अब संगठन के भीतर कुछ भी शेष नहीं बचा है और पार्टी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सेहत का हवाला देते हुए भी पार्टी की स्थिति पर सवाल उठाए थे। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया था, जिसके तहत उनके खिलाफ कुल 3 एफआईआर भी दर्ज की गई थीं।



















