दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर करीब एक महीने से अधिक समय से चल रहा धरना प्रदर्शन अब थम गया है। कॉक्रोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हो रहा यह विरोध प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त घोषित कर दिया गया। यह विरोध प्रदर्शन देश की राजधानी में लंबे समय से युवाओं के आक्रोश का केंद्र बना हुआ था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, इस इस्तीफे की गूंज अब दिल्ली से निकलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्य आंध्र प्रदेश तक पहुंच गई है। राज्य में मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी ने अब आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव काफी तेज कर दिया है।
मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा पर छिड़ा घमासान
आंध्र प्रदेश में इस समय मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर राजनीतिक घमासान चरम पर है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा करते हुए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही विपक्षी दल चाहता है कि इस कथित घोटाले की अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराई जाए। वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व शिक्षा मंत्री आदिमुलापु सुरेश और पार्टी की छात्र शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष रविचंद्र ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उनका कहना है कि गठबंधन सरकार परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और पारदर्शिता को बरकरार रखने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे करीब 3.5 लाख उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर लग गया है।
गोपनीयता और पेपर अपलोडिंग में गंभीर गड़बड़ी के आरोप
पूर्व शिक्षा मंत्री आदिमुलापु सुरेश ने परीक्षा के आयोजन के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर प्रश्नपत्र तैयार करने और पूरी परीक्षा का संचालन करने की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी तथा उन्हीं अधिकारियों को क्यों सौंपी गई। विपक्ष का दावा है कि इस दोहरे नियंत्रण से भर्ती प्रक्रिया की साख पर बड़ा धब्बा लगा है। इसके अलावा, उन्होंने बेहद गंभीर आरोप उठाते हुए कहा कि परीक्षा के अत्यंत गोपनीय प्रश्नपत्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने का संवेदनशील काम बाहरी यानी आउटसोर्स कर्मचारियों से कराया गया था। वाईएसआरसीपी का दावा है कि इस परीक्षा प्रक्रिया से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े कुछ खास लोगों ने ही टॉप रैंक हासिल की है, जो सीधे तौर पर धांधली का इशारा करता है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस पूरे प्रकरण से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो फुटेज राज्य के राज्यपाल को सौंप दिए गए हैं। इसके साथ ही, इस शिक्षक भर्ती से जुड़े कई मामले वर्तमान में अदालत में भी लंबित हैं।
खेल कोटा भर्ती में हेरफेर और पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग
शिक्षक भर्ती के अलावा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सरकार को खेल कोटा श्रेणी में की जा रही भर्तियों को लेकर भी घेरा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आधिकारिक आदेशों के जरिए खेल कोटे की सीटों के आवंटन में हेरफेर की है। पार्टी नेताओं का दावा है कि इन नियमों में पिछले दरवाजे से बदलाव किया गया ताकि चहेतों को नौकरी दी जा सके। सरकार ने अभी तक इस परीक्षा की मेरिट लिस्ट और रोस्टर लिस्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे युवाओं में भारी असंतोष है। वाईएसआरसीपी ने मांग की है कि सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस विवाद पर बोलते हुए कहा कि जब राष्ट्रीय स्तर पर नीट पेपर लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी तय की जा सकती है, तो आंध्र प्रदेश की डीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ना चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र भेजा है, जिसमें केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने और इसकी व्यापक जांच कराने का आग्रह किया गया है।
28 जुलाई को प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी और सरकार का रुख
इस विवाद को सड़क पर ले जाने की तैयारी करते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आगामी 28 जुलाई को राज्य के सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस प्रदेशव्यापी आंदोलन के जरिए पार्टी कथित डीएससी घोटाले की सीबीआई जांच कराने, नारा लोकेश के इस्तीफे, छात्रों की लंबित फीस प्रतिपूर्ति राशि तुरंत जारी करने और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग प्रमुखता से उठाएगी। दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि मेगा डीएससी-2025 भर्ती की पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और इसमें भारत सरकार द्वारा तय किए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया है।



















