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पंजाब में सरकार बनाने पर नशा तस्करों का होगा सफाया, अमृतसर में बोले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीराजनीति
17 अग॰ 2026, 3:23 am (1 घंटे पहले)· 1

पंजाब में सरकार बनाने पर नशा तस्करों का होगा सफाया, अमृतसर में बोले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के रामपुरा में कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने पर नशा तस्करों के खिलाफ कठोर रुख अपनाया जाएगा और युवाओं के पुनर्वास के कदम उठाए जाएंगे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य और सामाजिक परिस्थितियों पर बड़ा बयान दिया है। रविवार को अमृतसर के रामपुरा इलाके में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो नशा तस्करों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल सभी लोगों को राज्य की सीमाओं से बाहर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों को एक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह से भ्रष्टाचार-मुक्त शासन देने की प्रतिबद्धता जताई।

नशे के खिलाफ रणनीति और युवाओं के पुनर्वास की योजना

संवाददाताओं से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में दिन-ब-दिन गंभीर होती नशे की समस्या पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की लत आज केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो चुकी है। नशीले पदार्थों के सेवन से न सिर्फ युवाओं का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि इससे असंख्य परिवारों के सपने और उनका भविष्य भी बर्बाद हो रहा है। सैनी ने आश्वासन दिया कि बीजेपी सरकार बनने पर इस समस्या का समाधान दो चरणों में किया जाएगा। एक ओर जहां नशा बेचने वाले तस्करों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करके उन्हें पंजाब से बाहर खदेड़ा जाएगा, वहीं दूसरी ओर नशे के जाल में फंसे युवाओं को सही दिशा में वापस लाने और उनका उचित इलाज कराने के लिए व्यापक स्तर पर पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

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आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं पर साधा निशाना

पंजाब की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेतृत्व चुनाव के समय किए गए अपने प्रमुख वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। सैनी ने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता से एक स्वच्छ और ईमानदार शासन देने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थिति बिल्कुल उलट हो गई। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही आप सरकार का कार्यकाल भ्रष्टाचार के मामले में पिछली कांग्रेस सरकार से भी आगे निकल गया है। सैनी ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार को खत्म करेगी और जनता को एक निष्पक्ष और पारदर्शी शासन प्रदान करेगी।

सुखबीर सिंह बादल पर हमला और समय से पहले चुनाव की चर्चा

राज्य में नशे की समस्या की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हाल ही में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ था। शुरुआती जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि हमला करने वाला व्यक्ति पंजाब में फैल चुके नशे के कारोबार से काफी परेशान और आक्रोशित था। इसके अलावा राज्य में राजनीतिक हलचल इस बात को लेकर भी तेज है कि विधानसभा चुनाव कब आयोजित होंगे। नियमानुसार पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में, यानी फरवरी 2027 के आसपास होना प्रस्तावित है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक मतदान की आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। इस बीच, कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय इसी साल नवंबर में भी कराए जा सकते हैं। इन चर्चाओं को बल तब मिला जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा में एक रोडशो के दौरान राज्य में समय से पहले चुनाव होने की संभावना जताई थी।

सवाल-जवाब

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब चुनाव को लेकर क्या घोषणा की है?
उन्होंने कहा है कि यदि पंजाब में बीजेपी की सरकार बनती है, तो राज्य से सभी नशा तस्करों को बाहर कर दिया जाएगा और एक पारदर्शी शासन व्यवस्था दी जाएगी।
नायब सिंह सैनी ने पंजाब में नशे की समस्या पर क्या रणनीति बताई?
उन्होंने बताया कि बीजेपी नशा तस्करों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ नशे के शिकार युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाएगी।
सैनी ने पंजाब की वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार में पिछली कांग्रेस सरकार से भी आगे निकल गई है और चुनावी वादे पूरे करने में नाकाम रही है।
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव कब होना तय है?
पंजाब में अगला चुनाव नियमानुसार फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, हालांकि इस बात की चर्चाएं हैं कि चुनाव इसी साल नवंबर में भी हो सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·12 मिनट पहले

पंजाब में भाजपा की चुनावी रणनीति अब मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था और सीमावर्ती राज्य की नशा समस्या पर केंद्रित हो रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह बयान पड़ोसी राज्य की राजनीति में भाजपा के आक्रामक तेवर को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार और वादों से मुकरने के आरोप लगाकर विपक्षी दलों को घेरने की यह कोशिश आगामी चुनावों से पहले क्षेत्रीय समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है, खासकर तब जब युवा आबादी और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बनते जा रहे हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·12 मिनट पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह स्पष्ट है कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार केवल सामाजिक संकट नहीं, बल्कि सीधा आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जब निवेश और औद्योगिक विकास की बात आती है, तो कानून-व्यवस्था की स्थिरता सबसे पहली शर्त होती है। यदि राजनीतिक नेतृत्व इस समस्या के समाधान और युवाओं के पुनर्वास पर ठोस नीति प्रस्तुत करता है, तो इसका सीधा असर राज्य की आर्थिकी और निवेशक विश्वास पर पड़ेगा। आगामी चुनावों में आर्थिक विकास और सुरक्षा का यह गठजोड़ क्षेत्रीय समीकरणों की दिशा तय करेगा।

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