शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद भवन पहुंचे। संसद के मकरद्वार पर पहुंचते ही NDA के सांसदों ने उनका भव्य स्वागत किया और उनके समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान सांसदों ने उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर अपना स्नेह और सम्मान प्रकट किया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।
पाग पहनने की परंपरा और उसका महत्व
पाग एक विशेष प्रकार की पगड़ी होती है, जिसका उपयोग किसी के प्रति आदर, स्वागत और गर्मजोशी दिखाने के लिए किया जाता है। यह पारंपरिक प्रतीक मुख्य रूप से मिथिला, राजस्थान और गुजरात जैसे क्षेत्रों में काफी प्रचलित है, जहां इसे मान-सम्मान का सबसे बड़ा चिह्न माना जाता है।
इस्तीफे के बाद सियासी हलचल और प्रतिक्रियाएं
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उसके तुरंत बाद संसद में उनके इस स्वागत ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनके समर्थन में नारे लगाकर एकजुटता दिखाई, वहीं विपक्ष की तरफ से भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय ने इस इस्तीफे के पीछे राहुल गांधी को सूत्रधार बताया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
प्रह्लाद जोशी को मिला नया प्रभार
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद अब इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है। पद संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह देश की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे और शिक्षा सेक्टर के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।



















