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बहराइच से 2027 का बिगुल फूंकेंगे ओवैसी, सपा के मजबूत किले मटेरा में पहली रैली कलराजनीति
13 जून 2026, 1:35 pm (45 दिन पहले)· 0

बहराइच से 2027 का बिगुल फूंकेंगे ओवैसी, सपा के मजबूत किले मटेरा में पहली रैली कल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 14 जून को बहराइच की मटेरा विधानसभा सीट पर पहली जनसभा करेंगे, जिसे पार्टी अपने 2027 के यूपी चुनाव अभियान की शुरुआत बता रही है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और हर दल अभी से जमीन तैयार करने में जुट गया है। इसी कड़ी में AIMIM ने भी अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने बहराइच को अपने सियासी सफर का पहला पड़ाव चुना है, जहां 14 जून को पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की औपचारिक शुरुआत मान रही है, और माना जा रहा है कि यह कदम पूर्वी यूपी में विपक्षी राजनीति के समीकरण तक हिला सकता है।

मटेरा सीट का चुनावी ताना-बाना

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मुताबिक, ओवैसी राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली मटेरा विधानसभा सीट पर शंकरपुर चौराहे के पास सभा करेंगे। दिनभर के इस दौरे में वे सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भी हाजिरी देंगे। मटेरा अपने आप में एक खास सीट है — पिछड़ा और बाढ़ की मार झेलने वाला इलाका, जहां मुस्लिम, यादव, OBC और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की तादाद काफी बड़ी है। यही वजह है कि 2012 से यह सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ बनी हुई है। हालांकि सपा के लिए यहां जीत हमेशा आसान नहीं रही — नेता यासर शाह ने 2017 में यह सीट बेहद कम अंतर से निकाली थी, जबकि 2022 में उनकी पत्नी मारिया शाह ने आसानी से बाजी मार ली।

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अकेले या गठबंधन: ओवैसी की रणनीति

शौकत अली ने इस दौरे को 2027 अभियान का आगाज बताते हुए पार्टी की चुनावी मंशा भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि अगर AIMIM अकेले मैदान में उतरती है तो उसका लक्ष्य करीब 200 सीटों पर लड़ने का रहेगा। वहीं गठबंधन की सूरत में पार्टी का स्वाभाविक साथी बसपा होगा। उनका तर्क है कि मुस्लिम और दलित मतदाता मिलकर कुल वोट शेयर का करीब 40% बनते हैं, और यह आंकड़ा सपा तथा भाजपा दोनों को मात देने के लिए काफी है।

सपा का पलटवार, AIMIM का जवाब

दूसरी ओर, यासर शाह ने AIMIM के किसी बड़े उलटफेर की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमान समझदार और जागरूक हैं और देख चुके हैं कि AIMIM दूसरे राज्यों में क्या भूमिका निभाती रही है। उनके मुताबिक, जब तक AIMIM की गतिविधियां परोक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुंचाती रहेंगी, मुस्लिम वोट इससे प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने दरगाह दौरे को राजनीति का रंग देने पर भी ऐतराज जताया।

इन आरोपों पर AIMIM ने भी तीखा जवाब दिया। पार्टी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने दशकों तक मुस्लिम वोटों का इस्तेमाल तो किया, लेकिन विकास सुनिश्चित नहीं किया। पार्टी का कहना था कि एक ही परिवार दो दशक से ज्यादा समय तक मटेरा की कमान संभालता रहा, फिर भी यह इलाका विकास की दौड़ में पिछड़ा ही रहा।

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