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भोपाल में सोमवार को एकसाथ पेश हुए 14 विधेयक, यूसीसी में संशोधन को लेकर विधानसभा में घमासानराजनीति
21 जुल॰ 2026, 9:06 am (98 दिन पहले)· 1

भोपाल में सोमवार को एकसाथ पेश हुए 14 विधेयक, यूसीसी में संशोधन को लेकर विधानसभा में घमासान

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार ने 14 विधेयक पेश कर दिए, जिनमें यूसीसी भी शामिल है, वहीं विपक्ष ने पूरक कार्यसूची से बिल लाने पर सवाल खड़े किए।

भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया और पहले ही दिन एक असामान्य नजारा देखने को मिला जब राज्य सरकार ने सदन के पटल पर एकसाथ 14 विधेयक रख दिए। विधानसभा के अब तक के कामकाज में किसी एक दिन इतनी संख्या में विधेयक पेश होने का यह पहला मौका है। इनमें मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा से जुड़ा विधेयक और राजमार्ग संशोधन विधेयक जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल हैं, जिन पर आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा तेज रहने वाली है।

आठ विधेयकों पर मंगलवार को बहस

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को जानकारी दी कि पेश किए गए 14 विधेयकों में से आठ पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित संवैधानिक और प्रक्रियागत खानापूर्ति पूरी करके इन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इतनी बड़ी तादाद में विधेयक एक साथ आने से विधानसभा सचिवालय के भीतर भी कामकाज की गति अचानक बढ़ गई है।

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पूरक कार्यसूची पर कांग्रेस का ऐतराज

सत्र के पहले दिन ही इन विधेयकों को लेकर विपक्षी खेमे में नाराजगी दिख गई। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन और सचिन यादव ने आरोप लगाया कि इतने अहम प्रस्ताव मुख्य कार्यसूची में शामिल करने के बजाय पूरक कार्यसूची के रास्ते सदन में उतारे गए। दोनों विधायकों का तर्क था कि इससे सदस्यों को विधेयकों को ठीक से पढ़ने, समझने और उन पर अपनी राय तैयार करने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं मिल पाया। विपक्ष की इस आपत्ति पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सफाई दी कि पूरक कार्यसूची जारी करने का फैसला कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों की रजामंदी से ही लिया गया था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर पहले भी इसी तरीके से विधेयक सदन में लाए जाते रहे हैं, इसलिए इस प्रक्रिया में कुछ भी असामान्य नहीं है।

यूसीसी विधेयक में बदलाव की मांग

इसी बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मध्य प्रदेश यूसीसी विधेयक में संशोधन की मांग उठाकर एक नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विधानसभा सचिवालय को लिखे पत्र में कहा कि जिन समुदायों के धार्मिक और सांस्कृतिक रीति रिवाजों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और अनुच्छेद 29 के तहत पहले से संरक्षण हासिल है, उन पर यह कानून लागू करना ठीक नहीं होगा। मसूद के मुताबिक ऐसे समुदायों की परंपराओं, आस्थाओं और सांस्कृतिक पहचान की हिफाजत बनी रहनी चाहिए, और इसके लिए सरकार को विधेयक में खुद जरूरी बदलाव करके इन अधिकारों को स्पष्ट शब्दों में दर्ज करना चाहिए।

मंगलवार पर टिकी नजरें

अब सबकी निगाहें मंगलवार की कार्यवाही पर टिकी हैं, जब यूसीसी सहित बाकी बचे बिलों पर सरकार और विपक्ष के बीच सीधी बहस होने की उम्मीद है। पहले ही दिन जिस तरह पूरक कार्यसूची और यूसीसी दोनों मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, उससे साफ है कि मानसून सत्र का यह हफ्ता विधानसभा के लिए हंगामेदार साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में कितने विधेयक पेश किए गए?
एक साथ 14 विधेयक पेश किए गए, जो विधानसभा के इतिहास में एक दिन में सबसे ज्यादा है।
मंगलवार को किन विधेयकों पर चर्चा होगी?
पेश किए गए 14 विधेयकों में से 8 पर मंगलवार को सदन में चर्चा और बहस होगी।
कांग्रेस विधायकों ने क्या आपत्ति जताई?
बाला बच्चन और सचिन यादव ने कहा कि इतने अहम बिल मुख्य कार्यसूची के बजाय पूरक कार्यसूची से लाए गए, जिससे विधायकों को अध्ययन का पूरा समय नहीं मिला।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने क्या जवाब दिया?
उन्होंने कहा कि पूरक कार्यसूची जारी करने का फैसला कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों की सहमति से लिया गया था और यह पहले भी होता रहा है।
आरिफ मसूद ने यूसीसी बिल को लेकर क्या मांग की?
उन्होंने मांग की कि जिन समुदायों के रीति रिवाज अनुच्छेद 25 और 29 के तहत संरक्षित हैं, उन पर यूसीसी लागू न किया जाए और बिल में संशोधन कर यह साफ किया जाए।
यूसीसी बिल किससे जुड़ा है?
यह मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक है, जो सोमवार को पेश किए गए 14 विधेयकों में से एक है।
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