बिहार और मध्य प्रदेश की विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के लिए वोटों की गिनती की सभी प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने मतगणना केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
पटना के कला भवन में बांकीपुर सीट की मतगणना और सुरक्षा व्यवस्था
बिहार के पटना में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना 3 अगस्त को आयोजित की जा रही है। इस सीट के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें कुल 25 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने पटना स्थित एएन कॉलेज के कला भवन में मतगणना केंद्र बनाया है, जहां सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। वोटों की सुरक्षा के लिए ईवीएम को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। इस सुरक्षा व्यवस्था की कमान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के जवानों को सौंपी गई है।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर मतगणना और 71.40 प्रतिशत मतदान
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजों के लिए वोटों की गिनती सोमवार सुबह से प्रारंभ हो रही है। मतगणना पूरी होने के बाद 3 अगस्त की दोपहर तक परिणाम की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। चुनाव परिणाम से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। रविवार को जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में बने मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस सीट पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई थी और कुल 71.40 प्रतिशत वोट पड़े थे।
दतिया उपचुनाव का राजनीतिक घटनाक्रम और पूर्व विधायक का निलंबन
दतिया सीट के नतीजे घोषित होने से ठीक पहले रविवार रात कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। दतिया में उपचुनाव की स्थिति राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण ही पैदा हुई थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। इसके बाद इसी साल अप्रैल महीने में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई थी, जिसके कारण दतिया सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।


















