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बिहार के बेउर जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, नीट पेपर लीक विरोध के मामले में हुए थे गिरफ्तारराजनीति
28 जुल॰ 2026, 8:28 pm (45 दिन पहले)· 0

बिहार के बेउर जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, नीट पेपर लीक विरोध के मामले में हुए थे गिरफ्तार

जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बेउर जेल से रिहा हो गए हैं। उन्हें नीट पेपर लीक के सिलसिले में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र रहे जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव आखिरकार जेल से बाहर आ गए हैं। पटना स्थित बेउर जेल के मुख्य द्वार पर उनके बाहर निकलते ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। जेल परिसर के बाहर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां मौजूद लोगों ने उनके पक्ष में नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया, लेकिन मीडिया कर्मियों के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना सीधे अपनी गाड़ी में सवार होकर अपने सरकारी आवास के लिए रवाना हो गए।

नीट पेपर लीक विरोध और गिरफ्तारी की पूरी कहानी

तेज प्रताप यादव की यह गिरफ्तारी पिछले दिनों नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने बिहार बंद के दौरान राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब पटना के रामगुलाम चौक और गांधी मैदान क्षेत्र में छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे। इन प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में तेज प्रताप यादव भी खुद सड़क पर उतर आए थे और आंदोलन का हिस्सा बने थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया था और अपने साथ थाने ले गई थी।

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हिरासत से छूटने के बाद मॉल से हुई थी गिरफ्तारी

जब पुलिस ने उन्हें पहली बार हिरासत में लिया था, तब मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि मैं छात्रों के साथ खड़ा हूं और उनके लिए मरने को तैयार हूं। उस प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़पें भी देखने को मिली थीं। हालांकि, शुरुआती दौर में पुलिस ने उन्हें कुछ देर हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया था। लेकिन इसके बाद जब वे एक मॉल में घूम रहे थे, तब पुलिस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

न्यायिक हिरासत और अदालत में पेशी

गिरफ्तारी के बाद 25 जुलाई की देर रात उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया था, जिसके बाद से वे जेल में बंद थे। इस कार्रवाई के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा काफी गर्म हो गया था और लगातार विपक्षी नेताओं के बयान सामने आ रहे थे।

तेजस्वी यादव की चेतावनी और आगे का घटनाक्रम

बड़े भाई की इस गिरफ्तारी के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार को तीखी चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि तेज प्रताप यादव के साथ-साथ अन्य गिरफ्तार विधायकों और छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो राज्यभर में एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस राजनीतिक दबाव और कानूनी प्रक्रिया के बीच अब उनकी रिहाई हो चुकी है, जिससे उनके समर्थकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

सवाल-जवाब

तेज प्रताप यादव को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों और बिहार बंद के दौरान माहौल बिगाड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
तेज प्रताप यादव को किस जेल से रिहा किया गया है?
उन्हें पटना की बेउर जेल से रिहा किया गया है, जहाँ वे न्यायिक हिरासत में बंद थे।
तेज प्रताप यादव को कब गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें 25 जुलाई को पटना में गिरफ्तार किया गया था।
रिहाई के बाद तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से क्या कहा?
जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से कोई बातचीत नहीं की और सीधे अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप यादव के समर्थन में किसने चेतावनी दी थी?
उनके भाई तेजस्वी यादव ने सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी रिहाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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