भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य विपक्षी दल पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि देश में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों और फ्रांस में भड़की हिंसक घटनाओं के बीच आपस में जुड़े हुए तार नजर आते हैं। इस कथित नेटवर्क को लेकर सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
विदेशी ताकतों और गठजोड़ के आरोप
पार्टी की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने दावा किया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए कथित तौर पर बाहरी और आंतरिक तत्वों के बीच समन्वय बैठाया जा रहा है। नेताओं का कहना था कि इस प्रकार के प्रयास देश की स्थिरता के लिए चुनौती पेश करते हैं और इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति काम कर रही है।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के प्रमुख चेहरे को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। एक प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के कृत्यों से देश के भीतर अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने मीडिया में आई खबरों का जिक्र करते हुए यह भी सवाल उठाया कि इस तरह के कथित संबंधों के पीछे मुख्य सूत्रधार कौन लोग हैं।
लाल-हरे सिंडिकेट और वैश्विक नेटवर्क की चर्चा
सामने आई रिपोर्ट के हवाले से यह भी बताया गया कि किस प्रकार विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े संगठन मिलकर वैश्विक स्तर पर सरकारों को प्रभावित करने या गिराने का प्रयास करते हैं। इस कथित तंत्र में कुछ खास रंगों के समूहों के मेल का जिक्र करते हुए कहा गया कि दुनिया भर के कई देशों में ऐसे संगठन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर अशांति पैदा करने में जुटे हैं।
बैठकों और समन्वय पर उठे सवाल
पार्टी की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया कि विदेशी संगठनों के प्रतिनिधि कुछ समय पहले प्रमुख विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इस बात को आधार बनाते हुए सत्तारूढ़ दल ने यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या इन विरोध-प्रदर्शनों के दौरान किसी बाहरी संगठन के साथ मिलकर रणनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान किया गया था। इस मामले पर विपक्षी खेमे की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


















