बुधवार को बर्नपुर स्थित त्रिवेणी मोड़ पर आयोजित एक सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में अग्निमित्रा पॉल ने भाग लिया। इस आयोजन में महिला दोपहिया चालकों को हेलमेट बांटे गए। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सड़क हादसों, ध्वनि प्रदूषण, कथित वित्तीय अनियमितताओं, अस्पतालों में चल रही गड़बड़ियों और राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े कई संवेदनशील मामलों पर विस्तार से विचार रखे।
सड़क सुरक्षा और फुटपाथ अतिक्रमण पर जोर
दुर्घटनाओं को रोकने का संदेश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क हादसों में होने वाली मौतें अत्यंत चिंताजनक हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना बेहद अनिवार्य नियम है। उन्होंने कहा कि केवल लापरवाही ही नहीं, बल्कि फुटपाथों पर कब्जा जमाना भी हादसों की एक बड़ी वजह बन रहा है। जब फुटपाथों पर अतिक्रमण हो जाता है, तो राहगीरों को मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
केंद्र की योजनाओं और सीएजी रिपोर्ट पर घेरा
अंफान आपदा राहत पैकेज तथा केंद्रीय सहायता योजनाओं को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने राज्य प्रशासन की पिछली कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुरानी सरकार ने न केवल अंफान राहत कोष से जुड़ी प्रक्रिया में ढिलाई बरती, बल्कि केंद्र सरकार की कई प्रमुख विकास परियोजनाओं और विभिन्न स्पर्धाओं में भी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र पर दोष मढ़कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की गई, लेकिन अब जब सीएजी रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी जाएगी, तब असली आंकड़े और पूरा सच जनता के सामने आ जाएगा।
ध्वनि प्रदूषण और होटल मालिकों के नाम प्रदर्शित करने पर रुख
ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त मानक तय करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि 50 डेसिबल से अधिक आवाज की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। चाहे धार्मिक स्थल हों, सामाजिक कार्यक्रम हों या कोई सार्वजनिक समारोह, निर्धारित सीमा का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और बुजुर्गों व सामान्य नागरिकों को परेशानी न झेलनी पड़े। वहीं, होटलों और खानपान प्रतिष्ठानों पर मालिकों के नाम दर्शाने से संबंधित विषय पर उन्होंने कोई सीधी टिप्पणी करने से मना कर दिया और कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
पेंशन व रॉयल्टी विवाद पर पलटवार और अस्पताल प्रकरण पर जांच का भरोसा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पेंशन, रॉयल्टी भुगतान और बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के संदर्भ में दिए गए बयानों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जरूरत महसूस हुई तो संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी पूरी गहराई से पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा, आसनसोल के मिशन अस्पताल में पैसों का लालच देकर नाबालिग बच्चों से रक्तदान कराने के गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सिद्ध होते हैं तो यह एक अमानवीय और अक्षम्य अपराध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
अवैध वसूली और राजनीतिक दल-बदल की अटकलों पर जवाब
राज्य में अवैध उगाही और रंगदारी की शिकायतों पर रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नेता या कार्यकर्ता ही क्यों न हो। यदि कहीं भी धमकी देकर पैसे वसूलने का मामला सामने आएगा तो प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कठोर कार्रवाई होगी। Trinamool Congress (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों और सांसदों के वापस लौटने की बात कही थी, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल विकास कार्यों को पूरा करने में विश्वास रखती है और इस तरह की तुच्छ राजनीति पर अपना समय नष्ट नहीं करेगी।
सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के आवास के आसपास संदिग्धों द्वारा रेकी किए जाने और इस मामले में हुई गिरफ्तारियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों को शरण देने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोट बैंक तैयार करने की राजनीति ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा तथा पुलिस और प्रशासन ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर सख्त कदम उठाएंगे।


















