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डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों को समन का जवाब देने पर मजबूर करने के लिए बजट कटौती का हथियार इस्तेमाल करेगी कांग्रेसराजनीति
3 सित॰ 2026, 2:38 am (9 दिन पहले)· 3

डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों को समन का जवाब देने पर मजबूर करने के लिए बजट कटौती का हथियार इस्तेमाल करेगी कांग्रेस

संसदीय जांच समिति के अधिकारियों ने पूर्व प्रशासनिक मामलों का हवाला देते हुए ट्रंप प्रशासन के निर्माण प्रोजेक्ट्स की फंडिंग रोकने की योजना बनाई है ताकि समन की अनदेखी पर लगाम कसी जा सके।

आगामी मध्यावधि चुनावों को ध्यान में रखते हुए, प्रतिनिधि सभा के जनप्रतिनिधि भविष्य के विधायी सत्रों के दौरान कार्यपालिका की जवाबदेही तय करने के लिए व्यापक रणनीति बना रहे हैं। केवल पारंपरिक कानूनी रास्तों पर निर्भर रहने के बजाय, संसदीय समितियों के सहयोगी और प्रमुख नेता वित्तीय आवंटन यानी बजट की शक्तियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य डोनाल्ड ट्रंप के करीबी अधिकारियों और सहयोगियों को संसदीय समन का पालन करने के लिए मजबूर करना है। जांच में सहयोग न मिलने की स्थिति में सीधे बजट पर रोक लगाकर प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी की जा रही है।

भव्य निर्माण परियोजनाओं की फंडिंग रोकने की तैयारी

इस नई रणनीति के केंद्र में उन प्रमुख वास्तुशिल्प और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के बजट को रोकना शामिल है, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप विशेष रुचि रखते हैं। संसदीय समिति के अधिकारियों का मानना है कि व्यक्तिगत महत्व की निर्माण परियोजनाएं प्रशासन का एक ऐसा संवेदनशील पहलू हैं, जहां वित्तीय कटौती का सीधा असर पड़ता है। संभावित बजट कटौती के दायरे में वेस्ट विंग के भावी जीर्णोद्धार कार्य और वॉशिंगटन में एक विशाल विजय मेहराब यानी ट्राइंफ आर्च बनाने की योजनाएं शामिल हैं। यदि प्रशासन के अधिकारी संसदीय समन का जवाब देने से इनकार करते हैं, संसद के निर्देशों की अनदेखी करते हैं या बिना अनुमति संघीय इमारतों के नाम बदलने अथवा बदलाव करने की कोशिश करते हैं, तो संसद इन परियोजनाओं के लिए मिलने वाले फंड पर रोक लगा सकती है।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ज्यूडिशियरी कमेटी का रुख

संसदीय बजट शक्तियों के इस्तेमाल की यह रणनीति सुप्रीम कोर्ट के उस विभाजित फैसले के बाद और तेज हुई है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने की अनुमति दी गई थी। इस फैसले के बाद संसद के पास मौजूद विकल्पों पर बात करते हुए हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य जेमी रास्किन ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत निर्माणों को रोकने के लिए बजट नियंत्रण ही सबसे प्रभावी तरीका है। रास्किन के बयान के अनुसार, व्हाइट हाउस के लिए धन आवंटित करने का अधिकार केवल संसद के पास है और राष्ट्रपति अपनी मर्जी से किसी ऐतिहासिक इमारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। रास्किन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "हमारे पास बजट आवंटन की शक्ति है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि डोनाल्ड ट्रंप किसी अन्य संघीय इमारत या ऐतिहासिक स्थल को नुकसान न पहुंचा सकें।"

अदालती देरी और अतीत की समन चुनौतियों से निपटने की रणनीति

बजट के जरिए दबाव बनाने का यह फैसला अदालती प्रक्रियाओं में होने वाली अत्यधिक देरी के अनुभवों के बाद लिया गया है। वॉशिंगटन की संघीय जिला अदालत और अपीलीय अदालतों के माध्यम से समन को लागू कराने की प्रक्रिया में सालों का समय लग जाता है। डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब पूर्व व्हाइट हाउस वकील डॉन मैकगैन को संसदीय समन जारी किया गया था। उस समय कार्यपालिका के विशेषाधिकार का हवाला दिया गया, जिसके कारण ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने तक डॉन मैकगैन संसद के समक्ष गवाही देने नहीं पहुंचे। इस अनुभव से साफ हुआ कि लंबी कानूनी लड़ाई के कारण संसदीय जांच की प्रभावशीलता कम हो जाती है।

वित्तीय जुर्माने और त्वरित न्यायिक समीक्षा के कानूनी विकल्प

समन की अनदेखी को नुकसानदेह बनाने के लिए संसदीय सलाहकार कई अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। एक प्रस्ताव के तहत प्रतिनिधि सभा के नियमों में संशोधन करके अंतर्निहित अवमानना प्रावधानों के जरिए उन अधिकारियों पर बार-बार वित्तीय जुर्माना लगाने की बात कही गई है जो समन का पालन नहीं करते। इसके साथ ही, कानूनी विशेषज्ञों का सुझाव है कि राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान ही मामलों को निपटाने के लिए त्वरित न्यायिक समीक्षा कानून बनाना आवश्यक है। इसके लिए एक प्रस्ताव यह है कि समन विवादों की सुनवाई के लिए संघीय जिला अदालत का एक विशेष पैनल गठित किया जाए, जिसकी अपील सीधे सुप्रीम कोर्ट में की जा सके।

न्याय विभाग की सीमाएं और प्रशासन के सामने विकल्प

तेज अदालती प्रक्रिया के बावजूद कानूनी जानकार मानते हैं कि न्यायिक व्यवस्था की अपनी सीमाएं हैं। चूंकि समन की अवमानना का आपराधिक मुकदमा चलाने की जिम्मेदारी जस्टिस डिपार्टमेंट की होती है, इसलिए वह अपने ही प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने से कतराता है। यही कारण है कि बजटीय कटौती और निर्माण परियोजनाओं की फंडिंग रोकने के कदम को सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है। अंततः, प्रशासन के सामने यही विकल्प होगा कि या तो वे संसदीय समन का पालन करें या अपनी महत्वाकांक्षी निर्माण परियोजनाओं का बजट बंद होने का जोखिम उठाएं।

सवाल-जवाब

प्रतिनिधि सभा के सदस्य ट्रंप प्रशासन के खिलाफ बजट कटौती की योजना क्यों बना रहे हैं?
सांसद प्रशासनिक अधिकारियों और उनके सहयोगियों को संसदीय जांच के समन का पालन कराने के लिए बजट आवंटन पर संसद के नियंत्रण का उपयोग करना चाहते हैं।
किन विशिष्ट निर्माण परियोजनाओं का बजट रोका जा सकता है?
संभावित बजटीय प्रतिबंधों के दायरे में वेस्ट विंग के भावी जीर्णोद्धार कार्य और वॉशिंगटन में प्रस्तावित विजय मेहराब की परियोजना शामिल है।
पारंपरिक तरीकों से समन लागू कराने को सांसद अप्रभावी क्यों मानते हैं?
समन पर कानूनी लड़ाई में सालों का समय लगता है, जैसा कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में देखा गया जब डॉन मैकगैन बिना गवाही दिए कार्यकाल समाप्त होने तक बचे रहे।
समन का पालन कराने के लिए किन अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है?
सलाहकार प्रतिनिधि सभा के नियमों के तहत अवमानना जुर्माना लगाने और त्वरित न्यायिक समीक्षा के लिए एक विशेष अदालती पैनल गठित करने पर विचार कर रहे हैं।
जस्टिस डिपार्टमेंट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समन की अवमानना पर मामला दर्ज क्यों नहीं करता?
जस्टिस डिपार्टमेंट खुद कार्यपालिका का हिस्सा है, इसलिए वह अपने ही प्रशासन में कार्यरत अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने से कतराता है।
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·8 दिन पहले

संसद द्वारा बजट का हथियार बनाना अमेरिकी राजनीति में कार्यकारी और विधायी शक्तियों के बीच एक पुराना लेकिन अत्यधिक प्रभावी संघर्ष है। अदालतों में सालों तक चलने वाली कानूनी लड़ाइयों से बचने के लिए, प्रतिनिधि सभा वित्तीय नियंत्रण का रुख कर रही है। यदि इस रणनीति को अमली जामा पहनाया जाता है, तो यह व्हाइट हाउस की भावी परियोजनाओं और प्रशासनिक नियुक्तियों पर सीधा असर डालेगा, जिससे आने वाले विधायी सत्रों में टकराव और तीखा हो सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

संसद द्वारा बजट आवंटन की शक्ति यानी 'पावर ऑफ़ द पर्से' का यह इस्तेमाल केवल राजनीतिक गतिरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी वित्तीय और कॉर्पोरेट निहितार्थ हैं। जब किसी प्रशासन के निर्माण प्रोजेक्ट्स या सौंदर्यीकरण योजनाओं के फंड पर अनिश्चितता के बादल मंडराते हैं, तो उन परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों, निवेशकों और आपूर्तिकर्ताओं के शेयरों पर अल्पकालिक दबाव बढ़ जाता है। वित्तीय बाजारों और शेयर बाजार के दृष्टिकोण से, प्रशासनिक और विधायी टकराव के बीच यह कॉरपोरेट अनिश्चितता नीतिगत जोखिमों को सीधे बाजार के मूल्यांकन से जोड़ देती है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·8 दिन पहले

यह विधायी और कार्यकारी संघर्ष केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर मनोरंजन और मीडिया उद्योग के बड़े कॉर्पोरेट घरानों पर भी पड़ सकता है। वाशिंगटन में होने वाले इन प्रशासनिक बदलावों और बजट गतिरोधों के बीच, जब नीतिगत अनिश्चितता बढ़ती है, तो डिजिटल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर निवेश करने वाली बड़ी कंपनियों के शेयर बाजार मूल्यांकन पर मनोवैज्ञानिक दबाव साफ देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में यह टकराव अमेरिकी मीडिया घरानों की वित्तीय रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

अपराध और विधायी मामलों की यह तनातनी दिखाती है कि कानूनी लड़ाइयों में होने वाली लंबी देरी से बचने के लिए जांच एजेंसियां और संसद अब वित्तीय नियंत्रण को सबसे बड़ा हथियार बना रही हैं। अदालती प्रक्रियाओं के बजाय 'बजट की ताकत' का यह इस्तेमाल शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है और आने वाले समय में कार्यपालिका और विधायिका के बीच टकराव को और तेज करेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

संसद द्वारा बजट कटौती के इस रणनीतिक दांव से अमेरिकी राजनीति में कार्यपालिका और विधायिका के बीच वित्तीय नियंत्रण को लेकर एक नया टकराव तय है। जब अदालती रास्ते बहुत लंबे और जटिल साबित होते हैं, तब विधायिका का 'पॉवर ऑफ़ द पर्स' यानी धन आवंटन रोकने का अधिकार सबसे प्रभावी और त्वरित दबाव बनाने वाला हथियार बन जाता है। इस कदम से राष्ट्रपति के प्रशासनिक फैसलों और उनकी महत्वकांक्षी निर्माण परियोजनाओं पर सीधा अंकुश लगेगा, जिससे आने वाले विधायी सत्रों में राजनीतिक गतिरोध और गहरा सकता है।

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