राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट तेज होते ही प्रदेश का सियासी माहौल गरमाने लगा है। राज्य की राजधानी जयपुर में सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के प्रदेश कार्यालयों में पार्षद के टिकट के लिए दावेदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। संभावित प्रत्याशी टिकट पाने की लालसा में अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं और स्थानीय संगठन से लेकर प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं तक पहुंच बना रहे हैं। बुधवार को भी बीजेपी और कांग्रेस के जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालयों पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का तांता लगा रहा। कार्यकर्ता अपने बायोडाटा की प्रतियां लेकर पहुंचे और वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी राजनीतिक जमीन और दावेदारी को मजबूती से पेश किया। निकायों पर अपना कब्जा जमाने के उद्देश्य से दोनों ही पार्टियां हर उम्मीदवार को कड़े पैमानों पर कसने की तैयारी में जुटी हैं।
बीजेपी का बायोडाटा निर्देश और पांच-स्तरीय चयन प्रक्रिया
पार्टी मुख्यालय पर रोजाना जमा हो रही कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उम्मीदवारों के लिए बायोडाटा जमा करने की प्रक्रिया पर स्थिति साफ की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधे प्रदेश मुख्यालय या प्रदेश अध्यक्ष को बायोडाटा सौंपने के बजाय अपने संबंधित स्थानीय क्षेत्र के संगठन पदाधिकारियों को आवेदन देने के निर्देश दिए हैं। मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पहले स्थानीय स्तर पर सभी बायोडाटा की स्क्रूटनी की जाएगी और उसके बाद योग्य अभ्यर्थियों की सूची ऊपर भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता-आधारित दल है, इसलिए जिन कार्यकर्ताओं की अपने वार्ड या क्षेत्र में मजबूत पकड़ है और जो ईमानदार व निष्ठावान हैं, उन्हें टिकट में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ मैदान में उतरेंगे और राजस्थान के अधिकांश निकायों में पार्टी का बोर्ड बनेगा।
प्रत्याशियों के चयन को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बीजेपी ने पांच चरण की कसौटी तैयार की है। पहले चरण में दावेदार की अपने क्षेत्र के बूथ और मंडल स्तर पर सक्रियता व पकड़ का आकलन किया जाएगा। दूसरे चरण में क्षेत्र के स्थानीय कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों से संबंधित दावेदार के बारे में फीडबैक हासिल किया जाएगा। तीसरे चरण में उम्मीदवार के व्यक्तिगत जनाधार, उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि और जनता में उसकी साख को देखा जाएगा। चौथे चरण में संबंधित क्षेत्र के विधायक, विधायक प्रत्याशी, सांसद, सांसद प्रत्याशी और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों की राय शामिल की जाएगी। पांचवें और अंतिम चरण में इन सभी रिपोर्टों का अध्ययन करके एक पैनल बनाया जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम प्रत्याशी के नाम की घोषणा होगी।
कांग्रेस की जिताऊ और टिकाऊ रणनीति के साथ युवाओं पर दांव
दूसरी ओर, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को जयपुर में पीसीसी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर निकाय चुनाव की रणनीति पर व्यापक चर्चा की। गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ किया कि कांग्रेस इस बार केवल 'जिताऊ' और 'टिकाऊ' उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं देगी जो चुनाव के बाद निष्ठा बदल ले या बिकाऊ साबित हो। टिकट आवंटन का एकमात्र मुख्य आधार उम्मीदवार की जीत दर्ज करने की क्षमता ही रहेगा।
इसके अलावा कांग्रेस ने इस बार शहरी निकाय चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, यदि किसी सीट पर वरिष्ठ कार्यकर्ता और युवा दावेदार दोनों ही समान रूप से मजबूत और जिताऊ पाए जाते हैं, तो पार्टी युवाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे युवाओं को अपना आशीर्वाद दें और उन्हें चुनावी राजनीति में आगे आने का अवसर प्रदान करें। डोटासरा का मानना है कि युवाओं का जोश और वरिष्ठों का अनुभव मिलकर निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को मजबूत बनाएगा।
बगावत का खंडन और जासूसी के आरोप
टिकट वितरण के दौरान संभावित असंतोष के सवाल पर गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में किसी प्रकार की बगावत की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह एकजुट हैं और मिलकर चुनाव लड़ेंगे। डोटासरा ने विश्वास जताया कि निकाय चुनावों के परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहेंगे और कांग्रेस राज्य के ज्यादा से ज्यादा शहरों में अपने बोर्ड बनाने में सफल रहेगी।
अपनी बात रखते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ से सीधे फोन करके पुलिस इंटेलिजेंस और उपखंड अधिकारी (एसडीएम) स्तर के अधिकारियों से कांग्रेस के संभावित जिताऊ प्रत्याशियों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी अपने राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर भरोसा करने के बजाय सरकारी अधिकारियों के माध्यम से राजनीतिक सूचनाएं क्यों जुटा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कितनी भी जासूसी करा ले, कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के दम पर निकायों में बड़ी जीत हासिल करेगी।





















