झारखंड में प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और पुलिस बल के बीच दो दिन पहले हुई तीखी झड़प में अनेक लोग चोटिल हो गए थे। इस पूरे घटनाक्रम पर फिल्म उद्योग की चुप्पी को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश के युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दे सामने आते हैं, तब सिनेमा जगत के जाने-माने चेहरे मौन साध लेते हैं। कंगना ने विशेष रूप से वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के रुख और उनके बयानों पर आपत्ति प्रकट करते हुए उन्हें लोमड़ी करार दिया।
झारखंड में छात्र प्रदर्शन पर फिल्म उद्योग के दोहरे रवैये का आरोप
सिनेमा उद्योग की हस्तियों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कंगना रनौत ने कहा कि जब उनकी अपनी या उनके सहयोगियों की सुरक्षा पर बात आती है, तब पूरी इंडस्ट्री एकजुट होकर सहहानुभूति जताने लगती है। उन्होंने अतीत का स्मरण कराते हुए बताया कि उनके साथ संसद सदस्य के रूप में जुड़े कुछ साथियों की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए थे और स्वयं उनके आवास के प्रवेश द्वार पर 2500 लोगों का हुजूम एकत्र हो गया था। उस समय फिल्म जगत के लोगों ने जमकर आंसू बहाए थे। कंगना ने प्रश्न किया कि अब जब झारखंड में पढ़ाई कर रहे युवाओं पर विपदा आई है, तो क्या वे युवा इस पीढ़ी के प्रतिनिधि नहीं हैं?
नसीरुद्दीन शाह पर निशाना और पाकिस्तान प्रेम पर सवाल
बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कंगना ने फिल्म उद्योग की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा से जुड़े लोगों का पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रति लगाव समझ से परे है। चाहे फिल्में हों या सार्वजनिक मंचों पर दी जाने वाली टिप्पणियां, कई दिग्गज हस्तियां हमेशा पाकिस्तान के समर्थन में खड़ी नजर आती हैं। उन्होंने मांग की कि इस प्रकार का पाकिस्तान प्रेम अब समाप्त होना चाहिए और फिल्म जगत को देश के भीतर घट रही घटनाओं तथा छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर भी अपनी आवाज उठानी चाहिए।
जेनरेशन गटर टिप्पणी और कॉकरोच वाले बयान पर दिया स्पष्टीकरण
युवाओं के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए जेनरेशन गटर शब्द पर मचे बवाल के बाद कंगना ने अपनी मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह शब्द संपूर्ण युवा वर्ग के लिए प्रयोग में नहीं लाया गया था। उन्होंने बताया कि कुछ विशेष लोगों ने एक आपत्तिजनक वीडियो बनाकर धमकियां दी थीं, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही थी। कॉकरोच वाली टिप्पणी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को कॉकरोच के रूप में प्रस्तुत करते हैं और फिर गटर का उल्लेख होने पर आपत्ति जताते हैं, उनका तर्क समझ से बाहर है। यदि कोई खुद को कॉकरोच मानता है तो उसका स्वभाविक स्थान गटर ही बताया जाएगा। कंगना ने कहा कि यदि कोई उनके बारे में ऐसी बात कहेगा तो वे उसे सिरे से खारिज कर देंगी।
ड्रग्स, सट्टेबाजी और संसद में चर्चा पर कही यह बात
कंगना रनौत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज में व्याप्त नशे की लत, सट्टेबाजी, जुए और डार्क वेब जैसे गंदे रुझानों में लिप्त युवाओं की चर्चा करने का अर्थ यह नहीं है कि पूरी पीढ़ी को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी कुछ खास व्यक्तियों और महिलाओं के आचरण तक सीमित थी। अपनी बात के अंत में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या लोग यह अपेक्षा रखते हैं कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं संसद भवन में आकर इस प्रकार की कम बुद्धि वाले तत्वों से सीधे संवाद स्थापित करें।



















