बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के एक विवादित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और विशेषकर महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद गहरा गया है। कंगना रनौत ने आंदोलन का हिस्सा बनीं युवा महिलाओं की आलोचना करते हुए उन्हें गटर जेनरेशन करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास पर निशाना साधते हुए उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। अब इस पूरे मामले पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कंगना रनौत पर तीखा पलटवार किया है और उनकी राजनीतिक समझ तथा गंभीरता पर कई सवाल खड़े किए हैं।
सौरव दास का तीखा पलटवार और राजनीतिक गंभीरता पर सवाल
कंगना रनौत के बयान के जवाब में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बीजेपी की अपनी ही पार्टी के लोग कंगना को गंभीरता से नहीं लेते हैं, ऐसे में बाकी लोगों से यह उम्मीद करना बेकार है कि वे उनकी बातों पर ध्यान देंगे। सौरव दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के दौर में जेन ज़ी, जेन ऐल्फा या फिर किसी भी युवा पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति कंगना रनौत की बातें सुनना या उन्हें गंभीर राजनीतिज्ञ मानना पसंद नहीं करता है। उनकी राय में जनता के बीच कंगना के बयानों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
अपनी बात को साबित करने के लिए सौरव दास ने हिमाचल प्रदेश से जुड़े एक पुराने वाकये का संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि जब कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश दौरे पर गई थीं, तब उनका एक वीडियो सामने आया था। उस वीडियो में कंगना ने स्वीकार किया था कि उन्हें लगता था कि सांसद बनने के बाद थोड़ा ही काम करना पड़ेगा, लेकिन यहां आकर पता चला कि सांसद के रूप में बहुत सारा काम करना पड़ता है। सौरव दास का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर काम की जिम्मेदारियों को लेकर ऐसी बातें बोलना ही कंगना रनौत की राजनीतिक गंभीरता और परिपक्वता का वास्तविक स्तर दिखाता है।
जंतर-मंतर आंदोलन और महिलाओं के लिए कड़वे शब्द
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रही महिलाओं और छात्राओं को सीधे तौर पर अपना निशाना बनाया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का चेहरा बनीं महिलाओं के खिलाफ बेहद कड़वे और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। कंगना ने उन्हें गटर जेनरेशन कहते हुए तंज कसा कि ये महिलाएं इतनी भ्रष्ट और बदसूरत हैं कि ये साधारण होममेकर बनने के लायक भी नहीं हैं।
यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत ने युवा पीढ़ी पर इस तरह की भाषा का प्रयोग किया हो। इससे पहले भी उन्होंने एक बयान दिया था, जिस पर युवा महिलाओं ने कड़ा विरोध व्यक्त किया था। अपने पिछले बयान में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि आज की जेनरेशन को जन्म देने वाली और उनका लालन-पालन करने वाली पूरी पीढ़ी को शर्मिंदा होना चाहिए। उनके इस तरह के लगातार बयानों ने युवा प्रदर्शनकारियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
सौरव दास की उम्र और दो नेशनल अवॉर्ड की तुलना
युवा महिलाओं के अलावा कंगना रनौत ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास की व्यक्तिगत स्थिति पर भी टिप्पणी की थी। कंगना ने कहा था कि उन्होंने सौरव की उम्र के बारे में जानकारी हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि सौरव दास 28 साल की उम्र में भी बेरोजगार हैं और बिना काम-काज के इधर-उधर घूम रहे हैं। इसके साथ ही कंगना ने अपनी तुलना करते हुए कहा कि जब वे खुद 28 साल की उम्र में थीं, तब उनके पास दो नेशनल अवॉर्ड आ चुके थे।
सौरव दास ने कंगना के इस निजी हमले पर पलटवार करते हुए साफ किया कि किसी की उम्र या कला जगत की उपलब्धियों को आधार बनाकर जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी नाकामियों को छुपाया नहीं जा सकता। राजनीतिक मंच पर किसी युवा प्रवक्ता को नीचा दिखाने की कोशिश करने के बजाय कंगना को अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी और जनसमस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।



















