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झोटवाड़ा में गरमाया निकाय चुनाव का सियासी माहौल, राठौड़ के घर जुटे टिकट के दावेदारराजनीति
24 अग॰ 2026, 8:38 am (19 दिन पहले)· 2

झोटवाड़ा में गरमाया निकाय चुनाव का सियासी माहौल, राठौड़ के घर जुटे टिकट के दावेदार

राजस्थान में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के आवास पर टिकट के दावेदारों और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा, जहां जमीनी फीडबैक और चुनावी तैयारियों पर चर्चा की गई।

राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में आगामी निकाय चुनावों को लेकर सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों, विशेष रूप से भाजपा और कांग्रेस में टिकट पाने के लिए संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। इसी कड़ी में राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में रविवार का दिन राजनीतिक हलचल से भरपूर रहा। यहां सुबह से लेकर शाम तक टिकट के दावेदारों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला, जिससे पूरे इलाके का सियासी पारा चढ़ गया।

झोटवाड़ा विधायक और मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के आवास पर दिनभर मुलाकातों का दौर चलता रहा। अलग-अलग इलाकों से पहुंचे स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने राठौड़ से मुलाकात की। अपनी दावेदारी को पार्टी के भीतर मजबूत करने के लिए कई संभावित प्रत्याशी मंत्री के घर पहुंचे और समीकरण साधने की कोशिश की। इसके साथ ही संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ फोन और बैठकों के जरिए संपर्क साधने की कवायद भी तेज हो गई है।

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मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों से मुलाकात के दौरान स्थानीय परिस्थितियों, संगठन की जमीनी स्थिति और चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी एक परिवार की पार्टी नहीं है, बल्कि यह समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। प्रत्याशी के चयन में पूरी तरह से संगठन की राय, कार्यकर्ताओं के सुझाव और जमीनी फीडबैक को सर्वोपरि महत्व दिया जाएगा।

पिछले सप्ताह से लगातार चल रही इन बैठकों को लेकर राठौड़ ने बताया कि सैकड़ों कार्यकर्ता कमल के निशान के साथ पार्टी की मजबूती के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। पार्टी हाईकमान जिसे भी अपना उम्मीदवार घोषित करेगा, सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर उसके समर्थन में चुनाव मैदान में उतरेंगे। उनका मानना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय हमेशा आपसी संवाद और व्यापक सहमति के आधार पर ही लिए जाने चाहिए।

बैठकों और चुनावी चर्चाओं के बीच झोटवाड़ा क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा भी सामने आया। राठौड़ ने बताया कि सरकार ने शहरी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर अपना विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उदाहरण के लिए, बाईपास क्षेत्र में पहले ड्रेनेज और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब इन समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा रहा है।

क्षेत्र में बिजली की खतरनाक हाईटेंशन लाइनों को पूरी तरह से अंडरग्राउंड करने का काम किया गया है। इसके अलावा नई सीवरेज लाइनें बिछाने, पानी की नई टंकियों का निर्माण करने और पाइपलाइन डालने के कार्य बड़े पैमाने पर किए गए हैं। पृथ्वीराज नगर जैसे बड़े इलाके में सुनियोजित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सिरसी रोड क्षेत्र में लगभग 60 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से उन्नत ड्रेनेज व्यवस्था विकसित किए जाने का दावा भी किया गया है।

विकास कार्यों के इस सिलसिले में चित्रकूट और वैशाली नगर क्षेत्रों में चल रहे सीवरेज और ड्रेनेज के कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। जिन इलाकों में अक्सर जलभराव की समस्या बनी रहती थी, वहां अब सीसी और सीमेंटेड सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि स्थानीय नागरिकों को जलभराव और कीचड़ से स्थायी रूप से मुक्ति मिल सके।

विकास कार्यों को लेकर विपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे सवालों और आरोपों पर पलटवार करते हुए राठौड़ ने कहा कि किसी भी बड़े विकास कार्य के दौरान छोटी-मोटी परेशानियां सामने आना पूरी तरह स्वाभाविक है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि सवाल उठाना विपक्ष का काम है और यही स्वस्थ लोकतंत्र की असली ताकत है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार केवल आलोचनाओं का जुबानी जवाब नहीं दे रही, बल्कि जमीन पर ठोस काम करके अपनी कार्यशैली साबित कर रही है।

इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच निकाय चुनाव के टिकट की दौड़ में शामिल दावेदारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और अपने समर्थकों को पूरी तरह सक्रिय कर चुके हैं। दावेदार अपनी सक्रियता, आम जनता के बीच अपनी पैठ और संगठन के साथ पुराने जुड़ाव को आधार बनाकर टिकट के लिए अपना दावा ठोक रहे हैं।

इस बार की चुनावी प्रक्रिया में एक दिलचस्प पहलू यह भी देखने को मिल रहा है कि महिला दावेदार भी टिकट की रेस में किसी से पीछे नहीं हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार संपर्क साध रही हैं और अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियानों को तेज कर चुकी हैं। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के टिकट के लिए दावेदारों की बढ़ती संख्या से पार्टी के भीतर अंदरूनी लॉबिंग और राजनीतिक समीकरण बनाने का दौर परवान चढ़ गया है। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किस वार्ड में किस चेहरे पर अपना भरोसा जताती है, जिसका खुलासा आने वाले दिनों में ही हो पाएगा।

सवाल-जवाब

झोटवाड़ा में राजनीतिक सरगर्मियां क्यों बढ़ गई हैं?
राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट की दावेदारी बढ़ने के कारण राजनीतिक सरगर्मियां तेज हुई हैं।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के आवास पर कौन लोग जुट रहे थे?
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के टिकट के इच्छुक संभावित प्रत्याशी और पार्टी कार्यकर्ता मंत्री के आवास पर जुट रहे थे।
प्रत्याशी चयन में किस बात को प्राथमिकता दी जाएगी?
पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रत्याशी चयन में संगठन की राय, कार्यकर्ताओं के सुझाव और जमीनी फीडबैक को प्राथमिकता दी जाएगी।
सिरसी रोड क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था पर कितना खर्च होने का दावा किया गया है?
सिरसी रोड क्षेत्र में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज व्यवस्था विकसित किए जाने का दावा किया गया है।
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