हैदराबाद में भारत राष्ट्र समिति यानी कि BRS पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने ब्रेन कैंसर की बीमारी से जूझ रहे १३ साल के बच्चे कर्णे विनय के परिवार से मुलाकात कर उसे हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। नेता ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि विनय के इलाज के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। इसके बाद बच्चे को तुरंत बेहतर उपचार के लिए सिंध अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस लेते हुए आभार जताया।
खम्मम जिले के नरसिंहुला गुडेम से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला तेलंगाना के खम्मम जिले के कुसुमांची मंडल के तहत आने वाले नरसिंहुला गुडेम गांव का है, जहां के रहने वाले कर्णे विनय गंभीर ब्रेन कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। उनके पिता का नाम कर्णे आदिनारायण और माता का नाम अनीता है। पूर्व विधायक कंडाला उपेंद्र की पहल पर बच्चे का परिवार केटी रामा राव से मिला था, जिन्होंने स्नेहपूर्वक बच्चे की सेहत की जानकारी ली और परिवार को पूरा सहयोग देने का वादा किया।
सिंगरेनी कोलियरीज और विदेशी कोयले को लेकर तीखे सवाल
एक तरफ जहां मानवीय पहल सामने आई, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर केटी रामा राव ने तेलंगाना भवन में नरसंपेट विधानसभा क्षेत्र की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सिंगरेनी कोलियरीज से जुड़े कथित घोटालों, विदेशों से कोयला खरीदने की प्रस्तावित योजनाओं और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की कथित अनियमितताओं की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की सीधी मांग रखी।
मौजूदा जज से जांच कराने की खुली चुनौती
केटी रामा राव ने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कथित तौर पर यह कहा गया था कि लिखित में देने पर जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने अपनी बात में कहा कि यदि सरकार में वास्तव में हिम्मत है तो वह इन सारे आरोपों की जांच किसी वर्तमान न्यायाधीश से पूरी निष्पक्षता के साथ करवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर राज्य में बिजली उत्पादन, सिंचाई और कोयले के क्षेत्र में संकट पैदा कर रही है ताकि मनमाने ढंग से महंगी खरीद और कमीशन का रास्ता साफ किया जा सके।
कोयला आयात और बकाए पर गंभीर आरोप
नेता ने दावा किया कि स्थानीय स्तर पर सिंगरेनी का कोयला लगभग ३,८०० रुपये प्रति टन के हिसाब से मिल जाता है, जबकि आयातित कोयले की कीमत १०,००० से १२,००० रुपये प्रति टन तक पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के भीतर ही पर्याप्त कोयला उपलब्ध होने के बावजूद केवल कमीशनखोरी के इरादे से ऑस्ट्रेलिया से आयात की योजना बनाई जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंगरेनी कंपनी का लगभग ६०,००० करोड़ रुपये का बकाया अब भी लंबित पड़ा है और उत्पादन में भी कमी की गई है। इस बीच केटी रामा राव ने पहले भी कांग्रेस और राजनीतिक हालात को लेकर बड़े सियासी बयान दिए हैं।
























