मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध की आवाजें उठ रही हैं। इसी सिलसिले में जंतर मंतर पर कांग्रेस के साथ-साथ कॉकेरेज पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा देखने को मिला। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंडी से सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे समूहों और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें राष्ट्र विरोधी ताकत करार दिया।
प्रदर्शन की आड़ में साजिश रचने का लगाया आरोप
कंगना रनौत का मानना है कि इस तरह के धरने और प्रदर्शन केवल एक दिखावा हैं, जबकि इनके पीछे देश के भीतर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि अब ऐसे तत्वों का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुलिस प्रशासन ही नहीं, बल्कि देश के सजग नागरिक भी अब इन ताकतों की असलियत को अच्छी तरह समझ चुके हैं और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अयोध्या यात्रा के दौरान लखनऊ में दिया बयान
मंडी से लोकसभा सांसद ने 10 अक्टूबर को उस समय यह टिप्पणी की जब वह अयोध्या के सफर पर थीं और रास्ते में लखनऊ पहुंची थीं। उन्होंने एसआईआर के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कहा कि देश की जागरूक जनता अब ऐसे तत्वों से सीधे सवाल पूछने लगी है। अपनी धार्मिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वह अयोध्या धाम में भगवान राम के दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के उद्देश्य से जा रही हैं।
नागरिकों की सुरक्षा और आस्था पर बल
अपनी यात्रा के दौरान रनौत ने भगवान राम और पवनपुत्र हनुमान का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए कई शक्तियां निरंतर सक्रिय हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस पहलू पर विशेष जोर दिया कि किसी भी तरह के राजनीतिक विरोध या धरने के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है कि आम नागरिकों और राहगीरों को किसी किस्म की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली उच्च न्यायालय में व्यक्तित्व अधिकारों की याचिका
राजनीतिक बयानों के अलावा कंगना रनौत कानूनी मोर्चे पर भी सक्रिय नजर आईं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया मंचों पर अपने खिलाफ प्रसारित की जा रही एआई जनित आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को हटाने की गुहार लगाई। इस कानूनी मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विकास महाजन ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के संरक्षण से जुड़ी याचिका पर विपक्षी पक्षों को समन जारी करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि इस पूरे विषय पर अदालत द्वारा जल्द ही एक अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा।





















