घर, व्यापार और बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के उपायों का सहारा लेते हैं। हालांकि, बाजार से लाई जाने वाली इन चीजों का इस्तेमाल करने से पहले उनका शुद्धिकरण करना सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इसके साथ ही यह जानना भी आवश्यक है कि किस समस्या के लिए कौन सा नजर दोष उपयुक्त है और उसे कितने लंबे समय तक घर पर टांगकर रखना चाहिए।
बुरी नजर हमेशा मुख्य दरवाजे के रास्ते ही घर के भीतर प्रवेश करती है। इसलिए घर के मुख्य द्वार पर ही ऐसा नजर दोष स्थापित करना चाहिए, जिससे नकारात्मक ऊर्जा उस पर पड़ते ही कई हिस्सों में बंट जाए। हर अलग समस्या और बुरी नजर के प्रभाव से निपटने के लिए अलग तरह के प्रतीकों का चयन करना समझदारी होती है।
समस्या के अनुसार चुनें नजर दोष के प्रकार
यदि किसी घर में लगातार धन की कमी बनी हुई है, तो वहां हाथी के आकार का नजर दोष लगाना फायदेमंद माना जाता है। हाथी को गजलक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जिससे नकारात्मकता दूर होती है और माता लक्ष्मी का वास घर में स्थिर रहता है। इसी तरह यदि परिवार में किसी सदस्य की सेहत अक्सर खराब रहती है, तो उल्लू की आंख वाले नजर दोष का उपयोग किया जाना चाहिए। वहीं, जिन लोगों का कारोबार धीरे-धीरे मंदा पड़ रहा है या प्रभावित हो रहा है, उन्हें अपनी दुकान पर कमल पुष्प के आकार का नजर दोष लगाना चाहिए।
शुद्धिकरण और आचार्य सोम प्रकाश शास्त्री की राय
इस विषय पर आचार्य सोम प्रकाश शास्त्री ने विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि पंसारी की दुकान पर रखे खुले बतासे और मंदिर में पुजारी के पास रखे प्रसाद में फर्क होता है, इसलिए किसी भी वस्तु के उपयोग से पहले उसका शुद्धिकरण अनिवार्य है। उनके अनुसार, उल्लू की आंखों वाला विशेष नजर दोष उनकी देखरेख में तैयार किया जाता है और शुद्ध करने के बाद ही लोगों को दिया जाता है। इसे घर या दुकान के बाहर लगाने पर ग्राहकों या आने-जाने वालों की नकारात्मक ऊर्जा उस पर टकराकर तुरंत बिखर जाती है।
बाजार और जानकारों के माध्यम से हाथी के आकार का नजर दोष भी तैयार करवाया गया है, जो गजलक्ष्मी से जुड़ा होने के कारण धन को स्थिर रखता है। इसके अलावा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में कमल पुष्प वाला नजर दोष भी उपलब्ध कराया गया है। इस तरह के उपाय तब तक पूरी सुरक्षा प्रदान करते रहते हैं जब तक वे खंडित नहीं होते हैं।



















