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क्या शरद पवार की NCP (SP) का कांग्रेस में होगा विलय? सुप्रिया सुले और रोहित पवार के बयानों ने हवा दी अटकलों कोराजनीति
12 जून 2026, 11:26 pm (92 दिन पहले)· 0

क्या शरद पवार की NCP (SP) का कांग्रेस में होगा विलय? सुप्रिया सुले और रोहित पवार के बयानों ने हवा दी अटकलों को

महाराष्ट्र में शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर चर्चा गर्म है। संजय राउत के सुझाव और सुप्रिया सुले व रोहित पवार की प्रतिक्रियाओं के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।

महाराष्ट्र की सियासत इन दिनों एक सवाल के इर्द-गिर्द घूम रही है कि क्या शरद पवार की अगुवाई वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) कांग्रेस में अपना विलय कर सकती है। इस सवाल ने महाविकास आघाड़ी और महायुति, दोनों गठबंधनों में सरगर्मी पैदा कर दी है। इस अटकल की शुरुआत सबसे पहले शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत के बयान से हुई। उनका कहना था कि भाजपा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस से अलग हुए क्षेत्रीय दलों को दोबारा कांग्रेस के साथ जुड़ जाना चाहिए और इस मुहिम की कमान शरद पवार को संभालनी चाहिए।

संजय राउत ने कहा- "मजबूत कांग्रेस, अखंड कांग्रेस, एक प्रबल विकल्प के रूप में देश के भीतर खड़ी रहनी चाहिए। पवार साहब को इस संदर्भ में आगे आना चाहिए (पहल करनी चाहिए)। माननीय शरद पवार जी, यह जो विचारधारा या भूमिका बन रही है, एक साथ आने की, उस संदर्भ में अगर उन्होंने नेतृत्व किया, आगे आए (पहल की) तो यह विचार बहुत आगे जाएगा।"

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सवाल: क्या इसका मतलब एनसीपी भी कांग्रेस के साथ जाएगी?

संजय राउत ने कहा- "मेरा ऐसा कहना है कि कांग्रेस की विचारधारा से जो दल बाहर निकले, कुछ कारणों से, आज वे कांग्रेस के विचार पर काम कर ही रहे हैं। सरकार में होते हैं, अनेक प्रवाहों में एक साथ हैं तो यह विचार अगर एक साथ आया सारा, तो मोदी सरकार के सामने एक बहुत बड़ा विकल्प (चुनौती) खड़ा किया जा सकता है।"

कांग्रेस का क्या कहना है?

कांग्रेस की तरफ से भी इस चर्चा को पूरी तरह नकारा नहीं गया। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने दावा किया कि एनसीपी के कांग्रेस में विलय का विचार कोई नया नहीं है और यह प्रस्ताव पहले भी सामने आ चुका है। वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं ने विपक्षी दलों की एकजुटता की जरूरत पर बल दिया है। नाना पटोले ने कहा कि यह सोच अब अलग-अलग राज्यों के क्षेत्रीय दलों में भी पनप चुकी है। चाहे ममता बनर्जी हों, शरद पवार हों या धर्मनिरपेक्ष राजनीति की नुमाइंदगी करने वाले दूसरे दल, सभी को महसूस होता है कि देश को बचाने के लिए उन्हें कांग्रेस के साथ खड़ा होना चाहिए। यही सिलसिला अब शुरू हो चुका है।

एनसीपी (शरद पवार) ने क्या कहा?

दूसरी ओर, एनसीपी (शरद पवार) ने अभी किसी औपचारिक विलय प्रस्ताव से इनकार किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि ऐसी कोई बातचीत आधिकारिक रूप से नहीं हुई है, फिर भी रोहित पवार और सुप्रिया सुले के बयानों से यह इशारा जरूर मिला है कि विपक्षी एकता के मुद्दे पर हर विकल्प पर गौर किया जा सकता है। कांग्रेस में एनसीपी के विलय के सुझाव पर सुप्रिया सुले ने कहा- "संजय राउत जी मेरे लिए बड़े भाई जैसे हैं, उन्होंने एक अच्छा सुझाव दिया है। पता नहीं होगा नहीं होगा।" वहीं, रोहित पवार ने कहा- "जब होगा तब होगा। हो भी सकता है, नहीं भी हो सकता है। लेकिन सबसे पहले जरूरी यह है कि सभी विपक्षी दल एक साथ आएं और मोदी सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहें।"

सीएम फडणवीस ने क्या कहा?

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्षेत्रीय दल किसी "डूबते जहाज" जैसी कांग्रेस में विलय नहीं करेंगे। उनका दावा है कि अगर विपक्षी दल एकजुट भी हो जाएं तो भाजपा के विस्तार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि उलटा बीजेपी को राजनीतिक जगह (पॉलिटिकल स्पेस) ही मिलेगी।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ती अटकलें

कुल मिलाकर, अब तक कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) के विलय को लेकर न कोई आधिकारिक फैसला हुआ है और न ही कोई घोषणा। लेकिन संजय राउत के सुझाव, कांग्रेस नेताओं के सकारात्मक संकेत और रोहित पवार व सुप्रिया सुले की प्रतिक्रियाओं के बाद महाराष्ट्र की सियासत में इस मुद्दे पर अटकलों का दौर और तेज हो गया है।

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