पीएम मोदी के उपहार खरीदने का मौका, 17 सितंबर से शुरू होने जा रही है शानदार ई-नीलामीमाउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी की सैर: प्राकृतिक माहौल में करीब से देखें तेंदुआ और भालूफरीदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मवई नहर के पास मुठभेड़ के बाद दिल्ली के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तारउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अनुष्का पारीक ने संभाली पहली कमान, बेटी को अफसर देख छलके पिता के आंसूभारी बारिश ने दिखाया चमत्कार, जालोर की ढाई सौ साल पुरानी गोगड़ी बावड़ी का पानी छूने पहुंचा शिवलिंगखाटूश्याम जी मंदिर में संध्या आरती का बदला समय, 15 सितंबर से लागू हुआ नया नियमबस्तर के किसान सुखदास मौर्य की अनोखी तकनीक, पचास दिन में तैयार होती है फूल गोभीउत्तराखंड की महिलाओं के मजबूत और चमकदार बालों का पारंपरिक राज है शिकाकाई, जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और फायदेपूर्णिया के गुल्लू दा का अनूठा जलरंग चित्र, 12 रंगों से उकेरा पीएम मोदी और भगवान विश्वकर्मा का संगमफूलगोभी और पत्तागोभी को तबाह करने वाले चार प्रमुख रोग, जानिए इनसे बचाव के असरदार उपाय
लखनऊ कार कांड में अपर्णा यादव का बड़ा दावा, आरोपी पर पहचान छिपाकर महिला को ठगने का लगाया आरोपराजनीति
16 सित॰ 2026, 8:48 pm (18 मिनट पहले)· 0

लखनऊ कार कांड में अपर्णा यादव का बड़ा दावा, आरोपी पर पहचान छिपाकर महिला को ठगने का लगाया आरोप

लखनऊ में महिला को कार के बोनट पर घसीटने के मामले में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने गंभीर रुख अपनाते हुए आरोपी पर अपनी असली पहचान छिपाकर पीड़िता से संबंध बनाने का आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुई एक दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली हिट एंड रन की घटना ने अब एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है। इस मामले में एक महिला को तेज रफ्तार कार के बोनट पर घसीटा गया था, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब इस खौफनाक वारदात को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने न केवल इस घटना का खुद संज्ञान लिया है, बल्कि इसमें 'लव जिहाद' और अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने का एक बेहद गंभीर एंगल भी सामने ला दिया है। अपर्णा यादव के इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी सरगर्मी पैदा हो गई है और मामले की जांच का दायरा भी बढ़ गया है।

महिला आयोग की सक्रियता और गंभीर आरोप

इस दिल दहला देने वाले मामले पर मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कानून के सख्त क्रियान्वयन की बात कही। अपर्णा यादव ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि हमने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और दोषी पाए जाने पर कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी।" उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि राज्य में इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वह खुद यह सुनिश्चित करेंगी कि इस अपराध में शामिल किसी भी अन्य व्यक्ति को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

पहचान छिपाने और धोखाधड़ी का आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अपर्णा यादव ने आरोपी द्वारा महिला के साथ की गई धोखाधड़ी का खुलासा किया। शुरुआती जांच और उपलब्ध जानकारियों के हवाले से उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान छिपाई थी। उसने खुद को एक हिंदू व्यक्ति के रूप में पेश करके महिला के साथ संबंध स्थापित किए थे। इस तरह के आचरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश का हिस्सा करार दिया। इस खुलासे के बाद अब पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर महिला को किस प्रकार अपने जाल में फंसाया और उसका शोषण किया।

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज

अपर्णा यादव के इस बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर 'लव जिहाद' और पहचान छिपाकर की जाने वाली शादियों या संबंधों के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद से ही अपर्णा यादव महिलाओं की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर बेहद मुखर रही हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में उनका यह तीखा और सख्त रवैया उनकी राजनीतिक छवि को और मजबूत कर रहा है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी और अन्य मुख्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब सीधे तौर पर महिला सुरक्षा और धार्मिक धोखाधड़ी से जुड़ गया है।

कड़े कानूनी कदम और पुलिस की जांच

इस भयानक घटना के तुरंत बाद एक्शन में आई लखनऊ पुलिस ने आरोपी को पहले ही हिरासत में ले लिया है। लेकिन अपर्णा यादव के दखल और महिला आयोग के कड़े रुख के बाद अब इस केस में कई अन्य गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश में पहले से ही 'गैरकानूनी धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम' लागू है, जिसके तहत पहचान छिपाकर या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। पुलिस अब इस कानून के तहत भी आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। महिला आयोग की निगरानी के बीच प्रशासन का यह कड़ा रवैया स्पष्ट करता है कि राज्य में महिला सुरक्षा और पहचान छिपाकर किए जाने वाले अपराधों से निपटने के लिए योगी सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

लखनऊ में क्या घटना हुई थी?
लखनऊ में एक महिला को तेज रफ्तार कार के बोनट पर घसीटने की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई थी।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि महिला आयोग ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
इस मामले में 'लव जिहाद' का एंगल कैसे आया?
अपर्णा यादव के अनुसार, शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई कि आरोपी ने अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर महिला के साथ संबंध बनाए थे।
क्या आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है?
हाँ, लखनऊ पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR