महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है और इस बार निशाने पर है उद्धव ठाकरे की शिवसेना-UBT। पार्टी के भीतर बड़ी फूट की आहट सुनाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव खेमे के ज्यादातर लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामने की तैयारी में हैं। इस पूरी कवायद को सियासी गलियारों में 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम
सूत्रों के हवाले से कही जा रही बात यह है कि शिवसेना-UBT के 9 में से 7 सांसद शिंदे गुट में शामिल होने की कगार पर हैं। उद्धव कैंप के 6 से 7 सांसद कथित तौर पर पाला बदलने के लिए पूरी तरह तैयार बताए जा रहे हैं और जल्द ही शिंदे खेमे में जा सकते हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को इन सांसदों की दिल्ली में एक अहम बैठक होने की चर्चा है।
बुधवार सुबह दिल्ली में बैठक, फिर स्पीकर से मुलाकात
TrendKia को मिली जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के ये सांसद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित आवास पर जुटेंगे। इस बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की भी मौजूदगी रहने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक खत्म होने के बाद ये सांसद सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने पहुंचेंगे।
सूत्रों का दावा है कि रणनीति साफ है। पहले ये सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेंगे और इसके बाद इस गुट का विलय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में करा दिया जाएगा।
किन सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं
चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के 6 सांसद शिंदे शिवसेना के लगातार संपर्क में हैं। जो नाम सामने आ रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
- संजय दीना पाटिल
- संजय देशमुख
- नागेश पाटिल आष्टीकर
- ओमराज निंबालकर
- भाऊसाहेब वॉकचौरे
- संजय जाधव
इनके अलावा राजाभाऊ वाजे का नाम भी इस सूची में चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।
केसरकर का दावा: कई सांसद शिंदे के साथ आएंगे
शिंदे गुट के नेता दीपक केसरकर ने TrendKia से बातचीत में दावा किया कि उद्धव ठाकरे के कई सांसद एकनाथ शिंदे के साथ आएंगे और इसके लिए बस कुछ दिन का इंतजार करना होगा। केसरकर का कहना है कि कई जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में विकास कराने के मकसद से शिंदे से जुड़ना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना में जितने भी सांसद और विधायक हैं, वे सब बाला साहेब की हिंदुत्व वाली राजनीति को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में जो भी सांसद उनके संपर्क में हैं, वे सभी इसी खेमे में आएंगे।
पार्टी बचाने की कवायद में जुटे उद्धव
लगातार दूसरी बार पार्टी टूटने के खतरे को भांपते हुए उद्धव ठाकरे भी सक्रिय हो गए हैं। सांसदों के बाद अब वे 22 तारीख को अपने विधायकों की बैठक बुलाने जा रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित बगावत को रोका जा सके।
उद्धव के पास कितना संख्याबल
आंकड़ों पर नजर डालें तो उद्धव की पार्टी शिवसेना-UBT में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 9 लोकसभा और 1 राज्यसभा से हैं। शिंदे गुट का दावा है कि इन 9 लोकसभा सांसदों में से 7 उसके संपर्क में हैं, यानी दो तिहाई सांसद शिंदे खेमे में जाना चाहते हैं।
विधायकों को लेकर भी शिंदे गुट का बड़ा दावा है। उसके मुताबिक उद्धव सेना के 20 में से 16 विधायक भी उसके संपर्क में हैं, यानी दो तिहाई से भी ज्यादा। अगर वाकई ये सांसद और विधायक पाला बदल लेते हैं, तो पांच साल के भीतर यह दूसरा मौका होगा जब उद्धव ठाकरे की पार्टी में बड़ी फूट पड़ेगी।













