भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की मुक्केबाजी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक हासिल किया है। स्वर्ण पदक के लिए हुए फाइनल मुकाबले में लवलीना का सामना ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से हुआ। बेहद चुनौतीपूर्ण और कड़े मुकाबले के बाद जजों के विभाजित फैसले से परिणाम विपक्षी खिलाड़ी के पक्ष में रहा, जिसके कारण लवलीना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस बड़ी खेल उपलब्धि के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा कर भारतीय मुक्केबाज की सराहना की।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में लवलीना बोरगोहेन का सफर
इस प्रतियोगिता में लवलीना बोरगोहेन का प्रदर्शन शुरुआत से ही प्रभावी रहा। उन्होंने सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश पाकर भारत के लिए मुक्केबाजी में कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया था। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में लवलीना ने तुवालु की टरूणा खानम ताफाकी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के साथ हुई कड़ी भिड़ंत में विभाजित फैसले के तहत रजत पदक भारत के खाते में दर्ज हुआ।
अमित शाह ने क्या कहा
लवलीना बोरगोहेन की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उनकी तारीफ की। उन्होंने लिखा कि रिंग में लवलीना के संकल्प और प्रदर्शन ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। अमित शाह का कथन था, "आपकी अद्भुत प्रतिबद्धता और शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है।" उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता देश की नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतरता का रिकॉर्ड
लवलीना बोरगोहेन का अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी में लगातार पदक जीतने का रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2023 में आयोजित एशियाई खेलों की 75 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके अलावा जून 2024 में चेक रिपब्लिक में आयोजित ग्रैंड प्रिक्स में भी उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था। राष्ट्रमंडल खेल 2026 का यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और खेल प्रेमियों ने लवलीना बोरगोहेन के जुझारूपन की जमकर सराहना की और उनके प्रयास को स्वर्ण पदक के समान बताया। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस अवसर पर असम में बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक विषयों को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की।


























