कांग्रेस पार्टी अपने सांगठनिक ढांचे में एक व्यापक और गहरे स्तर पर बदलाव की तैयारी में जुट गई है, जिसे पार्टी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी माना जा रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव स्तर पर होने वाले इस बड़े फेरबदल के तहत करीब पचास प्रतिशत मौजूदा सचिवों की छुट्टी होना लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन की कमान अब युवा और अधिक सक्रिय चेहरों को सौंपने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी को और अधिक गतिशील बनाया जा सके।
कड़ी स्क्रीनिंग और गोपनीय रिपोर्ट तैयार
इस बड़े फेरबदल से ठीक पहले पिछले एक हफ्ते के दौरान लगभग एक सौ तीस संभावित दावेदारों की बेहद कड़ी स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी की गई है। सात सितंबर से शुरू हुए इस विशेष साक्षात्कार दौर का आयोजन पूरी तरह से पेशेवर अंदाज में किया गया था, जहां प्रत्येक नेता का एक विस्तृत डोजियर तैयार किया गया था। इस गोपनीय रिपोर्ट में संबंधित नेताओं के पिछले सांगठनिक कार्यों, उनकी जमीनी स्तर पर सक्रियता और विभिन्न चुनावों में उनके प्रदर्शन का पूरा कच्चा-चिट्ठा शामिल किया गया है, जिसके आधार पर आगे के फैसले लिए जा रहे हैं।
शीर्ष नेतृत्व की अहम समीक्षा बैठक
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मिलकर मौजूदा सचिवों के साथ एक बेहद अहम समीक्षा बैठक आयोजित करने की तैयारी कर ली है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सभी मौजूदा सचिवों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड उनके सामने रखा जाएगा और उन्हें उनके प्रदर्शन पर सीधा फीडबैक दिया जाएगा। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि इस बैठक के तुरंत बाद नए फेरबदल की सूची पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी और कमजोर प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों को पदमुक्त कर नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
मौजूदा सांगठनिक स्थिति और चयन प्रक्रिया
वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी के पास चौंसठ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव मौजूद हैं, जिनमें से ज्यादातर को देश के अलग-अलग राज्यों में तैनात किया गया है। ये सचिव संबंधित महासचिवों या प्रभारियों के अधीन रहकर काम करते हैं और विभिन्न राज्य इकाइयों के रोजमर्रा के कामकाज की देखरेख तथा मदद करते हैं। इसके अलावा कुछ सचिव दिल्ली स्थित पार्टी के मुख्य कार्यालयों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के कार्यालय भी शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में शामिल रहे एक नेता के अनुसार उम्मीदवारों के साक्षात्कार बारह से चौदह लोगों के समूहों में लिए गए, जिसमें शीर्ष नेतृत्व ने उनके सांगठनिक कार्यों के बारे में बेहद विस्तार से सवाल पूछे।
साक्षात्कार के दौरान पूछे गए तीखे सवाल
साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए नेताओं ने बताया कि उनसे सबसे पहले अपने बारे में संक्षिप्त परिचय देने के लिए कहा गया और उसके बाद पार्टी के भीतर उनके कामकाज को लेकर सीधे सवाल दागे गए। नेतृत्व ने जानना चाहा कि उन्होंने अपनी भूमिकाओं के दौरान क्या खास काम किए, उन कार्यों को विशिष्ट तरीके से क्यों अंजाम दिया गया, पार्टी में उनका वास्तविक योगदान क्या रहा और वे किन मोर्चों पर पीछे छूट गए। इसके अलावा उम्मीदवारों से विभिन्न काल्पनिक राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार मांगे गए, जैसे कि वे किसी ऐसे राज्य में पार्टी को कैसे फिर से खड़ा करेंगे जहां हालिया प्रदर्शन खराब रहा हो या जहां निकट भविष्य में महत्वपूर्ण चुनाव होने वाले हों।
संगठन सृजन अभियान और भविष्य की रूपरेखा
उम्मीदवारों से संगठन सृजन अभियान के बारे में भी खास तौर पर सवाल पूछे गए, जो कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के संगठन को पूरी तरह से नए सिरे से तैयार करने का एक महत्वाकांक्षी अभियान है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जहां आधे पुराने सचिवों को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाएगा, वहीं उन गिने-चुने नेताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा जिन्हें हाल ही के हफ्तों में इसी अभियान के तहत नए पद सौंपे गए हैं या पदोन्नति दी गई है। हालांकि मंगलवार को होने वाली इस बैठक का औपचारिक एजेंडा पहले से साझा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का यह स्पष्ट मानना है कि बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु कामकाज की समीक्षा और आगामी सांगठनिक बदलाव ही रहने वाले हैं।



















