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ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका, पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया इस्तीफाराजनीति
4 जुल॰ 2026, 3:40 pm (24 दिन पहले)· 4

ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका, पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद सुब्रत बख्शी की जगह टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष बनीं चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी सांगठनिक पदों और बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में अपना नाम वापस ले लिया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से सांगठनिक उथल-पुथल का सामना कर रही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अत्यंत वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सांगठनिक दायित्वों से किनारा करते हुए शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद उन्हें नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उनके इस कदम ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

इस्तीफे के पत्र में उठाए कड़े कदम

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी आलाकमान को भेजे अपने आधिकारिक त्याग पत्र में साफ किया कि वे ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को छोड़ रही हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी 03.06.2026 को कालीघाट में आयोजित एक अहम सांगठनिक बैठक में सौंपी गई थी। अपने पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि वे पार्टी के उन तमाम अन्य पदों से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रही हैं, जिन पर वे फिलहाल कार्यरत थीं।

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इस इस्तीफे के प्रशासनिक निहितार्थ भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि वे विभिन्न बैंकिंग संस्थानों में संचालित ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और उससे संबद्ध अन्य संगठनों के खातों में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) के रूप में भी अपना नाम वापस ले रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत के चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी की अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर भी अपनी भूमिका को समाप्त करने की घोषणा की है।

सुब्रत बख्शी के स्थान पर मिली थी कमान

पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में बीजेपी के हाथों मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी की सभी तत्कालीन कमेटियों को भंग कर दिया था। सांगठनिक पुनर्गठन की इस कवायद के तहत सुब्रत बख्शी को हटाकर चंद्रिमा भट्टाचार्य को टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी। हालांकि, चंद्रिमा के अचानक इस तरह हटने को ममता बनर्जी के लिए एक बेहद गंभीर सांगठनिक आघात माना जा रहा है。

चंद्रिमा भट्टाचार्य लंबे समय से ममता बनर्जी की बेहद करीबी और विश्वसनीय सहयोगियों में शामिल रही हैं। टीएमसी के शासनकाल के दौरान उन्होंने राज्य सरकार में वित्त, भूमि सुधार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, तथा शरणार्थी और पुनर्वास जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभागों में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है। कलकत्ता यूनिवर्सिटी से कानून (लॉ) की डिग्री हासिल करने वाली भट्टाचार्य वर्ष 2011 के विधानसभा चुनावों में उतरने से पहले वकालत के पेशे में सक्रिय थीं। उन्होंने दम दम उत्तर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया था।

टीएमसी के भीतर बगावत और गहराता संकट

चंद्रिमा का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी पहले से ही विधानसभा और संसद दोनों स्तरों पर अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। बीजेपी से पराजित होने के बाद से पार्टी के कई दिग्गज नेताओं और विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और नेतृत्व के प्रति खुलकर नाराजगी व्यक्त की है।

हालत यह है कि टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से दूरी बना ली है। इन बागी विधायकों ने पार्टी लाइन को दरकिनार करते हुए रितब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले विद्रोही धड़े का दामन थाम लिया है। इतनी बड़ी संख्या में विधायकों की बगावत के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य का पार्टी के शीर्ष सांगठनिक पदों को छोड़ना टीएमसी को पूरी तरह कमजोर कर सकता है।

सवाल-जवाब

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किस पद से इस्तीफा दिया है?
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद समेत पार्टी के सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष का पद कब सौंपा गया था?
उन्हें 03.06.2026 को कालीघाट में हुई पार्टी की एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किस नेता की जगह टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था?
बीजेपी से मिली हार के बाद हुए सांगठनिक बदलावों में उन्होंने सुब्रत बख्शी की जगह टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के दौरान चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था?
उन्होंने टीएमसी सरकारों में वित्त, भूमि सुधार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, तथा शरणार्थी और पुनर्वास विभागों में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था।
वर्तमान में ममता बनर्जी की पार्टी किस बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है?
पार्टी के 80 विधायकों में से 50 से अधिक विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व का विरोध करते हुए रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का साथ दिया है।
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