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मसूद अजहर पर पाकिस्तान के ड्रामे से भारत का इनकार, विदेश मंत्रालय ने की कार्रवाई की मांगराजनीति
15 सित॰ 2026, 7:51 pm (41 दिन पहले)· 1

मसूद अजहर पर पाकिस्तान के ड्रामे से भारत का इनकार, विदेश मंत्रालय ने की कार्रवाई की मांग

भारत ने आतंकी मसूद अजहर पर पाकिस्तान की इनाम बढ़ाने की घोषणा को ढकोसला बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि सिर्फ कागजी दांव-पेंच से आतंकवाद खत्म नहीं होगा, बल्कि उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

आतंकी मसूद अजहर पर इनाम की राशि में बढ़ोतरी करने के पाकिस्तानी प्रशासन के कदम पर भारत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस फैसले को वैश्विक समुदाय को भ्रमित करने का एक पाखंडी प्रयास करार दिया है। उनका स्पष्ट कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद जगजाहिर है, इसलिए महज कागजी आदेश जारी करने या दिखावटी घोषणाएं करने से कोई ठोस बदलाव नहीं आने वाला है। भारत की दो टूक मांग है कि पाकिस्तान बहानेबाजी का दौर खत्म करे और मसूद अजहर के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार करे।

ब्रिक्स सम्मेलन और घरेलू राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर रुख

हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स सम्मेलन में कांग्रेस पार्टी के शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अनुपस्थित रहने के सवाल पर भी विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए देश के सभी संबंधित पक्षों और नेताओं को विधिवत निमंत्रण भेजा गया था। अब अगर वे इस बड़े कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने हैं, तो इसके कारणों को लेकर सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।

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चीन के साथ कूटनीतिक बातचीत और क्षेत्रीय संवेदनशीलता

पड़ोसी देश चीन के साथ हाल ही में हुई कूटनीतिक वार्ताओं और कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों के संदर्भ में प्रवक्ता ने जानकारी दी कि इस संबंध में आधिकारिक प्रेस रिलीज पहले ही जारी की जा चुकी है। दोनों पक्षों के बीच हुई इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान ताइवान और तिब्बत से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। भारत ने इन तमाम मसलों पर अपनी गहरी चिंताओं को अत्यंत दृढ़ता के साथ ड्रैगन के सामने रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात पूरी तरह साफ कर दी है कि द्विपक्षीय संबंध केवल आपसी सम्मान, पारस्परिक हितों और एक-दूसरे की रणनीतिक संवेदनशीलता के आधार पर ही आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक का गंभीर मुद्दा भी मलेशियाई सरकार के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है।

लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों पर भारत की चिंता

लाल सागर के समुद्री क्षेत्र में मालवाहक जहाजों पर लगातार हो रहे हूती हमलों को भारत ने पूरी तरह अस्वीकार्य और खतरनाक करार दिया है। इन निरंतर हमलों की वजह से इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर शांति और स्थिरता का भारी संकट पैदा हो गया है। वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद संकट के समय में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद के लिए ओमान सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही, इस पूरी घटना के दौरान एक लापता हुए भारतीय नागरिक की खोजबीन और बचाव अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।

सवाल-जवाब

मसूद अजहर पर पाकिस्तान के फैसले को भारत ने क्या कहा है?
विदेश मंत्रालय ने इसे दुनिया की आंखों में धूल झोंकने की साजिश और कागजी घोषणा बताया है।
भारत ने पाकिस्तान से क्या मुख्य मांग की है?
भारत ने मांग की है कि पाकिस्तान बहानेबाजी छोड़कर मसूद अजहर को फौरन गिरफ्तार करे।
ब्रिक्स सम्मेलन में मुख्यमंत्रियों के शामिल न होने पर क्या कहा गया?
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निमंत्रण सभी को भेजा गया था और अनुपस्थिति का कारण उनसे ही पूछा जाना चाहिए।
चीन के साथ बातचीत में कौन से मुद्दे उठे?
वार्ता के दौरान ताइवान और तिब्बत से जुड़े मसले उठाए गए तथा भारत ने अपनी चिंताएं रखीं।
लाल सागर में हमलों को लेकर भारत का क्या रुख है?
भारत ने जहाजों पर हो रहे हूती हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य और शांति के लिए खतरा बताया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·40 दिन पहले

यह रिपोर्ट भू-राजनीतिक कूटनीति के कई महत्वपूर्ण मोर्चों को उजागर करती है, जिसमें मसूद अजहर पर पाकिस्तान का ढकोसला और लाल सागर में सुरक्षा चिंताएं शामिल हैं। एक फिल्म संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह कड़ा रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर आधारित फिल्मों की विषयवस्तु को और अधिक गहराई देंगे। सिनेमाई और सांस्कृतिक मंचों पर भी इन वैश्विक वास्तविकताओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

मसूद अजहर पर पाकिस्तान का यह कदम केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने का एक दिखावा मात्र है। एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि जब तक इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और वैश्विक वित्तीय कार्रवाई बल के शिकंजे के तहत उसकी संपत्ति जब्ती और प्रत्यर्पण की ठोस कानूनी प्रक्रिया जमीन पर नहीं उतरती, तब तक ऐसे कागजी बयानों का कोई आपराधिक या सामरिक महत्व नहीं है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·40 दिन पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यदि हम हॉलीवुड की राजनीतिक थ्रिलर फिल्मों के नैरेटिव पैटर्न पर गौर करें, तो पाकिस्तान का यह कदम महज़ एक पीआर स्टंट या स्क्रिप्टेड प्रोपोगंडा जैसा प्रतीत होता है। वैश्विक मंचों पर अपनी छवि सुधारने के लिए ऐसे दिखावटी ड्रामे अब काम नहीं आने वाले हैं। जब तक अपराधियों के खिलाफ वास्तविक प्रत्यर्पण और वित्तीय जब्ती जैसे ठोस एक्शन स्क्रीन पर नहीं उतरते, तब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन कागजी दांव-पेंचों को सिरे से खारिज करता रहेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·40 दिन पहले

पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर पर केवल कागजी कार्रवाई करना उसकी पुरानी रणनीति का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह साफ है कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद पर केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। जब तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दबाव और जमीनी कार्रवाई एक साथ तेज नहीं होती, तब तक भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकतीं। लाल सागर के समुद्री मार्ग पर सुरक्षा और ताइवान-तिब्बत जैसे भू-राजनीतिक मुद्दों पर भारत का यह कड़ा रुख आने वाले समय में देश की विदेश नीति और रणनीतिक प्राथमिकताओं को और अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·40 दिन पहले

मसूद अजहर पर पाकिस्तान का यह ढकोसला और लाल सागर में हूती हमले वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं। भारत को कूटनीतिक दबाव के साथ अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को मजबूत करना होगा, क्योंकि क्षेत्रीय अस्थिरता सीधे तौर पर वित्तीय बाजारों और व्यापारिक हितों को प्रभावित करती है।

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