शिलोंग में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है क्योंकि नेशनल पीपुल्स पार्टी यानी एनपीपी के कद्दावर नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद डब्ल्यूआर खरलुखी ने पार्टी से पूरी तरह से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इस अचानक आए राजनीतिक घटनाक्रम से राज्य के सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि वह संगठन में काफी लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।
पार्टी नेतृत्व को सौंपा गया इस्तीफा पत्र
अपनी इस सियासी विदाई का औपचारिक ऐलान करते हुए डब्ल्यूआर खरलुखी ने पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रेस्टन टिनसोंग को एक लिखित इस्तीफा भेजा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अब इस राजनीतिक दल के साथ आगे नहीं जुड़े रहेंगे। पत्र मिलते ही पार्टी संगठन में भी आंतरिक स्तर पर बैठकों और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
नेतृत्व और साथियों का जताया आभार
अपने इस्तीफे के इस पत्र में डब्ल्यूआर खरलुखी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ अपने तमाम साथी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि संगठन के साथ अपने पुराने सफर के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण अवसर मिले और काम करने का अमूल्य अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि वह पार्टी और उसके सभी सदस्यों के साथ बिताए गए समय तथा मिले समर्थन के लिए पूरी तरह आभारी हैं।
इस्तीफे की वजह नहीं आई सामने
अपने त्यागपत्र के अंत में उन्होंने प्रेस्टन टिनसोंग से अनुरोध किया कि उनके इस फैसले को स्वीकार किया जाए और पार्टी के रिकॉर्ड से उनका नाम हटाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया। अपने भेजे गए पत्र में उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे की किसी भी ठोस वजह या कारण का कोई जिक्र नहीं किया है, जिससे राजनीतिक जानकारों के बीच अटकलों का बाजार गर्म है।



















