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प्रतापगढ़ भाजपा सम्मेलन में टिकट के पेच पर फूटा पुराना गुस्सा, हेमंत मीणा का तीखा बयानराजनीति
24 अग॰ 2026, 8:51 pm (2 घंटे पहले)· 2

प्रतापगढ़ भाजपा सम्मेलन में टिकट के पेच पर फूटा पुराना गुस्सा, हेमंत मीणा का तीखा बयान

प्रतापगढ़ में भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस छोड़कर आए नेताओं के स्वागत पर पुराने कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर भारी विरोध जताया। इस बीच कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है और संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

प्रतापगढ़ में नगर परिषद और निकाय चुनावों का माहौल धीरे-धीरे गर्म होता जा रहा है। हाल ही में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। मामला तब बिगड़ा जब हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं का मंच पर स्वागत किया गया। इस औपचारिकता के बाद पार्टी के निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ताओं का सब्र टूट गया और उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर अपनी गहरी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर दी।

पुराने कार्यकर्ताओं का सीधा तर्क था कि वे बीते कई सालों से पार्टी की जड़ों को सींच रहे हैं और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। ऐसे में जब चुनाव लड़ने और टिकट पाने का समय आता है, तो अन्य दलों से आए लोगों को प्राथमिकता मिलने की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में मांग की कि बाहरी क्षेत्र के नेताओं और हाल ही में पार्टी में आए नए चेहरों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। इस तीखे विरोध के चलते सम्मेलन के दौरान कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जिसने चुनाव से ठीक पहले पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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हेमंत मीणा की दो टूक, कार्यकर्ताओं को दिया हौसला

हंगामे और नाराजगी के इस माहौल के बीच कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को कांग्रेस के किसी भी नेता या पदाधिकारी से खौफ खाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि हेमंत मीणा और पूरी पार्टी हर कदम पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि यदि कोई उन्हें डराने, धमकाने या किसी प्रकार का प्रलोभन देने की कोशिश करे, तो वे बिल्कुल न घबराएं। ऐसी किसी भी परिस्थिति में वे सीधे तौर पर उनसे संपर्क साध सकते हैं। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि भाजपा का हर एक सिपाही अपनी मर्यादा में रहकर काम करता है, लेकिन यदि कोई शख्स उस मर्यादा को पार करने की जुर्रत करेगा, तो संगठन और पार्टी भी उसी की भाषा में करारा जवाब देना अच्छी तरह जानते हैं।

पूर्व विधायक के धमकाने के मामले पर गरमाई सियासत

संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने एक स्थानीय पूर्व विधायक पर भी गंभीर आरोप जड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले उस पूर्व विधायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का कुप्रयास किया था। मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि उस वक्त पूर्व विधायक से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया था, वरना वे उसी समय इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते। उन्होंने एक बार फिर कार्यकर्ताओं को यह विश्वास दिलाया कि उन्हें किसी भी प्रकार के दबाव में आने की जरूरत नहीं है और भाजपा संगठन उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मां जगदंबा का उदाहरण देकर समझाई ताकत

अपने भाषण के दौरान हेमंत मंत्री मीणा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए मां जगदंबा का पौराणिक उदाहरण भी दिया। उन्होंने याद दिलाया कि देवी मां के एक हाथ में जहां कोमल फूल सुशोभित होता है, वहीं दूसरे हाथों में तलवार, त्रिशूल और शंख भी होते हैं, जो अलग-अलग नीतियों और शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंत्री ने समझाया कि जो व्यक्ति जिस भाषा या नीति से समझेगा, भाजपा सरकार और संगठन उसे उसी के अनुरूप समझाने का काम भली-भांति करेंगे।

इस कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य रूप से आगामी नगर परिषद और अन्य नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से मंथन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी गिले-शिकवे भुलाकर आगामी चुनावी तैयारियों में जुट जाएं और संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक पूरी शिद्दत से काम करें।

सवाल-जवाब

प्रतापगढ़ में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मुख्य विवाद किस बात पर हुआ?
विवाद कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं के स्वागत के बाद पुराने कार्यकर्ताओं द्वारा टिकट वितरण को लेकर जताई गई नाराजगी और हंगामे को लेकर हुआ।
कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने कार्यकर्ताओं को क्या भरोसा दिया?
हेमंत मीणा ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में मुख्य रूप से क्या मांग रखी?
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आगामी चुनावों में टिकट बाहरी क्षेत्र के लोगों या अन्य दलों से आए नए नेताओं को देने के बजाय लंबे समय से काम करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को दिए जाएं।
हेमंत मीणा ने अपने संबोधन में किस पूर्व विधायक का जिक्र किया?
हेमंत मीणा ने एक स्थानीय पूर्व विधायक पर कार्यकर्ताओं को धमकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

प्रतापगढ़ के इस कार्यकर्ता सम्मेलन में टिकट वितरण को लेकर उपजा असंतोष और कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा का यह आक्रामक रुख जमीनी स्तर पर गहरे अंतर्द्वंद्व को उजागर करता है। जब भी राजनीतिक दल सत्ता या चुनावों के समीकरण साधने के लिए दलबदलुओं को प्राथमिकता देते हैं, तब वफादार कैडर में इस तरह का आक्रोश स्वाभाविक रूप से फूट पड़ता है। आगामी निकाय चुनावों से ठीक पहले इस तरह की अंदरूनी कलह और पूर्व विधायक को लेकर खुली चेतावनी से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर तनाव बढ़ सकता है, बल्कि यह स्थिति पार्टी के चुनावी प्रबंधन के लिए भी एक बड़ी चुनौती साबित होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·11 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे निकाय चुनावों से पहले दलबदल की राजनीति कैडर आधारित दलों के आंतरिक संतुलन को बिगाड़ सकती है। जब पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है, तो यह सिर्फ नाराजगी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को भी कमजोर करता है। नेतृत्व के लिए यह संतुलन बनाना अब सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

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