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मिजोरम विधानसभा का मानसून सत्र 25 अगस्त से, 'रो मिन रेल सक अंग चे' को मिल सकता है राज्य गीत का दर्जाराजनीति
17 अग॰ 2026, 10:25 pm (25 दिन पहले)· 3

मिजोरम विधानसभा का मानसून सत्र 25 अगस्त से, 'रो मिन रेल सक अंग चे' को मिल सकता है राज्य गीत का दर्जा

मिजोरम विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र 25 अगस्त से शुरू होगा। इस सत्र के दौरान ऐतिहासिक गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में औपचारिक रूप से अपनाया जा सकता है।

मिजोरम विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र आगामी 25 अगस्त से शुरू होने जा रहा है, जिसमें राज्य के आधिकारिक गीत के रूप में 'रो मिन रेल सक अंग चे' को औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने की पूरी संभावना है। इस महत्वपूर्ण सत्र की रूपरेखा तय करने के लिए 14 अगस्त को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा स्पीकर लालबियाकजामा ने की थी, जिसमें सत्र के पूरे एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया।

विधानसभा के इस आगामी सत्र में राज्य गीत को अंगीकृत करने से जुड़ा एक आधिकारिक प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा विधायी कार्यों के तहत कई नए विधेयक भी सदन में पेश किए जाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल स्तर पर इस संबंध में पहले ही मुहर लग चुकी है। मिजोरम कैबिनेट ने 10 अगस्त को हुई अपनी बैठक में 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राज्य के आधिकारिक गीत के रूप में अपनी स्वीकृति दे दी थी।

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इस गीत का इतिहास काफी गहरा और पुराना है। वर्ष 1947 में जाने-माने मिजो लेखक और संगीतकार रोकूंगा ने इसकी रचना की थी। अंग्रेजी में इस गीत के शीर्षक का अर्थ 'बी दाऊ आवर काउंसलर' होता है। उग्रवाद के दौर में मिजो नेशनल फ्रंट की भूमिगत सरकार द्वारा इसे मिजो राष्ट्रीय गान घोषित किया गया था। हालांकि दशकों तक इसे सरकार की तरफ से कोई औपचारिक मान्यता नहीं मिल पाई थी, लेकिन इसके बावजूद यह लंबे समय से स्थानीय लोगों के दिलों में राज्य के अनौपचारिक गान के रूप में बसा हुआ है।

इस दिशा में साल 2022 में भी कदम उठाए गए थे, जब तत्कालीन मिजो नेशनल फ्रंट के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों को कक्षाओं की शुरुआत से पहले इस गीत को गाना अनिवार्य करने का निर्देश दिया था। सरकार की ओर से लगातार इसे सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं, और अब विधानसभा सत्र के माध्यम से इसे पूर्ण राजकीय दर्जा मिलने की उम्मीद है।

सत्र के दौरान विधायी कार्यों की लंबी सूची तैयार की गई है। विधानसभा सचिवालय को मंत्रियों से जवाब मांगने के लिए कुल 295 तारांकित प्रश्न और 73 अतारंकित प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही सदन में विचार और पारित होने के लिए दो नए विधेयक भी प्रस्तुत किए जाने के लिए सौंपे गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से मिजोरम वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026 शामिल है, जिस पर सत्र के दौरान व्यापक चर्चा की जाएगी।

सवाल-जवाब

मिजोरम विधानसभा का मानसून सत्र कब से शुरू होगा?
मिजोरम विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र 25 अगस्त से शुरू होगा।
सत्र के दौरान कौन सा राज्य गीत अपनाया जा सकता है?
सत्र के दौरान 'रो मिन रेल सक Ang Che' को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाया जा सकता है।
इस गीत की रचना किसने और कब की थी?
इस गीत की रचना 1947 में प्रसिद्ध मिजो लेखक और संगीतकार रोकूंगा ने की थी।
सत्र के लिए कितने प्रश्न प्राप्त हुए हैं?
विधानसभा सचिवालय को मंत्रियों के उत्तर देने के लिए 295 तारांकित प्रश्न और 73 अतारंकित प्रश्न मिले हैं।
सत्र में कौन सा नया विधेयक पेश किया जाएगा?
सत्र के दौरान मिजोरम वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026 सहित दो नए विधेयक पेश किए जाने के लिए प्रस्तुत किए गए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·24 दिन पहले

मिजोरम विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राज्य गीत का दर्जा मिलने की संभावना केवल एक राजनीतिक या विधायी कदम नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय सिनेमा और सांस्कृतिक दस्तावेजीकरण के लिए एक बड़ा अवसर है। 1947 में रचे गए इस ऐतिहासिक गीत को औपचारिक मान्यता मिलने से पूर्वोत्तर के लोक संगीत, स्वतंत्रता के बाद के इतिहास और स्थानीय कला पर आधारित बायोपिक या डॉक्यूड्रामा जैसी फिल्म परियोजनाओं के निर्माण को नया प्रोत्साहन मिल सकता है। जब ऐसे सांस्कृतिक प्रतीक मुख्यधारा में आते हैं, तो क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को अपनी अनकही कहानियों को राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर लाने का एक मजबूत आधार मिलता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

एक क्राइम रिपोर्टर के दृष्टिकोण से, उग्रवाद के दौर के ऐतिहासिक संदर्भ वाले गीत को आधिकारिक दर्जा मिलना और साथ ही मिजोरम वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026 जैसे महत्वपूर्ण विधायी उपायों का सदन में पेश होना, राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

Kavya Nair@kavya-nair·24 दिन पहले

करण जी के आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक नजरिए को आगे बढ़ाते हुए, एक ट्रैवल और सांस्कृतिक विशेषज्ञ के रूप में मेरा मानना है कि 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राजकीय दर्जा मिलने से पूर्वोत्तर के इस खूबसूरत राज्य के सांस्कृतिक पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी। वर्ष 1947 में रचित यह ऐतिहासिक गीत और स्कूलों में इसे अनिवार्य करने की पिछली पहल पर्यटकों को मिजोरम की समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता के दौर के इतिहास से सीधे जोड़ेगी। इसके अलावा, वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल जैसी नीतियां पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के लिए जरूरी जल संसाधनों के सतत प्रबंधन को मजबूत करेंगी, जिससे भविष्य में जिम्मेदार और लाइफस्टाइल पर्यटन को बढ़ावा मिलने की पूरी संभावना है।

Rohan Verma@rohan-verma·24 दिन पहले

मिजोरम विधानसभा के आगामी सत्र में ऐतिहासिक गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' को औपचारिक राजकीय दर्जा मिलना और साथ ही 'मिजोरम वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026' का पेश होना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार सांस्कृतिक पहचान की बहाली के साथ-साथ जल संसाधन प्रबंधन और शासन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी समान रूप से जोर दे रही है। 295 तारांकित और 73 अतारंकित सवालों की यह लंबी सूची विधायी जवाबदेही के लिहाज से बेहद अहम है।

Ravikash Gupta@ravikash·24 दिन पहले

मिजोरम विधानसभा के इस सत्र में सांस्कृतिक पहचान के साथ 'मिजोरम वाटर इंफॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026' का पेश होना यह साबित करता है कि राज्य प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी ठोस विधायी कदम उठा रहा है। आगामी सत्र में 295 तारांकित और 73 अतारंकित प्रश्नों के जरिए मंत्रियों से जवाब तलब करने की तैयारी यह दर्शाती है कि सदन के भीतर क्षेत्रीय जल प्रबंधन और प्रशासनिक नीतियों पर तीखी बहस देखने को मिलेगी, जिससे राज्य के नीतिगत और आर्थिक भविष्य की दिशा तय होगी।

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