मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में राज्य कैबिनेट की एक अहम बैठक हो रही है, जिसमें यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC के मसौदे को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। यह कोड लागू होने पर राज्य में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक जैसा कानून लागू होगा।
बैठक जगदीशपुर में
खबरों के मुताबिक यह कैबिनेट बैठक जगदीशपुर में हो रही है, जहां मंत्रियों के सामने UCC मसौदे को अहम एजेंडे के तौर पर रखा गया है।
मोहन यादव का 'एक ही विवाह' वाला बयान
बैठक से दो दिन पहले, 17 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक बयान चर्चा का विषय बन गया था। उन्होंने प्रस्तावित कोड के तहत 'सिर्फ एक ही विवाह' की अनुमति देने की बात कही, जिस पर मसौदा सामने आने से पहले ही अलग-अलग हलकों से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं।
2026 में लगातार हो रही हैं कैबिनेट बैठकें
UCC पर यह बैठक मोहन यादव सरकार की उन कई कैबिनेट बैठकों में से एक है, जो 2026 में लगातार हो रही हैं और जिनमें सरकार अपने कानूनी व प्रशासनिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
23 जून को हुई कैबिनेट बैठक में सिंहस्थ के लिए स्थायी कार्यालय बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी, साथ ही राज्य के 24 लाख किसानों को फायदा पहुंचाने वाली बिना ब्याज की फसल कर्ज योजना पर भी बात हुई थी।
इससे पहले 11 मई को हुई बैठक में कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर पॉलिसी पर चर्चा की थी, जिसमें एक मंत्री ने स्वैच्छिक तबादलों पर कोई सीमा न रखने की मांग उठाई थी।
UCC क्यों है अहम
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मकसद है कि राज्य के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के अलग निजी कानूनों की जगह एक जैसा कानून लागू हो। अगर मध्यप्रदेश कैबिनेट मसौदे को मंजूरी देती है, तो कानून बनने से पहले इसे आगे विधायी प्रक्रिया से भी गुजरना होगा।


















