चंदौली जिले की मुगलसराय विधानसभा सीट इन दिनों राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। रेल, कोयला और पेट्रोल के कारोबार के लिए मशहूर इस क्षेत्र में अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट साफ तौर पर महसूस की जा सकती है। राजनीतिक दलों के संभावित दावेदार अभी से टिकट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। हालांकि, असली चर्चा इस बात पर है कि यहां की जनता आखिर किसे लखनऊ भेजना चाहती है। इसी सिलसिले में जब चाय की दुकानों और आम लोगों के बीच जाकर मौजूदा विधायक के कार्यकाल और आगामी चुनावों के मुद्दों पर बात की गई, तो जनता के अलग-अलग रंग देखने को मिले।
विकास के दावों पर बंटी जनता की राय
जब मुगलसराय के निवासियों से वर्तमान विधायक के कामकाज का लेखा-जोखा मांगा गया, तो लोगों की प्रतिक्रियाएं काफी मिली-जुली नजर आईं। स्थानीय निवासी हंसराज पासवान ने मौजूदा विकास कार्यों पर पूरी संतुष्टि नहीं जताई। उनका कहना था कि जनता के सामने अब भी कई गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं और चुनाव का वक्त नजदीक आने पर ही असली मुद्दों की तस्वीर साफ होगी। चुनावी माहौल गर्माने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि मतदाता किस मुद्दे को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं क्योंकि चुनाव के वक्त राजनीतिक परिस्थितियां बहुत तेजी से करवट लेती हैं और उसी के आधार पर जनता अपना रुख तय करती है।
दूसरी तरफ, बिहारी लाल विश्वकर्मा ने मुगलसराय में हुए विकास कार्यों को संतोषजनक करार दिया। उनके मुताबिक सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर काफी काम हुआ है और कई इलाकों में व्यवस्था काफी सुधरी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर वार्ड और मोहल्ले में विकास एक जैसा नहीं हो सकता। कुछ जगहों पर काम बेहतरीन हुआ है, तो कुछ हिस्सों में आज भी अतिरिक्त विकास की दरकार है। उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़ी दिक्कतों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि चल रहे काम पूरे होने के बाद हालात और बेहतर हो जाएंगे।
अनिल कुमार गुप्ता ने विधायक के पूरे कार्यकाल को लेकर एक सकारात्मक नजरिया पेश किया। उन्होंने बताया कि गांव-गांव तक संपर्क मार्ग और पक्की सड़कें बनाई गई हैं, और कई ऐसे काम भी धरातल पर उतरे हैं जो लंबे अर्से से अटके पड़े थे। पुल निर्माण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ काम अभी बाकी जरूर हैं, जिन्हें अगले कार्यकाल में पूरा किया जा सकता है। उनके अनुसार विकास की यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है और आने वाले दिनों में और अधिक बेहतरी की उम्मीद है।
प्रधानों की नाराजगी और स्थानीय परेशानियां
विकास के इन दावों के बीच स्थानीय प्रशासन और ग्राम प्रधानों से जुड़े असंतोष का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। लाल बरस सिंह ने विकास कार्यों से ज्यादा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्रधानों की नाराजगी पर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि सरकारी और प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ ऐसी कमियां हैं जिनकी वजह से प्रधानों में रोष व्याप्त है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि चुनाव के वक्त किस मुद्दे पर बटन दबाना है, इसका फैसला सही समय आने पर ही होगा, लेकिन पंचायत स्तर की ये समस्याएं चुनावी चर्चा का अहम हिस्सा बन सकती हैं।
इसके उलट, शहनवाज हुसैन ने मौजूदा विधायक के कामकाज की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क और खड़ंजे समेत कई विकास कार्य हुए हैं। उनके अनुसार, कई सरकारें आईं और गईं लेकिन कुछ गांवों में दशकों पुरानी सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई थी, जिसे मौजूदा विधायक के प्रयासों से हल किया गया। मांग करने पर कई जगहों पर काम हुए हैं और कानून-व्यवस्था को भी उन्होंने संतोषजनक बताया।
वहीं, मुरारी चौहान ने विकास कार्यों की तारीफ करने के साथ-साथ जमीनी समस्याओं की ओर भी इशारा किया। उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है। इसके अलावा, सड़कों पर लगने वाला जाम भी आम जनता के बीच बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चुनावी समीकरण और जनता का मूड
मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र में लोगों से हुई बातचीत से यह बिल्कुल साफ हो गया कि फिलहाल यहां का मतदाता किसी एकतरफा लहर में नहीं बह रहा है। एक तरफ जहां कुछ लोग विधायक के कामकाज से पूरी तरह खुश नजर आए, तो वहीं दूसरी तरफ एक बड़ा वर्ग अधूरे पड़े विकास कार्यों, जलभराव, ट्रैफिक जाम और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर मुखर दिखाई दिया। ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि अभी चुनाव में वक्त है और अंतिम फैसला उम्मीदवारों के चेहरे, राजनीतिक दलों और चुनाव के वक्त बनने वाले माहौल को देखकर ही लिया जाएगा।





















