बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर को राज्य की विधानसभा की एक महत्वपूर्ण टीम में जगह दी गई है। उन्हें पर्यटन उद्योग संबंधी समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है, जिसके बाद से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की तरफ से सोमवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई, जिसमें उनके मनोनयन की पूरी जानकारी सार्वजनिक की गई है।
समिति के गठन और कार्यप्रणाली की पूरी रूपरेखा
सदन की ओर से गठित की जाने वाली विभिन्न समितियों में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के विधायकों को शामिल किया जाता है, ताकि वे संबंधित विभागों और मंत्रालयों के कामकाज पर अपनी पैनी नजर रख सकें और सरकार को जरूरी सुझाव दे सकें। विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को वित्त वर्ष 2026-27 की शेष बची हुई अवधि यानी अगले 7 महीनों के लिए इस समिति का सदस्य बनाया गया है। उनका यह कार्यकाल आगामी 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। आम तौर पर विधानसभा समितियों का सभापति किसी अनुभवी और सीनियर विधायक को सौंपा जाता है, और पहली बार सदन की देहरी लांघने वाले प्रशांत किशोर को आने वाले दिनों में और भी कई समितियों की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पर्यटन उद्योग समिति के सदस्यों का पूरा गणित
इस विशिष्ट समिति का गठन विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार की औपचारिक मंजूरी के बाद 31 मार्च और 1 अप्रैल 2026 के दौरान किया गया था, जब कुल 20 अलग-अलग समितियों का गठन हुआ था। बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग संबंधी समिति में पहले जहां 8 सदस्य और एक सभापति हुआ करते थे, वहीं अब प्रशांत किशोर के इस टीम में शामिल होने के बाद सदस्यों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह संभाल रहे हैं कमान
पर्यटन उद्योग संबंधी इस समिति की अध्यक्षता जनता दल यूनाइटेड के कद्दावर और अनुभवी नेता मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह के पास है। वे छह बार के विधायक रह चुके हैं और उनका राजनीतिक रसूख काफी मजबूत माना जाता है। उन्होंने सारण जिले की बनियापुर सीट से अपने राजनीतिक सफर में शुरुआती तीन बार जीत दर्ज की थी, और बाद में एकमा विधानसभा सीट से भी लगातार तीन बार जीत हासिल की। राजनीतिक गलियारों में उन्हें एक दबंग छवि वाले नेता के तौर पर भी जाना जाता है, और पर्यटन जैसे अहम विभाग की समिति की कमान सौंपकर उन्हें विधायी कार्यों की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
समिति की पूरी सूची में शामिल अन्य सदस्यों और उनके कार्यभार को लेकर विधानसभा सचिवालय पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है, ताकि पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी नीतियों और विकास कार्यों की समीक्षा सुचारू रूप से चल सके।
भाजपा के गढ़ में सेंध लगाकर पहुंचे हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर वर्तमान में विधानसभा के भीतर जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक हैं, जिन्होंने बीते 17 अगस्त को ही अपने पद की शपथ ली थी। उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। यह सीट मूल रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसे पारंपरिक तौर पर भाजपा का एक बेहद मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा भी इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं, जिसके कारण इस सीट पर जीत दर्ज करना एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना गया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद से जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का उत्साह काफी ऊंचा है, और अब विधानसभा समिति में मनोनयन के जरिए उन्हें विधायी कामकाज में सक्रिय भूमिका मिलने लगी है।



















