आषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण की विशेष आराधना से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें आचार्य इंदु प्रकाश के आठ सिद्ध उपायलोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातवियो ने पेश किया नया इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल रोवर, साझा गतिशीलता बाजार में बड़ी छलांग की तैयारीडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकचाणक्य नीति: इन चार तरह के लोगों को कभी न बताएं घर की बातें, वरना बिखर जाएगी परिवार की खुशियांघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा हैमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीअमेरिका में सुस्त पड़ी नौकरियों की रफ्तार, जुलाई के मध्य में 15 हजार पर सिमटा औसतअगस्त से बदल रहे हैं कई बड़े नियम, तत्काल बुकिंग से लेकर आईटीआर पेनल्टी और एलपीजी दाम तक जान लें पूरी डिटेल
प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बवाल, संबित पात्रा ने राहुल गांधी को घेराराजनीति
22 जुल॰ 2026, 6:13 am (7 दिन पहले)· 1

प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बवाल, संबित पात्रा ने राहुल गांधी को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर राहुल गांधी और उनके साथी नेताओं के अचानक धरने ने सियासी हलचल मचा दी, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा उल्लंघन बताया.

राहुल गांधी अपनी पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के साथ अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद दिल्ली की सियासत में हलचल मच गई. भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और तय कानून की सीधी अनदेखी करार देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला.

संबित पात्रा का सीधा सवाल

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना लोकतंत्र में हर किसी का अधिकार है, इसमें कोई दो राय नहीं. उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में प्रदर्शन करना और अपनी आवाज उठाना निश्चित रूप से लोकतंत्र का गहना है." लेकिन पात्रा ने इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया कि आखिर प्रदर्शन कहां और किस तरीके से किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि देश जिन नियम-कायदों के तहत चलता है, उन्हें किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और यह बात नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बाकी किसी से बेहतर मालूम होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें

जंतर-मंतर छोड़कर पीएम आवास के बाहर धरना क्यों

पात्रा ने आगे कहा कि राहुल गांधी कोई आम कार्यकर्ता नहीं बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें बखूबी पता है कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जैसी जगहें पहले से ही तय की गई हैं. इसके बावजूद बिना किसी अनुमति के, तय नियमों को ताक पर रखकर सीधे प्रधानमंत्री आवास के गेट के बाहर सिट-इन धरना आयोजित करना पूरी तरह अनुचित है. पात्रा के मुताबिक लोकतंत्र में इस तरह मनमाने ढंग से काम नहीं होता, चाहे पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, नियमों का पालन सबके लिए बराबर जरूरी है.

सरकार की तरफ से बातचीत की कोशिश नाकाम

धरना स्थल पर बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने मामला सुलझाने की कोशिश की. केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन खुद मौके पर पहुंचे और नेताओं से बातचीत की. डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से सीधे अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त कर दें. सरकार की तरफ से यह तनाव कम करने की सीधी पहल थी, लेकिन बातचीत का नतीजा उम्मीद के उलट निकला और मामला और उलझ गया.

जितेंद्र सिंह का एक्स पर पोस्ट, पलटने का आरोप

मुलाकात खत्म होने के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिखकर राहुल गांधी के रवैये पर गहरी नाराजगी और दुख जताया. उन्होंने लिखा कि सरकार संसद में हर विषय पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार थी और शुरुआत में राहुल गांधी भी इस प्रस्ताव पर सहमत नजर आए थे. लेकिन थोड़ी ही देर में वे अपनी ही कही बात से पलट गए और नई-नई शर्तें रखने लगे. डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे नेता प्रतिपक्ष का बार-बार अपने ही रुख से मुकरने वाला रवैया बताया और साफ कहा कि इस तरह की बार-बार पलटी मारने की आदत लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित परंपराओं के सीधे खिलाफ है.

राहुल गांधी का पलटवार, आखिर में पुलिस की कार्रवाई

दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट करके अपनी मांगें दोबारा दोहराईं और आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से भाग रही है. सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लगातार बढ़ता गया और आखिरकार मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए धरने पर बैठे नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद यह पूरा मामला सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़े सियासी विवाद में तब्दील हो गया.

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने धरना कहां दिया?
राहुल गांधी अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के गेट के बाहर धरने पर बैठे.
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन का हक है लेकिन कानून और तय नियमों से ऊपर कोई नहीं, और यह बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अच्छी तरह पता होनी चाहिए.
दिल्ली में प्रदर्शन के लिए कौन सी जगह पहले से तय है?
संबित पात्रा के मुताबिक दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जैसी जगहें पहले से तय हैं.
सरकार की तरफ से कौन बातचीत करने पहुंचा?
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन नेताओं से बातचीत करने पहुंचे थे.
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा पर शुरू में सहमत होने के बाद अपनी बात से पलट गए और नई शर्तें रखने लगे.
धरने का अंत कैसे हुआ?
आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए धरने पर बैठे नेताओं को हिरासत में ले लिया.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR