दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अचानक धरने पर बैठ गए। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को समर्थन देने के लिए किया गया, और पार्टी के लिए यह पहला मौका है जब नेता सीधे प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे।
जंतर मंतर की घटना के बाद बदला रुख
खबरों के मुताबिक जंतर मंतर पर हुई घटना के बाद विपक्ष ने छात्रों के आंदोलन को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया। इसी कड़ी में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, खरगे के आवास से पैदल चलकर प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी के लिए यह एक असामान्य कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले शीर्ष नेतृत्व सीधे प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर नहीं बैठा था।
हाथ बांधकर विरोध, कार्यकर्ता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने हाथ बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश साफ नजर आई। इस बीच पुलिस ने मौके पर मौजूद कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी देखी गई।
राहुल गांधी ने पूछा, पीएम चुप क्यों हैं
धरने के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "पीएम चुप क्यों हैं, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे।" इस सवाल के जरिए कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तेज कर दिया और सरकार से सीधा जवाब मांगा।




















