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पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस का रोडमैप जारी, सचिन पायलट बोले बिना सीएम चेहरे के उतरेगी पार्टीराजनीति
10 सित॰ 2026, 8:32 pm (1 दिन पहले)· 5

पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस का रोडमैप जारी, सचिन पायलट बोले बिना सीएम चेहरे के उतरेगी पार्टी

पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति स्पष्ट की है। उन्होंने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने, ड्रग्स मामले पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने और पार्टी में पूर्ण एकजुटता का दावा किया है।

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी सांगठनिक और रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य में पार्टी की जीत पर 100 प्रतिशत भरोसा जताते हुए घोषणा की है कि कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने जा रही है। एक विस्तृत प्रेस संवाद के दौरान सचिन पायलट ने चुनावी रोडमैप, नेतृत्व के फॉर्मूले, अंदरूनी गुटबाजी की अफवाहों और राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी का रुख पूरी तरह साफ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि कांग्रेस वर्तमान में पंजाब विधानसभा में विपक्ष की भूमिका में है, इसलिए पार्टी बिना किसी विशिष्ट मुख्यमंत्री चेहरे के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग माफिया और अपराधियों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

सामूहिक नेतृत्व की नीति और मुख्यमंत्री पद पर रुख

सचिन पायलट ने कांग्रेस पार्टी की परंपरा और चुनावी रणनीति की व्याख्या करते हुए कहा कि जब पार्टी किसी राज्य में सत्ता में होती है, तो वर्तमान मुख्यमंत्री ही चुनाव अभियान की मुख्य अगुवाई करते हैं। हालांकि, जब पार्टी विपक्ष में रहकर चुनाव लड़ती है, तो किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में प्रोजेक्ट नहीं किया जाता है। इसके बजाय पूरी पार्टी सामूहिक नेतृत्व के तहत एकजुट होकर जनता के बीच जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब की जनता का पूर्ण समर्थन कांग्रेस को ही मिलेगा।

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मुख्यमंत्री के चयन पर बात करते हुए पंजाब प्रभारी ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनावों में पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त होने के बाद ही विधायक दल और शीर्ष नेतृत्व मिलकर तय करेंगे कि किसे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी। सचिन पायलट ने जोर देकर कहा, "हम 100 फीसदी सरकार बनाने जा रहे हैं। पंजाब में विकल्प सिर्फ कांग्रेस है।" उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता वर्तमान शासन की प्रशासनिक विफलताओं से तंग आ चुकी है और कांग्रेस को ही एकमात्र भरोसेमंद राजनीतिक विकल्प मानती है।

चरणजीत सिंह चन्नी की भूमिका और संगठन में बदलाव का सवाल

पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और अंदरूनी कलह की खबरों को सचिन पायलट ने पूरी तरह से आधारहीन बताया। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर पायलट ने बताया कि उनकी चन्नी से सीधी बात हुई है। चन्नी ने खुद यह स्पष्ट किया है कि वे पार्टी के लिए पूरी ताकत से प्रचार करेंगे और आम आदमी पार्टी की सरकार की पोल खोलेंगे। चन्नी ने इस बात का भी स्मरण कराया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व में एक दलित को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया था, इसलिए वे पार्टी को पुनः सत्ता में लाने के लिए पूरे समर्पण के साथ काम करेंगे।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर पूछे गए सवाल पर, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश अध्यक्ष बदलना गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है, सचिन पायलट ने सांगठनिक स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस की टीम बेहद मजबूत और चुस्त-दुरुस्त है। पार्टी की नई टीम गठित हो चुकी है और किसी एक चेहरे के बजाय सभी नेताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में काम शुरू किया जाएगा। संगठन में किसी तात्कालिक फेरबदल की आवश्यकता से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरी टीम जमीन पर उतरकर काम शुरू कर देगी।

पार्टी में गुटबाजी के आरोपों पर सचिन पायलट ने कहा कि किसी मुद्दे या बयान को लेकर नेताओं के बीच विचारों में भिन्नता हो सकती है। लोकतांत्रिक राजनीतिक दल में मतभेद होना स्वाभाविक है और इसे गुटबाजी नहीं बल्कि असहमति कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी नेता एक ही लक्ष्य के लिए एकजुट हैं।

केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन और राहुल-प्रियंका का पंजाब दौरा

पंजाब में पार्टी के प्रचार अभियान की तैयारियों का ब्योरा देते हुए सचिन पायलट ने बताया कि वे नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने दोनों नेताओं से पंजाब चुनाव में प्रचार के लिए समय देने की मांग की है। राहुल गांधी ने पंजाब में अपनी पूरी भागीदारी और सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

सचिन पायलट ने जानकारी दी कि पंजाब का प्रभारी बनने के बाद से वे प्रदेश के नेताओं के साथ रोजाना बातचीत कर रहे हैं और दिल्ली में राज्य के सभी प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर जमीनी स्थिति का फीडबैक ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा और इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही सचिन पायलट स्वयं भी जल्द पंजाब का व्यापक दौरा शुरू करेंगे और जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे।

विपक्षी दलों की स्थिति, अमरिंदर सिंह और कांग्रेस की ऐतिहासिक विरासत

पंजाब में मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के सवाल पर सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि चूंकि आम आदमी पार्टी सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष में, इसलिए मुख्य मुकाबला आप सरकार से ही है। अन्य विरोधी दलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अंदरूनी कलह से टूट चुकी है और उसके कई सांसद पार्टी छोड़कर चले गए हैं। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल भी कई धड़ों में विभाजित हो चुका है। इसके विपरीत, कांग्रेस एक अनुशासित और एकजुट सेक्युलर दल है जो राज्य के लोगों का विश्वास हासिल करेगा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी से जुड़ी अटकलों को खारिज करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस विषय पर उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात है।

पंजाब में कांग्रेस की ऐतिहासिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी थी जिसने राज्य को उसके सबसे संकटपूर्ण दौर से बाहर निकाला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह की शहादत को याद करते हुए कहा कि जब लोग पंजाब के देश से अलग होने की बातें कर रहे थे, तब कांग्रेस नेताओं ने अपने प्राणों का बलिदान देकर पंजाब और देश की एकता को बचाया। इसके अलावा, पंजाब में कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने वाली हरित क्रांति और श्वेत क्रांति भी कांग्रेस सरकार के शासनकाल में ही आई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता जानती है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ, इसलिए लोग पुनः कांग्रेस पर अपना भरोसा जताएंगे।

मान सरकार पर हमला: ड्रग माफिया, अपराध और वित्त मंत्री का मामला

पंजाब में नशे के फैलते जाल और बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर सचिन पायलट ने भगवंत मान सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार, सत्ताधारी नेता, क्रिमिनल्स और ड्रग माफिया मिलकर एक बड़ा नेक्सस चला रहे हैं। पायलट ने कहा कि सरकार के सीधे संरक्षण के बिना नशे का यह जहर पंजाब में नहीं फैल सकता। उन्होंने गुजरात में बरामद की गई 21,000 करोड़ रुपये की कोकीन का उदाहरण देते हुए अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क की ओर ध्यान आकर्षित किया।

राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए पायलट ने कहा कि आज पंजाब की जेलों से आपराधिक गैंग संचालित हो रहे हैं। सरेआम हत्याएं की जा रही हैं, जिनमें मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या शामिल है। जेलों के अंदर से व्यापारियों और आम लोगों से फिरौती मांगी जा रही है, जिससे पंजाब का हर नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर सचिन पायलट ने एक सनसनीखेज घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति ने मरते समय अपने बयान में राज्य के वित्त मंत्री का नाम लिया था। इसके बावजूद मान सरकार ने आज तक उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पायलट ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद अपने वित्त मंत्री को बचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस सरकार में आते ही राज्य को नशे और अपराध के इस चंगुल से मुक्त कराएगी।

सवाल-जवाब

क्या पंजाब चुनाव में कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी?
नहीं, कांग्रेस फिलहाल पंजाब में विपक्ष में है और पार्टी परंपरा के अनुसार बिना किसी सीएम चेहरे के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। बहुमत मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री तय किया जाएगा।
चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी को लेकर सचिन पायलट ने क्या स्पष्ट किया?
सचिन पायलट ने बताया कि उनकी चरणजीत सिंह चन्नी से बात हुई है। चन्नी ने पूरी ताकत से पार्टी का प्रचार करने और आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं को उजागर करने का आश्वासन दिया है।
क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी हो रही है?
सचिन पायलट ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की वापसी से जुड़ी चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस विषय पर उनसे कोई बातचीत या चर्चा नहीं हुई है।
सचिन पायलट ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
पायलट ने आरोप लगाया कि आप सरकार, राजनेताओं, क्रिमिनल्स और ड्रग माफिया के बीच बड़ा गठजोड़ चल रहा है। जेलों से गैंग चल रहे हैं, सरेआम हत्याएं हो रही हैं और गुजरात से 21,000 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद हुई है।
पंजाब में कांग्रेस का चुनाव प्रचार कौन संभालेगा?
सचिन पायलट स्वयं जल्द पंजाब का दौरा कर जमीनी काम शुरू करेंगे। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से प्रचार का समय मांगा है, और राहुल गांधी ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस पंजाब चुनाव में किन ऐतिहासिक उपलब्धियों को जनता के सामने रखेगी?
कांग्रेस सरदार बेअंत सिंह की शहादत, पंजाब को देश के साथ एकजुट रखने के योगदान और राज्य में हरित क्रांति व श्वेत क्रांति लाने के ऐतिहासिक कार्यों को जनता के सामने रखेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

पंजाब में बिना सीएम चेहरे के सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरने की कांग्रेस की रणनीति राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि इससे आंतरिक गुटबाजी को रोकने में मदद मिल सकती है, लेकिन मतदाताओं के बीच स्पष्टता की कमी भी पैदा हो सकती है। यदि आप पार्टी सत्ता विरोधी लहर और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को आक्रामक रूप से भुनाना चाहती है, तो संगठनात्मक एकजुटता और जमीनी स्तर पर समन्वय ही उसके चुनावी भाग्य का निर्धारण करेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

सहयोगी Ravikash Gupta के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, पंजाब के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि जब कोई दल बिना सीएम चेहरे के मैदान में उतरता है, तो उसका पूरा दारमदार स्थानीय स्तर के जातीय समीकरणों, क्षेत्रीय क्षत्रपों के तालमेल और ज़मीनी कैडर की सक्रियता पर टिक जाता है। ड्रग्स और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर आम आदमी पार्टी को घेरना तभी प्रभावी होगा जब पार्टी के सभी बड़े नेता व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार कर एक मंच से संदेश दें। विशेषकर दलित और ग्रामीण मतदाताओं के बीच पुरानी पैठ को दोबारा मज़बूती देना और विद्रोही सुरों को शांत रखना ही कांग्रेस की इस रणनीति की असली परीक्षा होगी।

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