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पंजाब कांग्रेस विधायकों की चिट्ठी पर बवाल के बीच कुलदीप ढिल्लों बोले, गुटबाजी नहीं सिर्फ राहुल गांधी से मुलाकात की मांगराजनीति
12 अग॰ 2026, 8:15 pm (30 दिन पहले)· 2

पंजाब कांग्रेस विधायकों की चिट्ठी पर बवाल के बीच कुलदीप ढिल्लों बोले, गुटबाजी नहीं सिर्फ राहुल गांधी से मुलाकात की मांग

बरनाला से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि राहुल गांधी को लिखा गया पत्र कोई गुप्त चिट्ठी नहीं बल्कि सभी विधायकों की सामूहिक मांग है, जिसका मकसद सिर्फ मुलाकात का समय लेना है।

पंजाब कांग्रेस में हलचल की चर्चाओं के बीच बरनाला से विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लों ने विधायकों की कथित गुपचुप बैठक और राहुल गांधी को भेजे गए पत्र पर पूरी स्थिति सामने रखी है। उनका कहना है कि न तो किसी तरह की छिपी हुई बैठक हुई और न ही कोई गोपनीय पत्र लिखा गया, बल्कि विधायकों ने मिलकर राहुल गांधी से समय मांगने के लिए एक साझा चिट्ठी भेजी थी।

मुलाकात के लिए समय क्यों मांगा गया

कुलदीप सिंह ढिल्लों के मुताबिक, विधानसभा सत्र चलने के दौरान विधायकों की आपस में रोजाना बैठकें होती रहती हैं। इन्हीं बैठकों में कुछ साथी विधायकों ने राहुल गांधी से रूबरू मिलने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतर चल रहे आपसी खींचतान से जुड़े मसलों को नेतृत्व तक पहुंचाने के साथ-साथ आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तय करने में राहुल गांधी की सलाह लेने के मकसद से यह समय मांगा गया है।

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विधायक ने यह भी साफ किया कि इस पत्र में किसी भी नेता के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं है, और न ही इसके पीछे कोई नया गुट खड़ा करने की सोच है। उनके अनुसार यह चिट्ठी सभी विधायकों की सहमति के बाद सामूहिक तौर पर तैयार की गई।

पार्टी हित के मुद्दे खुलकर रखने की बात

कुलदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हर मंच पर नहीं कही जा सकतीं, इसलिए सीधी बातचीत की जरूरत महसूस हुई। उनका कहना है कि अगर राहुल गांधी के साथ बैठक का मौका मिलता है तो पार्टी के हित से जुड़े विषयों पर बिना लाग-लपेट के अपनी राय रखी जाएगी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अभी तक उन्हें यह जानकारी नहीं मिली है कि राहुल गांधी ने विधायकों को मिलने के लिए कोई न्योता भेजा है या नहीं।

इस पर उन्होंने संक्षेप में कहा,

अगर बुलाएंगे तो जाएंगे, नहीं तो अपना काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कभी विधायकों की बात नहीं सुनी या विधायकों ने अपनी परेशानियां उनके सामने नहीं रखीं। लेकिन हर विधायक और कार्यकर्ता के मन में कभी न कभी राहुल गांधी जैसे बड़े नेता से सीधे मिलकर बात करने की चाहत रहती है, और यही वजह इस मुलाकात की मांग के पीछे है।

क्या पार्टी में गुटबाजी है

पंजाब कांग्रेस में कथित तौर पर चल रही अंदरूनी गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कुलदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी के भीतर पूरी आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था है और हर नेता को अपनी बात कहने तथा आगे बढ़ने की पूरी छूट मिली हुई है। उनका मानना है कि पंजाब में कांग्रेस के पास एक से बढ़कर एक काबिल नेता मौजूद हैं, और नेतृत्व को लेकर आपस में कुछ मतभेद रहना कोई असामान्य बात नहीं है।

अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने एक पुरानी पंजाबी कहावत का सहारा लिया, जिसका मतलब है कि जब दो बर्तन एक साथ रखे जाते हैं तो उनके आपस में टकराने की आवाज स्वाभाविक रूप से आती है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस में नेतृत्व की कोई कमी नहीं है और पार्टी का हर नेता चाहता है कि आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बने।

चिट्ठी किसके लेटरहेड पर लिखी गई

चर्चा में आई इस चिट्ठी को लेकर कुलदीप सिंह ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि यह पंजाब विधानसभा के कांग्रेस सदस्यों का साझा पत्र है, किसी एक व्यक्ति का नहीं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर यह प्रताप सिंह बाजवा की निजी चिट्ठी होती, तो वह उनके व्यक्तिगत लेटरहेड पर लिखी जाती, जबकि यह पत्र कांग्रेस विधायक दल यानी CLP के नेता के आधिकारिक लेटरहेड पर तैयार किया गया है।

उन्होंने आखिर में बताया कि विधायकों की मूल इच्छा सिर्फ राहुल गांधी से मुलाकात करने की है, चाहे वे सबसे एक-एक कर बात करें या पूरे समूह से एक साथ मुलाकात करें। जब भी यह बैठक होगी, हर विधायक अपने-अपने क्षेत्र और पार्टी से जुड़े मुद्दे खुलकर उनके सामने रखेगा।

सवाल-जवाब

कुलदीप सिंह ढिल्लों कौन हैं?
वे पंजाब के बरनाला से कांग्रेस विधायक हैं।
विधायकों की कथित सीक्रेट मीटिंग को लेकर क्या दावा किया गया था?
दावा था कि विधायकों ने राहुल गांधी को गुपचुप पत्र भेजने के लिए एक गुप्त बैठक की, जिसे कुलदीप सिंह ढिल्लों ने खारिज कर दिया।
राहुल गांधी को पत्र क्यों लिखा गया?
विधायकों ने पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर बात करने और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर राहुल गांधी से मार्गदर्शन लेने के लिए मुलाकात का समय मांगा।
क्या पत्र में किसी नेता के खिलाफ शिकायत है?
नहीं, कुलदीप सिंह ढिल्लों के मुताबिक पत्र में किसी नेता के खिलाफ शिकायत नहीं है और न ही किसी नए गुट की बात है।
पत्र किसके लेटरहेड पर लिखा गया है?
यह पत्र प्रताप सिंह बाजवा के निजी लेटरहेड पर नहीं बल्कि CLP नेता के आधिकारिक लेटरहेड पर लिखा गया है।
क्या राहुल गांधी ने विधायकों को मिलने के लिए बुलाया है?
कुलदीप सिंह ढिल्लों के मुताबिक अभी तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

पंजाब कांग्रेस के विधायकों द्वारा राहुल गांधी से सीधे मिलने की यह पहल स्पष्ट करती है कि पार्टी नेतृत्व और राज्य इकाई के बीच संवाद का पारंपरिक ढांचा दबाव में है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की अंदरूनी खींचतान निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच राजनीतिक अनिश्चितता का संदेश देती है, जिससे राज्य की आर्थिक नीतियों और कॉर्पोरेट निवेश पर भी परोक्ष प्रभाव पड़ सकता है। यदि केंद्रीय नेतृत्व ने समय रहते इस गुटबाजी को नियंत्रित नहीं किया, तो यह संगठनात्मक कमजोरी चुनावी नतीजों के साथ-साथ कारोबारी माहौल को भी प्रभावित करेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

रविकेश के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, ज़मीनी स्तर पर यह साफ दिख रहा है कि 2027 के चुनाव से ठीक पहले इस तरह की बगावती सुगबुगाहटें पार्टी कैडर का मनोबल तोड़ती हैं। जब विधायक स्थानीय प्रभारी के बजाय सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक अपनी बात पहुँचाने के लिए ऐसा दबाव बनाते हैं, तो यह राज्य इकाई की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि इस असंतोष को समय रहते संवाद के ज़रिए नहीं सुलझाया गया, तो ज़मीनी स्तर पर बूथ प्रबंधन से लेकर चुनावी रणनीति तक पर इसका सीधा असर पड़ना तय है।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

पंजाब कांग्रेस के विधायकों द्वारा राहुल गांधी से सीधे मिलने की यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ढिल्लों ने भले ही इसे गुटबाजी से इंकार किया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर पार्टी नेताओं के बीच आपसी मतभेदों और नेतृत्व को लेकर खींचातान को केंद्रीय हाईकमान के सामने रखना राज्य इकाई के भीतर गहरे अंतर्द्वंद को उजागर करता है। यदि समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ, तो यह चुनाव से पहले पार्टी की एकजुटता पर बड़ा असर डाल सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·29 दिन पहले

बरनाला विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लों की यह सफाई कि राहुल गांधी को लिखा गया पत्र कोई गुप्त दस्तावेज नहीं बल्कि सामूहिक मांग है, राज्य की राजनीति में बढ़ते आंतरिक दबाव को उजागर करती है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय नेतृत्व से सीधा संवाद स्थापित करने की यह कोशिश यह दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर अनसुलझे मतभेद और नेतृत्व को लेकर असमंजस पार्टी के भीतर गहरी जड़ें जमा चुके हैं। यदि समय रहते इन असंतोषों को शांत नहीं किया गया, तो चुनावी रणनीति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और विपक्षी दल इसका पूरा लाभ उठाने का प्रयास करेंगे।

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