पंजाब की राजनीति अगले विधानसभा चुनाव से पहले ही गरमा गई है। चुनाव में अब एक साल से भी कम वक्त रह गया है और यही वजह है कि सूबे के तीनों प्रमुख दल—BJP, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस—एक साथ मैदान में उतरते दिख रहे हैं। एक ही दिन में तीनों खेमों की हलचल ने साफ कर दिया है कि इस बार की लड़ाई त्रिकोणीय और तीखी होने वाली है।
BJP ने मुख्यालय में बिछाई बिसात
पंजाब को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने मुख्यालय में पदाधिकारियों की एक विस्तृत बैठक बुलाई। इस अहम मंथन में गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल हुए। बैठक का पूरा फोकस इसी बात पर रहा कि आने वाले चुनाव के लिए जमीनी रणनीति किस तरह तैयार की जाए।
दरअसल बंगाल में चुनावी जीत दर्ज करने के बाद पार्टी की निगाहें अब पंजाब फतह करने पर टिकी हैं, और इसी इरादे से शीर्ष नेतृत्व अभी से सक्रिय हो गया है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
जानकारी के अनुसार इस बैठक में पंजाब BJP के अध्यक्ष सरदार केवल ढिल्लों के अलावा सुनील जाखड़, संगठन मंत्री श्रीनिवासलु, अश्विनी शर्मा और इकबाल सिंह लालपुरा जैसे कई दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक में चुनावी तैयारियों और रणनीति के तमाम पहलुओं पर बारीकी से विचार-विमर्श किया गया।
केजरीवाल का बठिंडा में शक्ति प्रदर्शन
दूसरी ओर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी सत्ता में वापसी के लिए कमर कस चुकी है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वापसी का रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है और शुक्रवार को उन्होंने बठिंडा में एक रोड शो किया। इस रोड शो में मुख्यमंत्री भगवंत मान, मनीष सिसोदिया और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे।
केजरीवाल ने साफ कर दिया कि इस बार भी पार्टी भगवंत मान को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना ही पार्टी का लक्ष्य है।
'चार महीने में होंगे चुनाव'
रोड शो के दौरान केजरीवाल ने चुनाव की संभावित तारीख को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, ''मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में होंगे। ऐसे में अब केवल चार महीने बचे हैं। हमें अभी से काम में जुट जाना चाहिए और भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।''
इस मौके पर उन्होंने हाल में हुए निकाय चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों की कामयाबी के लिए जनता का शुक्रिया भी अदा किया। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब नगर निकाय चुनावों में 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों की कुल 1,977 वार्ड सीटों में से 958 सीटों पर जीत हासिल की थी।
कांग्रेस का खरगे-राहुल के नाम पर दांव
इस मुकाबले में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने ऐलान किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव पार्टी मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेगी। जब उनसे पूछा गया कि पंजाब में चुनाव की कमान किसके हाथ होगी, तो उन्होंने दोहराया कि पार्टी खरगे और राहुल गांधी के ही नेतृत्व में मैदान में उतरेगी और इसमें ''कोई संदेह नहीं है।'' वडिंग ने यह भी कहा कि वह एक पार्टी कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ता के रूप में ही काम करते रहेंगे।













