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पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा के बयान पर भारी हंगामा, आम आदमी पार्टी ने जताया कड़ा विरोधराजनीति
7 अग॰ 2026, 9:33 am (36 दिन पहले)· 2

पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा के बयान पर भारी हंगामा, आम आदमी पार्टी ने जताया कड़ा विरोध

पंजाब विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा द्वारा राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना में दी गई एक मिसाल पर भारी हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं का अपमान बताया।

पंजाब विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन सदन के भीतर उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए एक विवादित टिप्पणी की। चंडीगढ़ में आयोजित विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष पर अपनी हर प्रशासनिक नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ने का आरोप लगाया। उनके इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

ध्यान आकर्षित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठा मुद्दा

सदन में गुरुवार को जब ध्यान आकर्षित करने वाले प्रस्तावों पर चर्चा चल रही थी, तब भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय हमेशा केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने पहले से माफी मांगते हुए एक मिसाल दी कि यदि घर में बच्चा पैदा होता है तो सरकार अपनी मेहनत का नतीजा बताती है, लेकिन यदि बच्ची पैदा होती है तो इसके लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरा दिया जाता है। इस बयान के सामने आते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया।

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अवैध खनन और बालू नीति पर उठाए गंभीर सवाल

अपनी टिप्पणी के अलावा अश्विनी शर्मा ने राज्य में जारी अवैध खनन के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार की प्रमुख योजना जिसदा खेत, उसदी रेत की ज़मीनी हक़ीक़त पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सदन में पूछा कि इस नीति का धरातल पर क्या असर हुआ है और ज़मीनी स्थिति क्या है? इसके साथ ही भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न इलाकों में जो कोई भी अवैध खनन के खिलाफ आवाज़ उठाने का प्रयास करता है, उसे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता डराते और धमकाते हैं।

सत्ता पक्ष की कड़ी आपत्ति और माफी की मांग

अश्विनी शर्मा के इस वक्तव्य पर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने बेहद सख्त नाराजगी जताई। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस टिप्पणी को महिलाओं और बेटियों के प्रति अपमानजनक करार देते हुए सदन में हंगामा शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी की ओर से भाजपा विधायक के इस आचरण की कड़ी निंदा की गई और उनसे अपने बयान पर तुरंत और निशर्त माफी मांगने की मांग की गई।

अश्विनी शर्मा की सफाई और पलटवार

बढ़ते हंगामे के बीच अश्विनी शर्मा ने सदन के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह केवल एक पुरानी कहावत के जरिए अपनी बात का उदाहरण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष को यह शब्द असंसदीय प्रतीत होते हैं तो इन्हें सदन की आधिकारिक कार्यवाही से हटा दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह खेद व्यक्त करते हैं। इसके बाद उन्होंने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए सवाल दागा कि जब बरनाला में महिलाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, तब महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले ये नेता कहां थे?

सवाल-जवाब

पंजाब विधानसभा में हंगामे का मुख्य कारण क्या था?
भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा द्वारा राज्य सरकार पर केंद्र को दोष देने का आरोप लगाते समय दी गई एक विवादित मिसाल के कारण सदन में हंगामा हुआ।
अश्विनी शर्मा ने अवैध खनन को लेकर क्या सवाल उठाए?
उन्होंने 'जिसदा खेत, उसदी रेत' नीति की ज़मीनी हक़ीक़त पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अवैध खनन का विरोध करने वालों को डराया जाता है।
सत्ता पक्ष ने भाजपा विधायक के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
आम आदमी पार्टी ने इस बयान पर सख्त ऐतराज जताते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया और विधायक से माफी मांगने की मांग की।
अपने बयान पर अश्विनी शर्मा ने क्या सफाई पेश की?
उन्होंने कहा कि वह केवल एक कहावत के जरिए मिसाल दे रहे थे, और यदि स्पीकर इसे असंसदीय मानते हैं तो इसे कार्यवाही से हटा दिया जाए।
अश्विनी शर्मा ने सत्ता पक्ष पर क्या पलटवार किया?
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बरनाला में महिलाओं पर लाठीचार्ज हुआ था, तब महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाले नेता कहां थे।
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