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राजस्थान की राजधानी में 28 लाख से ज्यादा मतदाता तय करेंगे 19 निकायों की सरकार, 27 अगस्त से पर्चा दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभराजनीति
26 अग॰ 2026, 8:41 pm (16 दिन पहले)· 2

राजस्थान की राजधानी में 28 लाख से ज्यादा मतदाता तय करेंगे 19 निकायों की सरकार, 27 अगस्त से पर्चा दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ

जयपुर जिले के 19 नगर निकायों के 690 वार्डों में पार्षद पद के लिए 27 अगस्त से 31 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को होगा।

जयपुर जिले में स्थानीय शहरी निकाय चुनावों की प्रशासनिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों के लिए पर्चा दाखिल करने की समयावधि तय हो चुकी है। जयपुर नगर निगम सहित जिले की 19 नगर निकायों के कुल 690 वार्डों में पार्षद पद के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हो रही है। इस चुनावी प्रक्रिया में जिले के 28 लाख 25 हजार 46 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव की आधिकारिक लोकसूचना 27 अगस्त को जारी की जाएगी, जिसके बाद उम्मीदवार 31 अगस्त तक अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकेंगे। नामांकन पत्र स्वीकार करने का समय प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

जयपुर नगर निगम का वोटर गणित और नामांकन व्यवस्था

जयपुर नगर निगम क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 24 लाख 33 हजार 121 है। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 12 लाख 61 हजार 380 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 11 लाख 71 हजार 659 दर्ज की गई है। नगर निगम के कुल 150 वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान केंद्रों पर अधिक भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए जिला प्रशासन ने 15 अलग-अलग नामांकन केंद्र स्थापित किए हैं। प्रशासनिक सुविधा के लिए प्रत्येक 10 वार्डों का एक क्लस्टर बनाकर उनके लिए एक विशिष्ट नामांकन केंद्र तय किया गया है, जहां संबंधित वार्डों के प्रत्याशी अपने दस्तावेज जमा करा सकेंगे।

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वार्डवार नामांकन केंद्रों की पूरी सूची

जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए केंद्रों के अनुसार अलग-अलग वार्डों के प्रत्याशी अपने निर्धारित स्थलों पर ही नामांकन पत्र दाखिल करेंगे

  • वार्ड 1 से 10: इन वार्डों के उम्मीदवार रीको रोड नंबर 5 स्थित वीकेआई कार्यालय में अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत करेंगे।
  • वार्ड 11 से 20: इन वार्डों के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय को केंद्र बनाया गया है।
  • वार्ड 21 से 30: यहां के प्रत्याशी नगर निगम झोटवाड़ा जोन कार्यालय में नामांकन जमा करेंगे।
  • वार्ड 31 से 40: इनके लिए खातीपुरा स्थित शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय विद्यालय तय किया गया है।
  • वार्ड 41 से 50: इन वार्डों के उम्मीदवार उपखंड कार्यालय सांगानेर में अपना पर्चा दाखिल करेंगे।
  • वार्ड 51 से 60: इनके लिए पंचायत समिति सांगानेर को नामांकन स्थल बनाया गया है।
  • वार्ड 61 से 70: यहां के उम्मीदवार कलक्ट्रेट के कमरा नंबर 45 में पर्चा जमा करेंगे।
  • वार्ड 71 से 80: इन वार्डों के प्रत्याशी नगर निगम जगतपुरा जोन कार्यालय में नामांकन देंगे।
  • वार्ड 81 से 90: इनके लिए मालवीय नगर जोन कार्यालय निर्धारित किया गया है।
  • वार्ड 91 से 100: यहां के प्रत्याशी सिविल लाइंस जोन कार्यालय में अपना नामांकन पत्र सौंपेंगे।
  • वार्ड 101 से 110: इनके लिए जिला परिषद कार्यालय के पंचायत प्रकोष्ठ को केंद्र बनाया गया है।
  • वार्ड 111 से 120: इन वार्डों के प्रत्याशी नगर निगम पार्ट टू जलेबी चौक कार्यालय में नामांकन दाखिल करेंगे।
  • वार्ड 121 से 130: इनके लिए कलक्ट्रेट के कमरा नंबर 26 को तय किया गया है।
  • वार्ड 131 से 140: यहां के प्रत्याशी राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बनीपार्क में पर्चा जमा करेंगे।
  • वार्ड 141 से 150: इन वार्डों के लिए नगर निगम हवामहल आमेर जोन कार्यालय को नामांकन स्थल बनाया गया है।

दो चरणों में मतदान और मतगणना की समय-सारणी

जिले के 690 वार्डों में चुनावी सरगर्मी के बीच मतदान दो अलग-अलग चरणों में संपन्न कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को आयोजित होगा, जिसमें जिले की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा, जिसमें जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दोनों ही चुनावी दिनों में मतदान की समयावधि सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक रहेगी। वोटों की गिनती 14 सितंबर को की जाएगी और इसी दिन मतगणना पूर्ण होने के बाद चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

प्रशासनिक तैयारियां और कानून-व्यवस्था के निर्देश

जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने सभी संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को चुनावी व्यवस्थाएं समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव संपन्न कराने तक की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील तथा क्रिटिकल मतदान केंद्रों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी, सीमाओं तथा चेकपोस्ट पर वाहनों की सघन जांच, मादक पदार्थों व अवैध हथियारों के परिवहन पर रोक और लाइसेंसी हथियारों को संबंधित थानों में जमा कराने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

सवाल-जवाब

जयपुर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करने की तारीखें क्या हैं?
उम्मीदवार 27 अगस्त से 31 अगस्त के बीच प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं।
जयपुर जिले में कितने मतदाता निकाय चुनाव में वोट डालेंगे?
जयपुर जिले की 19 निकायों में कुल 28,25,046 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें से 24,33,121 मतदाता अकेले जयपुर नगर निगम क्षेत्र के हैं।
जयपुर नगर निगम में वार्ड 1 से 50 के प्रत्याशियों के लिए नामांकन केंद्र कहां बनाए गए हैं?
वार्ड 1-10 के लिए रीको रोड 5 वीकेआई, वार्ड 11-20 के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वार्ड 21-30 के लिए झोटवाड़ा जोन, वार्ड 31-40 के लिए खातीपुरा स्कूल और वार्ड 41-50 के लिए सांगानेर उपखंड कार्यालय तय किया गया है।
जयपुर निकाय चुनाव का मतदान और मतगणना शेड्यूल क्या है?
नगर पालिकाओं व परिषदों के लिए पहला चरण 9 सितंबर को और जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए दूसरा चरण 11 सितंबर को होगा (सुबह 7 से शाम 6 बजे तक)। मतगणना 14 सितंबर को होगी।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·16 दिन पहले

जयपुर के 19 स्थानीय निकायों के इस चुनाव में 28 लाख से अधिक मतदाताओं की भागीदारी केवल राजनीतिक सरगर्मी नहीं बढ़ाती, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास पर भी सीधा असर डालती है। जिला प्रशासन द्वारा वार्डवार क्लस्टर बनाकर 15 नामांकन केंद्र स्थापित करने का प्रशासनिक कदम भीड़भाड़ रोकने के लिए एक कुशल प्रबंधन है। 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान के परिणाम यह तय करेंगे कि जमीनी स्तर पर आर्थिक नीतियों और नागरिक सुविधाओं का क्रियान्वयन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

Neha Verma@neha-verma·16 दिन पहले

जयपुर के इन स्थानीय चुनावों में 28 लाख से अधिक मतदाताओं की यह भागीदारी केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर शहरी जीवनशैली, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय बाजार के परिदृश्य पर भी पड़ेगा। जब 19 निकायों के 690 वार्डों में मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे, तो वह निर्णय शहर के लाइफस्टाइल, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सौंदर्य को भी प्रभावित करेगा। वार्डवार बनाए गए 15 नामांकन केंद्रों से प्रशासनिक प्रक्रिया भले ही सुगम हो गई है, लेकिन असली बदलाव तब दिखेगा जब ये चुने हुए प्रतिनिधि ज़मीनी स्तर पर विकास और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियाँ लागू करेंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

जयपुर के इन स्थानीय चुनावों में 28 लाख से अधिक मतदाताओं की भागीदारी और 15 विशेष क्लस्टर केंद्रों पर नामांकन की व्यवस्था प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक संवेदनशील कार्य है। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि नामांकन के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन न हो और किसी भी संभावित विवाद से निपटने के लिए संवेदनशील बूथों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

जयपुर के इस प्रशासनिक मॉडल से स्पष्ट है कि इतने बड़े शहरी निकाय चुनाव में क्लस्टर आधारित व्यवस्था भीड़ प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए आवश्यक होती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भी जहां स्थानीय चुनाव अक्सर जटिल होते हैं, इस तरह के विकेंद्रीकृत नामांकन केंद्र और लिंग-वार मतदाता संतुलन का यह डेटा राजनीतिक दलों के लिए जमीनी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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