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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: बीजेपी ने कसी कमर, दस नगर निगमों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक तैनातराजनीति
22 अग॰ 2026, 12:07 pm (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान निकाय चुनाव 2026: बीजेपी ने कसी कमर, दस नगर निगमों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक तैनात

राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर बीजेपी ने सांगठनिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने प्रदेश के दस अहम नगर निगमों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है, जो स्थानीय स्तर पर चुनावी तैयारियों और सांगठनिक गतिविधियों का जायजा लेंगे।

आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चल रही हलचल के बीच पार्टी ने प्रदेश के दस महत्वपूर्ण नगर निगम क्षेत्रों के लिए वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को बतौर पर्यवेक्षक मैदान में उतार दिया है। इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन की नब्ज टटोलना, चुनावी तैयारियों को गति देना और जमीनी हकीकत का फीडबैक जुटाना है।

संगठन की तरफ से जारी आधिकारिक सूचियों के मुताबिक राज्य के दस प्रमुख शहरी निकायों को इस विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है। इनमें भीलवाड़ा, पाली, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर और अजमेर के नगर निगम शामिल हैं। ज्यादातर निगम क्षेत्रों में तीन-तीन नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कोटा नगर निगम के लिए विशेष रूप से चार पर्यवेक्षकों की टीम तय की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और चुनावी रणनीतियों को अमलीजामा पहनाने में मदद मिलेगी।

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विभिन्न निगमों में नेताओं को मिली जिम्मेदारी

विभिन्न जिलों में नियुक्तियों का यह दौर काफी रणनीतिक नजर आ रहा है। भीलवाड़ा नगर निगम की कमान देवजी पटेल, गौतम कुमार दक और महेंद्र कुमावत के हाथों में सौंपी गई है। इसी तरह पाली नगर निगम क्षेत्र के लिए सीआर चौधरी, जागेश्वर गर्ग और सुमेधानंद सरस्वती को पर्यवेक्षक बनाया गया है ताकि वे वहां सांगठनिक गतिविधियों को संभाल सकें।

जोधपुर और उदयपुर जैसे बड़े संभागों में भी पार्टी ने अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है। जोधपुर नगर निगम की जिम्मेदारी ओंकार सिंह लखावत, जोराराम कुमावत और किशोर सिंह को दी गई है। वहीं उदयपुर नगर निगम के लिए राजेंद्र राठौड़, कैलाश चौधरी और कालूलाल गुर्जर को यह अहम दायित्व सौंपा गया है।

कोटा और राजधानी जयपुर पर खास नजर

कोटा नगर निगम के लिए पार्टी ने सामान्य से बड़ा दल तय करते हुए चार नेताओं को मैदान में उतारा है। इस सूची में मेघराज लोहिया, कन्हैयालाल चौधरी, सुखबीर सिंह जौनपुरिया और रंजीता कोली का नाम शामिल है। कोटा में चार सदस्यों की यह तैनाती इस बात का संकेत है कि पार्टी इस क्षेत्र की चुनावी गतिविधियों पर बेहद बारीकी से नजर रखना चाहती है।

दूसरी ओर बीकानेर नगर निगम की कमान राजेंद्र गहलोत, सुरेंद्र पाल टीटी और केके विश्नोई को सौंपी गई है। राज्य की राजधानी जयपुर के राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए जयपुर नगर निगम के लिए प्रभुलाल सैनी, सुरेश रावत और कुलदीप धनखड़ को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। राजधानी का राजनीतिक महत्व और यहां की सांगठनिक स्थिति को देखते हुए इस नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।

अलवर, भरतपुर और अजमेर में भी तैनाती

सूची के बाकी हिस्सों में भी कई वरिष्ठ चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। अलवर नगर निगम क्षेत्र के लिए शंकर सिंह राजपुरोहित, जवाहर सिंह बेढम और रामलाल शर्मा को नियुक्त किया गया है। भरतपुर नगर निगम की बागडोर अशोक परनामी, छगन माहुर और संजय शर्मा के हाथों में सौंपी गई है। इसके अलावा अजमेर नगर निगम के लिए अरुण चतुर्वेदी, गोपीचंद मीणा और हीरालाल नागर को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

इन तमाम नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों का मुख्य काम संबंधित निगम क्षेत्रों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता परखना और स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों का आकलन करना होगा। ये नेता चुनाव से जुड़ी रणनीतिक रिपोर्ट तैयार करेंगे जिसके आधार पर पार्टी आगे की रूपरेखा तय करेगी। माना जा रहा है कि इन प्रशासनिक और सांगठनिक कदमों से आने वाले दिनों में राज्य की स्थानीय राजनीति और अधिक गर्माएगी।

सवाल-जवाब

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने कितने नगर निगमों में पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं?
बीजेपी ने प्रदेश के दस प्रमुख नगर निगमों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
कोटा नगर निगम के लिए कितने पर्यवेक्षक बनाए गए हैं?
कोटा नगर निगम के लिए पार्टी ने चार पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है।
इन पर्यवेक्षकों को क्या मुख्य जिम्मेदारी दी गई है?
इन नेताओं को संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में सांगठनिक गतिविधियों, चुनावी तैयारियों और स्थानीय स्थिति का फीडबैक लेने का जिम्मा सौंपा गया है।
जयपुर नगर निगम के लिए किन नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया गया है?
जयपुर नगर निगम के लिए प्रभुलाल सैनी, सुरेश रावत और कुलदीप धनखड़ को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·53 मिनट पहले

राजस्थान निकाय चुनावों के लिए भाजपा द्वारा वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक के रूप में मैदान में उतारना यह दर्शाता है कि पार्टी शहरी क्षेत्रों में सांगठनिक समन्वय और जमीनी फीडबैक को कितना महत्व दे रही है। कोटा और जयपुर जैसे प्रमुख निगमों के लिए बड़ी टीमों की तैनाती से यह स्पष्ट है कि रणनीतिक मोर्चे पर स्थानीय असंतोष को समय रहते थामने और चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने की पुख्ता तैयारी चल रही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·53 मिनट पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस रणनीतिक तैनाती से केवल चुनावी प्रबंधन मजबूत नहीं होगा, बल्कि प्रशासनिक और खुफिया तंत्र के साथ तालमेल बिठाकर कानून-व्यवस्था और संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा समीकरणों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। चुनावी रैलियों और जनसंपर्क के दौरान भीड़ नियंत्रण और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले निगमों जैसे कोटा और जयपुर में जमीनी खुफिया फीडबैक किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में निर्णायक साबित होगा।

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