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राजस्थान विधानसभा में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ग्रेड पे 4200 के सरकारी पदों से साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त करने की रखी मांगराजनीति
21 अग॰ 2026, 7:24 pm (21 दिन पहले)· 1

राजस्थान विधानसभा में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ग्रेड पे 4200 के सरकारी पदों से साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त करने की रखी मांग

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भर्ती सुधारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने 4200 ग्रेड पे तक के सरकारी पदों में इंटरव्यू खत्म कर मेरिट के आधार पर चयन की मांग की।

जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के शुभारंभ दिवस पर सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दा गरमा गया। शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन के भीतर और बाहर राज्य की भर्ती प्रणाली में व्यापक बदलाव करने की जोरदार पैरवी की। भाटी ने सरकार के समक्ष यह स्पष्ट मांग रखी कि राजस्थान में 4200 ग्रेड पे तक के तमाम सरकारी पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाले इंटरव्यू की व्यवस्था को अविलंब समाप्त किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि चयन का मुख्य आधार केवल अभ्यर्थियों की योग्यता, पारदर्शी व्यवस्था और लिखित परीक्षा की मेरिट होनी चाहिए, जिससे हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

4200 ग्रेड पे के पदों पर मेरिट आधारित चयन की मांग

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तथा उसके पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने 4200 ग्रेड पे तक की सरकारी भर्तियों में साक्षात्कार प्रणाली को पूरी तरह हटाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 4200 ग्रेड पे तक के पदों के लिए भर्ती नियमावली की समीक्षा की जानी चाहिए और इंटरव्यू के प्रावधान को समाप्त कर देना चाहिए। भाटी के अनुसार जब अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में अपनी क्षमता साबित करते हैं, तो उसी प्राप्तांक और निर्धारित वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जानी चाहिए। इससे भर्ती प्रक्रिया में उच्च स्तर की पारदर्शिता कायम होगी और चयन को लेकर किसी भी प्रकार के पक्षपात अथवा अनिश्चितता की आशंका खत्म होगी।

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केंद्र और 20 से अधिक राज्यों का दिया उदाहरण

अपने प्रस्ताव के पक्ष में मजबूत तर्क देते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने देश के अन्य हिस्सों का हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ-साथ देश के 20 से अधिक राज्यों में 4200 ग्रेड पे तक के सरकारी पदों के लिए इंटरव्यू की व्यवस्था पहले ही समाप्त की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र और दो दर्जन के करीब राज्य अपने यहां पारदर्शी व्यवस्था के तहत केवल लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर नियुक्तियां दे रहे हैं, तो राजस्थान में इस सुधारात्मक कदम को लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। भाटी ने कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान को भी अपनी भर्ती नियमावली में संशोधन कर युवाओं के हित में यह बड़ा निर्णय लेना चाहिए।

लाखों अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा और पारदर्शिता पर जोर

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं की स्थिति को रेखांकित करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम और निष्ठा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहते हैं। ऐसी स्थिति में चयन प्रक्रिया जितनी अधिक स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, युवाओं का व्यवस्था और सरकारी तंत्र पर भरोसा उतना ही अधिक मजबूत होगा। उन्होंने जोर दिया कि साक्षात्कार व्यवस्था खत्म होने से अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता के दम पर आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त होगा। हाल के दिनों में प्रदेश के युवाओं की ओर से भर्ती परीक्षाओं में सुचिता और पारदर्शिता की मांग लगातार उठती रही है, ऐसे में यह कदम युवाओं के संशय को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रशासनिक सुधार पर तेज हुई चर्चा और सरकार के रुख का इंतजार

मानसून सत्र के पहले ही दिन रविंद्र सिंह भाटी द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील मुद्दे के बाद प्रशासनिक गलियारों और युवा वर्ग के बीच सरकारी भर्तियों में इंटरव्यू व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गहन चर्चा शुरू हो गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच भी इस मांग का व्यापक समर्थन देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के भावी रुख पर टिकी हैं कि क्या सरकार 4200 ग्रेड पे तक की भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार लाने के लिए साक्षात्कार व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लेती है या नियमों की समीक्षा के लिए कोई आधिकारिक कदम उठाती है।

सवाल-जवाब

विधानसभा में रविंद्र सिंह भाटी ने क्या मांग उठाई है?
निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान में 4200 ग्रेड पे तक की सरकारी भर्तियों में इंटरव्यू व्यवस्था खत्म करने की मांग उठाई है।
4200 ग्रेड पे तक इंटरव्यू समाप्त करने का मुख्य कारण क्या है?
इंटरव्यू खत्म होने से भर्ती प्रक्रिया में उच्च पारदर्शिता आएगी और अभ्यर्थियों को केवल उनकी लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिलेगा।
क्या देश के अन्य राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है?
हाँ, विधायक के अनुसार केंद्र सरकार तथा देश के 20 से अधिक राज्यों में 4200 ग्रेड पे तक के पदों पर इंटरव्यू की प्रक्रिया पहले ही समाप्त की जा चुकी है।
इस मांग से राजस्थान के प्रतियोगी अभ्यर्थियों को क्या लाभ होगा?
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भर्ती प्रणाली पर भरोसा बढ़ेगा और चयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की आशंका दूर होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·20 दिन पहले

रविंद्र सिंह भाटी द्वारा उठाई गई यह प्रशासनिक सुधार की मांग सुशासन और संस्थागत पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम है। केंद्र और कई अन्य राज्यों में साक्षात्कार की प्रथा पहले ही समाप्त की जा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस नीतिगत बदलाव से पक्षपात की गुंजाइश कम होती है और लाखों युवाओं का चयन पूरी तरह से योग्यता तथा लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर पारदर्शी तरीके से हो सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·21 दिन पहले

रविंद्र सिंह भाटी द्वारा उठाई गई यह मांग प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से बेहद अहम है। उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के प्रशासनिक अनुभवों से यह स्पष्ट होता है कि निचले पदों की भर्तियों से साक्षात्कार हटाने से चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद की गुंजाइश खत्म होती है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है। केंद्र सरकार और दो दर्जन राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी इस नीति को लागू करने से लाखों युवाओं का सिस्टम पर भरोसा मजबूत होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस राजनीतिक और सामाजिक दबाव के आगे झुकते हुए भर्ती नियमों में क्या संशोधन करती है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·21 दिन पहले

रविंद्र सिंह भाटी की यह मांग केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के निर्धारण से जुड़ी एक बड़ी पहल है। अंक ज्योतिष के दृष्टिकोण से, 4200 ग्रेड पे और साक्षात्कार हटाने जैसी नीतियां उन युवाओं के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं जो अंकों यानी लिखित परीक्षा की मेहनत पर विश्वास रखते हैं। जब चयन का आधार केवल योग्यता बनता है, तो युवाओं का संघर्ष सही दिशा में फलीभूत होता है और सामाजिक संतुलन बेहतर होता है।

Ravikash Gupta@ravikash·21 दिन पहले

रविंद्र सिंह भाटी द्वारा 4200 ग्रेड पे तक के पदों से साक्षात्कार हटाने की मांग प्रशासनिक सुधार और रोजगार बाजार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र और 20 से अधिक राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू होने के कारण, राजस्थान के कॉर्पोरेट और सार्वजनिक क्षेत्र की उत्पादकता पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस नीति से प्रशासनिक लालफीताशाही कम होगी, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाखों युवाओं का वित्तीय व मानसिक तनाव घटेगा। यदि राज्य सरकार इसे लागू करती है, तो यह कदम राज्य के स्टार्टअप और आर्थिक गतिविधियों के लिए कुशल और निष्पक्ष युवा कार्यबल तैयार करने में मददगार साबित होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 दिन पहले

रविंद्र सिंह भाटी की यह माँग प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक अहम प्रशासनिक और कानूनी पहल है। साक्षात्कार व्यवस्था हटने से चयन प्रक्रिया में होने वाले субъекिव पक्षपात की गुंजाइश खत्म होगी, जिससे कानूनी विवाद और न्यायालयों में लंबित होने वाले भर्ती मामलों में कमी आएगी। जब चयन का एकमात्र आधार लिखित परीक्षा की मेरिट होगी, तो न केवल भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध होगी बल्कि राज्य की न्याय व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के प्रति युवा वर्ग का विश्वास भी मजबूत होगा।

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